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नवरात्रि के पहले दिन मिलेगा कमाल का निखार, आजमाएं 3 पाउडर से तैयार नुस्खा

Navratri Mai Glowing Skin Kaise Paye: क्या आप भी नवरात्रि पर अपने चेहरे पर नेचुरल ग्लो पाना चाहती हैं, तो हमारे बताए इस नुस्खे को आजमाएं। पहले ही इस्तेमाल में दिखेगा असर।

Written By Vidya Sharma
Published : March 18, 2026 2:36 PM IST

नवरात्रि पर चेहरे पर निखार कैसे पाएं?

Navratri Ke Pehle Din Glow Kaise Paye: 19 मार्च से नवरात्रि शुरू हो जाएंगे, ऐसे में जो महिलाएं व्रत रखने वाली हैं वह सजेंगी-सवरेंगी भी, लेकिन क्या मेकअप से आपके चेहरा पर नेचुरल ग्लो आ सकता है? जवाब है न, क्योंकि उन प्रोडक्ट्स में केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह हमारी त्वचा को खराब करने का काम करते हैं, लेकिन वहीं अगर आप हमारे बताए इन 3 नेचुरल पाउडर से तैयार फेस पैक का इस्तेमाल करते हैं तो पहले ही इस्तेमाल में चेहरे पर निखार पा सकते हैं। तो फिर देर किस बात की है? आइए आज हम आपको नेचुरल तरीके से नवरात्रि पर कमाल का निखार पाने का तरीका बताते हैं।

पाउडर से तैयार नुस्खा क्या है?

हम आपको जिन 3 पाउडर से तैयार नुस्खे के बारे में बताने वाले हैं, वह हैं बेसन, चंदन पाउडर और हल्दी पाउडर। एक ओर जहां बेसन हमारे लार्ज स्किन पोर्स को गहराई से साफ करने का काम करता है, तो नहीं चंदन पाउडर त्वचा को ऊपर से साफ करने और गर्मी से होने वाले कील-मुंहासों को कम करने में मदद करता है। वहीं अगर हम हल्दी की बात करें तो इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक और एंटी फंगल गुण स्किन इंफेक्शन को कम करने और स्कार्स को हल्का करने में मदद करता है।

आइए जानें फेस पैक बनाने के लिए क्या चाहिए?

इस नुस्खे को बनाने के लिए चाहिए 1 चम्मच बेसन, 1 चम्मच चंदन पाउडर, ¼ चम्मच हल्दी पाउडर, 1-½ चम्मच दही और 2 चम्मच गुलाब जल। इनका सामग्रियों का कॉम्बिनेशन स्किन के लिए एक नेचुरल क्लींजर और ब्राइटनिंग एजेंट की तरह काम करता है। आइए हम इसे इस्तेमाल करने का तरीका जानें।

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नवरात्रि ग्लो के लिए फेस पैक कैसे बनाएं?

सबसे पहले आप एक कटोरी लें और उसमें बेसन, चंदन पाउडर, हल्दी और दही डालकर, सभी चीजों को मिक्स करके स्मूथ पेस्ट तैयार कर लें। आखिर में गुलाब जल भी मिक्स कर लें। इसे लगाने से पहले आप अपने फेस को क्लीन कर लें, फिर पैक की थिन लेयर अपने फेस पर लगाएं और 15 मिनट तक सूखने के लिए छोड़ दें। समय पूरा होने के बाद आप फेस वॉश कर लें और फिर देखें कैसे पहले ही इस्तेमाल में आपकी स्किन ग्लो करने लगती है।

नेचुरल ग्लो के साथ साफ होगी टैनिंग

इस नेचुरल फेस पैक का इस्तेमाल करने से आपके चेहरे पर नेचुरल निखार तो आएगा ही, साथ ही दिन ब दिन बढ़ती धूप की वजह होने वाली टैनिंग को कम करने में मदद करता है। यह आपकी डेड स्किन को भी साफ करने में मदद करेगा, ताकि नए सेल्स को बनने का मौका मिल पाए।

