हाई बीपी को नॉर्मल कैसे करें? जानें 5 टिप्स, जिनसे हार्ट हेल्थ में भी होगा सुधार

Verified VERIFIED By: Dr. Shalini Bliss

High Blood Pressure: हाई बीपी, हार्ट हेल्थ को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। यह हार्ट अटैक समेत कई हृदय रोगों का कारण बन सकता है। इसलिए बीपी को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी होता है।

Written by Anju Rawat | Published : February 19, 2026 2:01 PM IST

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हाई बीपी को कैसे कंट्रोल करें?

High BP Control Tips in Hindi: हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक बड़ी समस्या बन चुकी है। गलत जीवनशैली, खराब खान-पान, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता को हाई बीपी का मुख्य कारण माना जाता है। हाई बीपी शुरुआत में कोई लक्षण विकसित नहीं करता है, जब यह समस्या बढ़कर गंभीर रूप ले लेती है तब लक्षण महसूस होने शुरू होते हैं। कई बार तो हाई बीपी का पता तब चलता है, जब व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है या हृदय से जुड़ी कोई गंभीर बीमारी हो जाती है। हाई बीपी स्ट्रोक, किडनी डैमेज और आंखों की बीमारी का कारण भी बनता है। इसलिए हाई बीपी को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। इसलिए हाई बीपी को नॉर्मल करना बहुत जरूरी होता है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए आप कुछ टिप्स फॉलो कर सकते हैं, इनसे आपको काफी आराम मिलेगा। आइए, पसरी हॉस्पिटल के हेड ऑफ डाइटिशियन शालिनी ब्लिस (Dt Shalini Bliss, Head of Dietician, Psri hospital) से जानते हैं कि हाई बीपी को कंट्रोल कैसे करना चाहिए?

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बैलेंस डाइट लें

हाई बीपी को कंट्रोल में रखने के लिए बैलेंस डाइट लेना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए आप अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दाल का सेवन जरूर करें। लो डेयरी प्रोडक्ट्स, केला, नारियल पानी और पालक आदि भी बीपी को नियंत्रण में रखने में मदद करते हैं। इसलिए आपको अपनी डाइट में इन चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए। हाई बीपी रोगियों के लिए ज्यादा नमक का सेवन करना भी फायदेमंद होता है। स्नैक्स, अचार और फास्ट फूड्स का सेवन करने से बचें। इनमें सोडियम ज्यादा होता है, जो बीपी को अनियंत्रित कर सकता है। Also Read - ब्लड प्रेशर बढ़ने पर सुबह दिखते हैं ये 5 लक्षण, 90 फीसदी लोग कर देते हैं नजरअंदाज

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वजन कम करें

मोटापा या ओवरवेट, हाई बीपी का एक मुख्य कारण होता है। इसलिए वजन को कम करना बहुत जरूरी होता है। वजन कम करने के लिए आपको रोजाना एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। अगर आप फिजिकली एक्टिव रहेंगे, तो इससे हृदय स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक करने से हाई बीपी को कंट्रोल में रखा जा सकता है। आप योग, साइकिलिंग का भी सहारा ले सकते हैं। शारीरिक रूप से सक्रिय रहने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और बीपी कम करने में मदद मिलती है। हालांकि, हाई बीपी के रोगियों को हैवी वर्कआउट करने से बचना चाहिए।

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तनाव दूर करें

लंबे समय तक तनाव में रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। तनाव, बीपी बढ़ने का एक सबसे बड़ा कारण होता है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहा है तो उसके शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, इससे उसका रक्तचाप बढ़ सकता है। तनाव कम करने के लिए आपको रोजाना मेडिटेशन, योगाभ्यास और प्राणायाम जरूर करना चाहिए। साथ ही, रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लें, इससे आपको पर्याप्त आराम मिलेगा और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहेगा। Also Read - ब्लड प्रेशर बढ़ने का क्या मतलब होता है? जानें जब बीपी बढ़ता है तो शरीर में क्या होता है

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कैफीन और धूम्रपान से दूरी बनाएं

बहुत ज्यादा कैफीन, धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। दरअसल, इनमें मौजूद निकोटीन रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है। इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। ज्यादा धूम्रपान और शराब का सेवन करने से हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे बीपी बढ़ सकता है और कंट्रोल करने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए अगर आपका बीपी बढ़ा हुआ रहता है तो कैफीन और धूम्रपान का सेवन करने से पूरी तरह परहेज करें।

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रेगुलर चेकअप कराएं

हाई बीपी को ‘साइलेंट किलर’ माना जाता है। दरअसल, हाई बीपी में लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं, जब यह बीमारी शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा देती है तब इसका पता चल पाता है। इसलिए आपको नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग जरूर करना चाहिए। साथ ही, अगर आपकी हाई बीपी की दवा चल रही है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां बंद बिल्कुल न करें। इससे आपकी दिक्कत बढ़ सकती है। Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है। Also Read - सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है ब्लड प्रेशर? हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें?