Monsoon Diet Tips: बरसात में किस तरह की डायट है सही? जानें क्या कहता है आयुर्वेद

बरसात में खुद को बीमार होने से बचाने से कुछ ज़रूरी एहतियात बरतनी चाहिए। खासकर, मॉनसून में डायट से जुड़ी गलतियां आपकी सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। (Ayurvedic Diet Tips for Monsoon in Hindi)

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मॉनसून डायट टिप्स

Ayurvedic Diet Tips for Monsoon: बरसात का मौसम जल्द ही आने वाला है। मॉनसून में बरसात के साथ पनपने वाली मौसमी बीमारियों (Monsoon Diseases) की रोकथाम के लिए तैयारियां अब तेज़ हो गयी हैं। प्रशासन और नगर पालिकाओं सहित अन्य सभी इकाइयां इन बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए दवाइयों के छिड़काव, साफ-सफाई, गड्ढे भरने और मच्छरों को रोकने के लिए ज़रूरी उपाय अपनाती हैं। इसके साथ ही व्यक्तिगत स्तर पर लोगों को भी बरसात में खुद को बीमार होने से बचाने के लिए कुछ ज़रूरी एहतियात बरतनी चाहिए। खासकर, मॉनसून में डायट से जुड़ी गलतियां (Diet Mistakes in Monsoon) आपकी सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। (Ayurvedic Diet Tips for Monsoon in Hindi)

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आयुर्वेदिक डायट टिप्स

आयुर्वेद में मॉनसून में डायट (Monsoon Diet in Ayurveda) से जुड़ी कुछ सावधानियां बतायी गयी हैं जिनके आधार पर लोग अपने खान-पान में बदलाव करते हैं। यहां पढ़ें कुछ ऐसी ही हेल्दी डायट टिप्स जो, बरसात के मौसम के लिए कारगर हैं।

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बरसात में किस तरह की डायट है सही ?

मॉनसून में ऐसे फूड्स का सेवन करना चाहिए जो पचने में भारी ना हों। इसी तरह ऐसे फल और सब्ज़ियों का सेवन करना ठीक माना जाता है जिनमें पानी की मात्रा कम हो। तरबूज़ (Watermelon) और ककड़ी (Cucumber) जैसे रसीले और अधिक पानी वाले फूड्स का सेवन करने से पेट फूलने (Bloating) की तकलीफ हो सकती है। इसीलिए, इनसे परहेज करें।( Monsoon Diet Tips in Hindi)

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खाएं चोकर वाला आटा

चोकर (Choker) डायटरी फाइबर का अच्छा स्रोत है। गेंहूं के आटे की रोटियां बनाते समय लोग इस चोकर को छानकर अलग कर देते हैं। लेकिन ऐसा करने से आपको फाइबर प्राप्त नहीं होता। बरसात में चोकर वाला आटा खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है और पेट की समस्याएं नहीं होतीं। (Benefits of eating choker)

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ताज़े फल-सब्ज़ियां खाएं

मॉनसून में जिस एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए वह यह है कि हमेशा ताज़े कटे फल और सब्ज़ियों का ही सेवन करें। सब्ज़ियां और फल खरीदते समय अच्छी तरह जांच लें कि वे ताज़ी और अच्छी क्वालिटी की हों। गिलगिले या बहुत अधिक पके हुए फल (Overriped Fruits) और पुरानी सब्ज़ियों का सेवन आपको बीमार बना सकता है। इसी तरह कभी भी कटे हुए फल-सब्ज़ियां ना खरीदें।

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हेल्दी मॉनसून स्नैक

मकई के रसीले दानों का स्वाद हर किसी को पसंद आता है और बरसात के मौसम में हर तरफ भूने हुए भुट्टे आसानी से मिल जाते हैं। थोड़ा काला नमक (Black Salt) और नींबू का रस (Lemon Juice) लगाकर ताज़ा भूना भुट्टा खाएं। यह एक हेल्दी इवनिंग स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है। जिससे, ना केवल आपका पेट भरेगा बल्कि, फाइबर, पोटैशियम और कैल्शियम भी प्राप्त होगा। (Benefits of eating corn in monsoon)

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नॉन-वेज से करें परहेज

मांसाहारी भोजन का सेवन मॉनसून में नहीं करना चाहिए। दरअसल, बरसात में भोजन पर बैक्टेरिया (Bacteria) बहुत तेज़ी से पनपता है। इस तरह के मांस का सेवन करने से कई बीमारियां का खतरा बढ़ जाता है। (Side Effects of Eating Non-veg in Monsoon)

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फ्राइड फूड और जंक फूड से करें तौबा

बरसात में फूड पॉयजनिंग की समस्या बहुत अधिक होती है। इसकी वजह दूषित पानी और दूषित भोजन का सेवन करना है। इसीलिए, बरसात में हमेशा घर का बना सादा और गर्म खाना खाएं। तेल में तले भोजन का सेवन अपच और ब्लोटिंग जैसी परेशानियों का कारण बन सकता है।