पिंपल्स और इन्फेक्शन से बचाएगा

बच्चा बार-बार हाथ पैरों में दर्द की शिकायत क्यों करता है? Why does the child repeatedly complain of pain in hands and legs in hindi Bacho Ke Hath Per Mai Dard Kyu Hota Hai: Bachha Baar Baar Body Pain Ki Shikayat Kyu Karta Hai: एक तो मौसम बदल रहा है दूसरा अक्सर कई माता-पिता यह अनुभव करते हैं कि उनके बच्चे हर दूसरे दिन हाथ व पैरों में दर्द की शिकायत करते हैं। कई पेरेंट्स सोचते हैं कि ऐसा ठंडी हवा लगने या ज्यादा खेलने से हो रहा है। लेकिन यह जरूरी है कि आप अपने बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान दें, ताकि वह दर्द से राहत पाकर खुश और स्वस्थ रह सके। क्योंकि अगर आप इसे अनदेखा करते हैं तो समस्या बढ़ सकती है। आमतौर पर अगर बच्चों के साथ ऐसा कुछ हो रहा है और वह बोल नहीं पा रहा है तो कुछ संकेतों से आप समझ सकते हैं। जैसे- बच्चे का दोस्तों के साथ बाहर जाने से बचना, खेलते-खेलते अचानक रुक जाना और हाथ या पैर पकड़ लेना आदि। या क्या वह रात में दर्द के कारण बार-बार जागता है? जिनोवा शाल्बी अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्रुति घाटलिया कहती हैं कि 'अगर ऐसा हो रहा है, तो माता-पिता को डॉक्टर को दिखाना चाहिए। बच्चों में हाथ और पैरों का दर्द आम है, खासकर जब वे तेजी से बढ़ रहे होते हैं। लेकिन अगर यह दर्द बार-बार हो रहा है, तो समय पर जांच जरूरी है। भले ही दर्द ज्यादा गंभीर न हो, फिर भी इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।' आइए डॉक्टर से थोड़ा विस्तार से जानते हैं। दर्द होने का कारण बच्चों में दर्द का सबसे आम कारण “ग्रोइंग पेन” होता है, जो अक्सर दोनों पैरों में होता है। यह सीधे बढ़ने की वजह से नहीं, बल्कि दौड़ने, कूदने और खेलने से मांसपेशियों के थकने की वजह से होता है। कई बच्चों में पोषण की कमी भी होती है, जैसे विटामिन डी, कैल्शियम या आयरन की कमी। इससे हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी हो सकती है, और बच्चा अपने रोज के काम सही से नहीं कर पाता। इसके अलावा, गलत तरीके से बैठना, ज्यादा मोबाइल या टीवी देखना और व्यायाम की कमी भी दर्द का कारण बनते हैं। कभी-कभी बच्चों को वायरल बुखार या इंफेक्शन के दौरान भी हाथ और पैरों में दर्द हो सकता है, जो कुछ समय बाद ठीक हो जाता है। जिन बच्चों के पैर फ्लैट होते हैं या जो सही जूते नहीं पहनते, उनके पैरों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है। कुछ बच्चों में जुवेनाइल आर्थराइटिस (बचपन का गठिया) भी हो सकता है, जिसमें जोड़ों में दर्द और जकड़न होती है। खेलते समय लगी चोट भी दर्द का कारण बन सकती है। माता-पिता को क्या करना चाहिए अगर दर्द हल्का है और कभी-कभी होता है, तो बच्चे को आराम करने दें। उसे संतुलित खाना दें, जिसमें कैल्शियम और विटामिन डी हो, ताकि हड्डियां मजबूत रहें। हल्की मालिश, स्ट्रेचिंग और रोजाना करीब ४५ मिनट खेलना या व्यायाम करना भी फायदेमंद होता है। बच्चे को सही तरीके से बैठने की आदत डालें, चाहे वह स्कूल में हो या घर पर। उसे आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनाएं। माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा एक्टिव रहे, ज्यादा स्क्रीन टाइम से बचे और रोज बाहर खेलें। इससे मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द कम होगा। सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चा बिना दर्द के आराम से चल-फिर सके और खुद को अच्छा महसूस करे। अगर दर्द बार-बार हो या ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें। Highlights अगर बच्चे को खलने में परेशानी हो रही है या रात को रोज हाथ पैर दर्द कर रहें तो ध्यान दें। यह दर्द पोषण की कमी, दौड़ने, कूदने और खेलने से मांसपेशियों के थकने की वजह से होता है। विटामिन डी, कैल्शियम या आयरन की कमी भी इसका कारण हो सकते हैं। Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।