आयुष मंत्रालय ने बताए बहती नाक को रोकने के घरेलू उपाय, रोजाना रात को सोने से पहले नाक में ड़ालें ये दो तेल, म‍िलेगी राहत

Running Nose Causes and Ayurvedic Remedies: सर्दियों के मौसम में अगर आप भी बहती नाक से परेशान हो जाते हैं, तो आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए उपायों को अपनाकर इससे छुटकारा पा सकते हैं।

Written by Ashu Kumar Das | Published : December 26, 2025 7:22 AM IST

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सर्दियों में नाक क्यों बहती है?

Running Nose Causes and Ayurvedic Remedies: सर्दियों का मौसम आते ही हमारे देश में ज्यादातर बहती हुई नाक से परेशान हो जाते हैं। ठंडी हवा लगते ही नाक से पानी निकलना आम हो जाती है। बहती हुई नाक से निकलने वाले पानी को पोंछते- पोंछते कई बार तो लोगों की नाक बिल्कुल लाल हो जाती है। मैं भी सर्दियों में बहती हुई नाक से परेशान हो ही जाती हूं। लेकिन पिछले दिनों बहती हुई नाक से राहत पाने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा शेयर किए गए नुस्खे को आजमाने के बाद मुझको न सिर्फ बहती हुई नाक से छुटकारा मिला, बल्कि सर्दी-खांसी की समस्या में भी कमी आई। इसलिए आज मैं आपको बताने जा रही हूं आयुष मंत्रालय ने कौन से नुस्खे बताए हैं, जिन्हें अपनाने से बहती हुई नाक से राहत मिल सकती है। 

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सर्दियों में नाक क्यों बहती है?

आयुर्वेद के अनुसार, नाक बहना सिर्फ एक मौसमी परेशानी नहीं है, बल्कि यह शरीर के दोषों (विशेषकर कफ दोष) के असंतुलन का संकेत होती है। सर्दी का मौसम कफ प्रधान होता है। ठंड, नमी और ज्यादा तेल- मसाले वाला खाना खाने की वजह से सर्दियों में कफ दोष बढ़ जाता है। कफ दोष बढ़ने के कारण नाक बहना, गले में दर्द, बलगम गाढ़ा होना और साइनस जमा होने की समस्या होती है। इसके अलावा सर्दियों में घरों के दरवाजे-खिड़कियां ज्यादातर समय बंद रहते हैं। इसकी वजह से घर के किचन के धुआं, धूल, मिट्टी, पालतू जानवरों के बाल और एलर्जन हवा में जमा हो जाते हैं। इसकी वजह से एलर्जिक राइनाइटिस हो सकता है। इसके कारण भी नाक बहने की समस्या हो सकती है।  Also Read - इन 3 सप्लीमेंट्स से जोड़ों में दर्द से पाएं राहत, अकड़न की परेशानी भी होगी कम

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आयुष मंत्रालय ने बताया कैसे पाए बंद नाक से छुटकारा

आयुष मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, बंद नाक से छुटकारा पाने के लिए प्रतिमर्श नस्य सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। नस्य करने से बलगम ढीला होता है और बहती नाक से छुटकारा मिलता है। नस्य करने के लिए सुबह और शाम दोनों नाक के छिद्रों में तेल डालना चाहिए। नस्य करने के लिए आप नाक में तिल, नारियल का तेल या शुद्ध घी की एक-एक बूंद डालें। नाक में तेल डालने के लिए चम्मच का नहीं बल्कि ड्रॉप का इस्तेमाल करें।

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नाक से तेल डालने से क्या होता है?

नाक में तेल डालने से नाक के अंदर की श्लेष्मा झिल्ली (mucous membrane) को पोषण मिलता है। इससे ठंडी हवा, धूल और एलर्जी से होने वाली नाक के अंदर वाली जलन कम होती है। आयुर्वेद के अनुसार, तिल का तेल या देसी घी नाक में डालने से कफ को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इससे नाक से पानी गिरना धीरे-धीरे कम होने लगता है। 1 सप्ताह तक रोजाना नाक में तिल का तेल और घी डालने से नाक बहने की समस्या कम हो जाती है। Also Read - लिवर के लिए कौन सी सब्जी खानी चाहिए? जिनसे Liver Damage का खतरा होगा कम

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नाक में तेल डालने से कम होता है साइनस

सर्दियों में घर पर नस्य करने से नाक के अंदर जमे एलर्जन बाहर निकल जाते हैं। इससे साइनस को आराम मिलता है। सीने में जमा हुआ बलगम ढीला होता है। नाक में तिल, नारियल का तेल या घी डालने से सिर का भारीपन कम होता है। ये सिरदर्द, बदन दर्द और सूखी खांसी को भी घटाता है।

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बहती नाक को रोकने के घरेलू उपाय

नस्य के अलावा आप बहती नाक को रोकने के लिए भाप भी ले सकते हैं। इसके लिए गर्म पानी में अजवाइन या तुलसी डालकर छोड़ा सा गर्म करें, ताकि इसमें भाप आ जाए। इससे दिन में 1–2 बार भाप लें। गर्म पानी का भाप लेने से सीने में जमी बलगम ढीली होती है, नाक खुलती है। सर्दियों में रोजाना गर्म पानी की भाप लेने से बहती नाक, सर्दी, खांसी और जुकाम की परेशानी दूर होती है। Also Read - बिस्तर पर लेट कर खाना खाते हैं तो सावधान, शरीर में पैदा हो रही हैं एक साथ कई बीमारियां

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गरम पानी के गरारे

बहती नाक को रोकने के लिए गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक डालकर मिला लें। इसमें दिन में 2 बार गरारे। नमक पानी के गरारे करने से गले की जलन कम होती है और नाक से पानी आना धीरे-धीर कम होने लगता है। बहती नाक से राहत पाने के लिए आप दिन में 2 से 3 बार गरम पानी के गरारे कर सकते हैं। ध्यान रहे गरारे वाला गर्म पानी ज्यादा गर्म न, इसे हल्का गुनगुना रखें, ताकि गरारे सही तरीके से हो सकें।