क्या सिर्फ डायबिटीज में आता है बार-बार पेशाब? या दूसरी बीमारियां भी है इसका कारण

Verified Medically Reviewed By: DR. Vineet

कई लोगों को लगता है कि सिर्फ डायबिटीज की वजह से बार-बार पेशाब आता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। कई अन्य कारणों से भी बार-बार पेशाब आने की दिक्कत हो सकती है।

Written by Anju Rawat | Updated : February 20, 2026 1:07 PM IST

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बार-बार पेशाब आने के कारण क्या हैं?

बार-बार पेशाब आना एक सामान्य लक्षण लग सकता है, लेकिन यह हमेशा केवल डायबिटीज से जुड़ा हुआ नहीं होता। इस स्थिति को “फ्रीक्वेंट यूरिनेशन” कहा जाता है और इसके कई शारीरिक, हार्मोनल, संक्रमण जनित या जीवनशैली से जुड़े कारण हो सकते हैं। डायबिटीज में रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाने से किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने लगती है, जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ जाती हैं। लेकिन अगर ब्लड शुगर सामान्य है और फिर भी बार-बार पेशाब की समस्या हो रही है, तो अन्य कारणों की जांच आवश्यक हो जाती है। आइए, एससीएम हेल्थकेयर के प्रिंसिपल कंसल्टेंट, यूरोलॉजिस्ट और एंड्रोलॉजिस्ट डॉ. विनीत मल्होत्रा (Dr. Vineet Malhotra, Principal Consultant, Urology, Sexology, Andrology, Infertility Treatment, SCM Healthcare) से जानते हैं कि बार-बार पेशाब आने के पीछे क्या कारण जिम्मेदार हो सकते हैं?

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1. यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) यानी मूत्र मार्ग संक्रमम की वजह से बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। महिलाओं में यूटीआई की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब की इच्छा होना, पेशाब करते समय दर्द होना, पेशाब पूरा न निकलना आदि यूटीआई के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए अगर आपको बार-बार पेशाब आता है, तो इसे सीधा डायबिटीज न समझ लें। यह यूटीआई का संकेत भी हो सकता है।  Also Read - क्या बार-बार पेशाब आना सिर्फ डायबिटीज का संकेत होता है? जानें ऐसा क्यों होता है

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2. हार्मोनल असंतुलन

हार्मोनल असंतुलन की वजह से भी बार-बार पेशाब आ सकता है। कई बार हार्मोनल असंतुलन की वजह से शरीर में पानी का संतुलन प्रभावित हो जाता है। इससे बहुत ज्यादा पेशाब या प्यास लगने की समस्या हो सकती है। जब शरीर में थायराइड हार्मोन का उत्पादन ज्यादा होता है, तो इस स्थिति में मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है और इससे पेशाब बार-बार आ सकता है। प्रेग्नेंसी में मूत्राशय पर दबाव पड़ता है, इससे बार-बार पेशाब आना सामान्य माना जाता है।

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3. ओवरएक्टिव ब्लैडर

ओवरएक्टिव ब्लैडर की स्थिति में भी मूत्राशय पर दबाव पड़ता है और बार-बार पेशाब आने की इच्छा हो सकती है। ओवरएक्टिव ब्लैडर की वजह से मूत्राशय सामान्य से अधिक संवेदनशील हो जाता है, इस स्थिति में बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा हो सकती है। इसके अलावा, किडनी से जुड़ी समस्याएं जैसे पथरी या किडनी संक्रमण में भी पेशाब की आवृत्ति बढ़ सकती है। Also Read - सर्दियों में बार-बार पेशाब क्यों आता है? जानें इसके पीछे के कुछ गंभीर कारण

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4. कैफीन या दवाइयों का सेवन

अत्यधिक कैफीन, चाय-कॉफी, अल्कोहल या ज्यादा तरल पदार्थ लेने से पेशाब की मात्रा बढ़ सकती है। इसके अलावा, कुछ दवाइयां विशेषकर डाइयूरेटिक्स शरीर से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए दी जाती हैं, इससे पेशाब अधिक आता है।

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इन संकेतों की न करें अनदेखी

अगर आपको बार-बार पेशाब आने के साथ कुछ दूसरे लक्षण जैसे-अत्यधिक प्यास लगना, वजन कम होना, जलन, बुखार, कमर दर्द जैसा अनुभव होता है, तो चिकित्सकीय जांच बहुत जरूरी है। इस स्थिति में ब्लड शुगर टेस्ट, यूरिन जांच, किडनी फंक्शन टेस्ट या हार्मोन जांच जरूर कराना चाहिए। सही कारण की पहचान होने पर ही प्रभावी इलाज संभव होता है। Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है। Also Read - इन 5 बीमारियों के कारण पेशाब करने के बाद भी आता है पेशाब, टॉयलेट शीट से उठने का नहीं करता है मन