माता-पिता को अपने मन की बात कैसे समझाएं? पुराने जमाने की सोच बदलेंगे ये 5 तरीक

Verified VERIFIED By: Dr. Malini Saba

How To Share Feeling With Parents: आजकल बच्चों के मन में इन्हीं बातों को लेकर मतभेद रहता है कि उनके माता-पिता समय के साथ नहीं चल रहे हैं और उनकी बात नहीं समझ रहे हैं। साइकोलॉजिस्ट से जानें कैसे पेरेंट्स की सोच बदल सकते हैं।

Written by Vidya Sharma | Published : January 7, 2026 5:26 PM IST

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बच्चे अपने पेरेंट्स की सोच कैसे बदल सकते हैं?

Bacche Apne Parents Ki Soch Kaise Badle: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सोच और पीढ़ियों के बीच का फर्क साफ दिखाई देता है। करियर, शादी, रिश्ते, लाइफस्टाइल या मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जब बच्चे अपनी बात रखना चाहते हैं, तो कई बार माता-पिता की सोच 'हमारे जमाने में…' से शुरू हो जाती है। ऐसे में संवाद की कमी पैदा होती है। लेकिन सही तरीके से बात की जाए, तो माता-पिता भी समझते हैं और समय के साथ अपनी सोच बदलते हैं। बच्चे अपने माता-पिता से मन की बात कैसे कहें? यह सवाल हमने अनुभवी साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा से पूछा। उन्होंने ऐसे 5 असरदार तरीके बताए जिनकी मदद से आप अपने पेरेंट्स की पुरानी सोच को बदलने की पहल कर सकते हैं।

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सही समय चुनकर बात करें

अपने मन की बात कहने से पहले यह देखना जरूरी है कि सामने वाला किस मन स्थिति में है। जैसे कि इस बात का ध्यान रखें कि गुस्से या तनाव के समय बात न करें, शांत माहौल में बातचीत शुरू करें और जल्दबाजी में बात रखने से बचें। डॉक्टर सबा के अनुसार 'शांत माहौल में कही गई बात सीधे दिल तक पहुंचती है। Also Read - अक्सर बच्चे का मूड बिगाड़ देती हैं पेरेंट्स की ये 3 बातें, कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलती

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आरोप लगाने की बजाय भावनाएं साझा करें

बच्चे का माता-पिता को यह कहना कि 'आप कभी मेरी बात नहीं समझते' जैसे वाक्, माता-पिता को रक्षात्मक बना देते हैं। कोशिश करें कि इसकी बजाय 'मुझे ऐसा महसूस होता है', 'मैं अंदर से बहुत दबाव महसूस करता/करती हूं' आदि। इससे माता-पिता आपकी बात को समझने की कोशिश करते हैं।

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उनकी सोच का सम्मान करें

माता-पिता की सोच उनके अनुभवों और हालात से बनी होती है। इसलिए उनकी बात ध्यान से सुनें, यह मानें कि उनका इरादा गलत नहीं होता और अपनी राय धीरे और सम्मान से रखें। जब उन्हें लगेगा कि आप उनकी बात सुन व समझ रहे हैं तो वह आपकी बात भी सुनेंगे। सम्मान मिलने पर सोच बदलना आसान हो जाता है। Also Read - Healthy parenting: बच्चों के सफल जीवन के लिए पेरेंट्स और बच्चे के बीच गहरा रिश्ता होना जरूरी

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उदाहरण और तर्क के साथ बात रखें

सिर्फ भावनाओं से नहीं, बल्कि समझदारी से बात करना जरूरी है। आज के समय और जरूरतों का उदाहरण दें और समाज में आए बदलावों की बात करें। आप चाहें तो किसी भरोसेमंद उदाहरण का जिक्र करे सकते हैं। साइकोलॉजिस्ट कहती हैं, कि 'जब बात तर्क और समझ के साथ रखी जाती है, तो माता-पिता भी सोचने पर मजबूर होते हैं।'

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एक बातचीत में सब बदलने की उम्मीद न रखें

कई लोग चाहते हैं कि एक ही बार में माता-पिता सब समझ जाएं, लेकिन ऐसा कम ही होता है। एक बार में कुछ नहीं होता है बल्कि सोच बदलने में समय लगता है। ऐसे में छोटी-छोटी बातचीत ज्यादा असर करती है और धैर्य रखना सबसे जरूरी है। इससे धीरे-धीरे माता-पिता आपकी बात समझने लगते हैं। Also Read - Girls Hostel in Every District: हर जिले में गर्ल हॉस्टल होगा तो मानसिक रूप से सशक्त बनेंगे लड़कियां

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एक जरूरी बात

बच्चों को समझना जरूरी है कि माता-पिता आपके विरोधी नहीं होते। वे बस उसी सोच के साथ बड़े हुए हैं, जो उन्होंने अपने समय में सीखी। अगर आप प्यार, सम्मान और समझदारी से बात करेंगे, तो उनके विचारों में बदलाव जरूर आएगा। अपने मन की बात कहना हर बच्चे का अधिकार है, और माता-पिता का काम है उसे समझना। लेकिन इस बीच संवाद की शुरुआत आपको ही करनी होती है। डॉक्टर के अनुसार 'संवाद ही वो रास्ता है जो पीढ़ियों के बीच की दूरी को कम करता है।' Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।