पिंपल्स और इन्फेक्शन से बचाएगा
बच्चा बार-बार हाथ पैरों में दर्द की शिकायत क्यों करता है?
Why does the child repeatedly complain of pain in hands and legs in hindi
Bacho Ke Hath Per Mai Dard Kyu Hota Hai:
Bachha Baar Baar Body Pain Ki Shikayat Kyu Karta Hai: एक तो मौसम बदल रहा है दूसरा अक्सर कई माता-पिता यह अनुभव करते हैं कि उनके बच्चे हर दूसरे दिन हाथ व पैरों में दर्द की शिकायत करते हैं। कई पेरेंट्स सोचते हैं कि ऐसा ठंडी हवा लगने या ज्यादा खेलने से हो रहा है। लेकिन यह जरूरी है कि आप अपने बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान दें, ताकि वह दर्द से राहत पाकर खुश और स्वस्थ रह सके। क्योंकि अगर आप इसे अनदेखा करते हैं तो समस्या बढ़ सकती है।
आमतौर पर अगर बच्चों के साथ ऐसा कुछ हो रहा है और वह बोल नहीं पा रहा है तो कुछ संकेतों से आप समझ सकते हैं। जैसे- बच्चे का दोस्तों के साथ बाहर जाने से बचना, खेलते-खेलते अचानक रुक जाना और हाथ या पैर पकड़ लेना आदि। या क्या वह रात में दर्द के कारण बार-बार जागता है? जिनोवा शाल्बी अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्रुति घाटलिया कहती हैं कि 'अगर ऐसा हो रहा है, तो माता-पिता को डॉक्टर को दिखाना चाहिए। बच्चों में हाथ और पैरों का दर्द आम है, खासकर जब वे तेजी से बढ़ रहे होते हैं। लेकिन अगर यह दर्द बार-बार हो रहा है, तो समय पर जांच जरूरी है। भले ही दर्द ज्यादा गंभीर न हो, फिर भी इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।' आइए डॉक्टर से थोड़ा विस्तार से जानते हैं।
दर्द होने का कारण
बच्चों में दर्द का सबसे आम कारण “ग्रोइंग पेन” होता है, जो अक्सर दोनों पैरों में होता है। यह सीधे बढ़ने की वजह से नहीं, बल्कि दौड़ने, कूदने और खेलने से मांसपेशियों के थकने की वजह से होता है। कई बच्चों में पोषण की कमी भी होती है, जैसे विटामिन डी, कैल्शियम या आयरन की कमी। इससे हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी हो सकती है, और बच्चा अपने रोज के काम सही से नहीं कर पाता। इसके अलावा, गलत तरीके से बैठना, ज्यादा मोबाइल या टीवी देखना और व्यायाम की कमी भी दर्द का कारण बनते हैं।
कभी-कभी बच्चों को वायरल बुखार या इंफेक्शन के दौरान भी हाथ और पैरों में दर्द हो सकता है, जो कुछ समय बाद ठीक हो जाता है। जिन बच्चों के पैर फ्लैट होते हैं या जो सही जूते नहीं पहनते, उनके पैरों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे दर्द हो सकता है। कुछ बच्चों में जुवेनाइल आर्थराइटिस (बचपन का गठिया) भी हो सकता है, जिसमें जोड़ों में दर्द और जकड़न होती है। खेलते समय लगी चोट भी दर्द का कारण बन सकती है।
माता-पिता को क्या करना चाहिए
अगर दर्द हल्का है और कभी-कभी होता है, तो बच्चे को आराम करने दें। उसे संतुलित खाना दें, जिसमें कैल्शियम और विटामिन डी हो, ताकि हड्डियां मजबूत रहें। हल्की मालिश, स्ट्रेचिंग और रोजाना करीब ४५ मिनट खेलना या व्यायाम करना भी फायदेमंद होता है। बच्चे को सही तरीके से बैठने की आदत डालें, चाहे वह स्कूल में हो या घर पर। उसे आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनाएं।
माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा एक्टिव रहे, ज्यादा स्क्रीन टाइम से बचे और रोज बाहर खेलें। इससे मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द कम होगा। सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चा बिना दर्द के आराम से चल-फिर सके और खुद को अच्छा महसूस करे। अगर दर्द बार-बार हो या ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें।
Highlights
अगर बच्चे को खलने में परेशानी हो रही है या रात को रोज हाथ पैर दर्द कर रहें तो ध्यान दें।
यह दर्द पोषण की कमी, दौड़ने, कूदने और खेलने से मांसपेशियों के थकने की वजह से होता है।
विटामिन डी, कैल्शियम या आयरन की कमी भी इसका कारण हो सकते हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।