दाल को कैसे बनाएं ताकि यूरिक एसिड ना बढ़े?

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Kaise dal banaye taki uric acid na badhe : दाल खाने से यूरिक एसिड बढ़ जाएगा, आपको भी इस बात की चिंता रहती है, तो हम आपको बताने जा रहे हैं इसे पकाने ऐसे तरीके के बारे में, जिससे आपकी सारी चिंता खत्म हो जाएगी।

Written by Ashu Kumar Das | Published : December 23, 2025 1:04 PM IST

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दाल को कैसे बनाएं ताकि यूरिक एसिड ना बढ़े

How to cook lentils that doesnt increase uric acid levels : दाल खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है। ये बात हम सबने सुनी है और बहुत सारे लोग मानते भी हैं। दाल खाने से यूरिक एसिड बढ़ने लगेगा, इसके लिए कई लोग दाल खाते ही नहीं है। डाइटिशियन प्रांजल कुमत का कहना है कि असल में दाल खुद नुकसानदायक नहीं है, बल्कि दाल को बनाने और खाने का गलत तरीका यूरिक एसिड बढ़ने का कारण बन सकता है। अगर दाल को सही तरीके से पकाया जाए, तो ये यूरिक एसिड बढ़ने की संभावना कम हो सकती है। तो चलिए देर किस बात, आइए जानते हैं दाल को कैसे पकाया जाए, जिससे यूरिक एसिड बिल्कुल न बढ़ें।

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दाल और यूरिक एसिड के बीच कनेक्शन

डाइटिशियन प्रांजल कुमत का कहना है कि अरहर, मूंग, मसूर दाल प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स है। विभिन्न प्रकार की दालों में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है।  दालों में मौजूद प्यूरीन शरीर में धीरे-धीरे टूटता है। दालें एसिडिक नहीं बल्कि संतुलित होती हैं, लेकिन दालों के कारण यूरिक एसिड तब बढ़ता है, जब दाल को बिना भिगोए पकाया जाता है। कुछ लोग दाल को ज्यादा तेल-मसाले के साथ पकाते हैं, जिसकी वजह से यूरिक एसिड और एसिडिटी बनने की परेशानी होती है। Also Read - क्या गाजर खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है? जाने खाने का सही तरीका

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यूरिक एसिड न बढ़े इसके लिए दाल कैसे बनाएं?

डाइटिशियन बताती हैं कि दाल खाने के बाद यूरिक एसिड न बढ़े, इसके लिए दाल को पकाने से पहले इसे 2 घंटे या इससे भी ज्यादा समय के लिए पानी में भिगोना बहुत जरूरी है। दाल को पानी में भिगोने से प्यूरीन की मात्रा कुछ हद तक कम हो जाती है। ऐसी दाल को पकाना आसान हो जाता है। भिगोने के बाद दाल का पानी फेंकने की बजाय, उसी में दाल को पकाना चाहिए।

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यूरिक एसिड कम रखने के लिए दाल बनाने का सही तरीका

दाल को ज्यादा तेल या मसाले में बिल्कुल न भूनें। दाल को तेल और मसालों में भूनने से  वह भारी हो जाती है। तेल और दालों को एक साथ मिलाने से यूरिक एसिड का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा दाल को पकाने के लिए रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। यूरिक एसिड कंट्रोल में रहे इसके लिए दाल को पकाने के बाद उसमें हल्के जीरा, सरसों के तेल और हींग का तड़का लगाएं। अगर आपको प्याज और टमाटर वाली दाल पसंद है, तो इसे सीमित रखें। टमाटर का ज्यादा खट्टापन यूरिक एसिड बढ़ा सकता है। Also Read - 2 रुपये के इस पत्ते से यूरिक एसिड करें कंट्रोल, जोड़ों में जमा क्रिस्टल टूटकर हो जाएगा बाहर

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यूरिक एसिड कम करने के लिए पतीले में पकाएं दाल

शरीर का यूरिक एसिड न बढ़े इसके लिए जहां तक संभव हो खुले मुंह वाले बर्तन में ही दाल को पकाएं। दाल को पकाते समय उसके ऊपर आने वाले झाग को बीच- बीच में हटाने की कोशिश करें। अगर आप पतीले में दाल नहीं पका सकते हैं तो कुकर में इसे 1-2 सीटी में ही पकाएं। प्रेशर कुकर में दाल ओवर कुक हो जाती है। ओवर कुक दाल खाने से भी यूरिक एसिड और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

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यूरिक एसिड क्या है?

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, यूरिक एसिड शरीर में बनने वाली वो गंदगी है, जो प्यूरीन (Purine)के टूटने से बनती है। प्यूरीन कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। सामान्य स्थिति में किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर करके पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है। लेकिन जब कोई व्यक्ति ज्यादा मात्रा में प्यूरिन ज्यादा खाया जाए तो किडनी सही तरीके से काम नहीं करती है और यूरिक एसिड (What is Uric Acid) शरीर में जमा होने लगता है। इसकी वजह से जोड़ों में दर्द, शारीरिक जलन की परेशानी होती है। Also Read - जोड़ों में जमा यूरिक एसिड को तोड़कर बाहर निकाल फेंकेगी ये स्वादिष्ट चटनी, दर्द और सूजन से भी मिलेगा आराम

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दाल के साथ क्या खाएं, जिससे यूरिक एसिड कम हो?

एक्सपर्ट का कहना है कि दाल को चावल (सीमित मात्रा में), जौ या गेहूं की रोटी, हरी सब्जी और सलाद के साथ खाने से यूरिक एसिड का असर कम होता है। जहां तक संभव हो दाल को लंच में ही खाएं। क्योंकि रात को दाल खाने से पाचन पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे एसिडिटी, पेट में दर्द की परेशानी हो सकती है।