इफ्तार में एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याओं से कैसे बचें?

Iftar Mai Acidity: क्या इफ्तार के बाद आपके पेट में भी दर्द होने लगता है या गैस अधिक बनने लगती है? अगर हां तो ऐसा 5 कारणों से हो सकता है। आइए आपको कारण और उपायों के बारे में विस्तार से बताएं।

Written by Vidya Sharma | Updated : March 27, 2026 11:06 AM IST

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रमजान में पेट से जुड़ी समस्या से कैसे दूर रहें?

Iftar Mai Stomach Problem Ko Kaise Thik Kare: रमजान के दौरान इफ्तारी के समय कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं। यह खाने में जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही हमारी सेहत के लिए नुकसानदेह भी होते हैं। रोजा में लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद इफ्तार में अचानक ज्यादा या तला-भुना खाना खाने से एसिडिटी, गैस, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पूरे दिन हमारा पेट हीलिंग प्रोसेस से गुजर रहा होता है और पाचन तंत्र भी रेस्ट करता है। लेकिन जब हम अचानक ही कुछ तला हुआ या फास्ट फूड खा लेते हैं तो डाइजेशन पर अचानक ही असर पड़ता है। यह आपकी कंडीशन को और भी ज्यादा बिगाड़ सकता है, इसलिए आज हम आपको इफ्तार में एसिडिटी और डाइजेशन से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने के 5 असरदार तरीकों के बारे में बताने वाले हैं।

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इफ्तार की शुरुआत हल्के और संतुलित तरीके से करें

रोजा खोलते समय 1–2 खजूर और गुनगुना पानी या नारियल पानी लेना बेहतर होता है। इससे ब्लड शुगर लेवल अचानक न बढ़कर धीरे-धीरे बढ़ता है, जिससे पेट पर अचानक भार नहीं पड़ता। इसके बाद हल्का सूप या फल लेना पाचन प्रक्रिया को सहज बनाता है। Also Read - बार-बार पेशाब आना क्या डायबिटीज का संकेत है? जानिए कब सतर्क होना है जरूरी

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तले-भुने और मसालेदार भोजन से दूरी

इफ्तार में अक्सर डीप-फ्राइड पकौड़े, समोसे, अत्यधिक मिर्च-मसाले और मीठे शरबत बनाया जाता है। यह पेट में एसिड स्राव बढ़ाने का काम करते हैं जिससे पेट में जलन और भारीपन महसूस होता है। इनसे बेहतर है कि आप ग्रिल्ड, उबला या कम तेल में बना भोजन खाएं। दही, सलाद और फाइबर-रिच फूड्स पाचन को संतुलित रखते हैं।

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छोटे भागों में खाएं, धीरे-धीरे चबाएं

कई बार इफ्तार खोलते समय भूख इतनी अधिक होती है कि व्यक्ति एक साथ अधिक खा लेता है। आपकी यह छोटी सी गलती पेट पर दबाव डाल सकती है और गैस, ब्लोटिंग और पेट दर्द जैसी समस्या को पैदा कर सकती है। इसलिए आप जो भी खाएं और जितना भी खाएं, खाने को अच्छी तरह से चबा-चबाकर और छोटे हिस्सों में खाएं। इससे डाइजेस्टिव एंजाइम बेहतर तरीके से काम करते हैं। Also Read - इन 5 कारणों से गले में खुजली जैसा होता है महसूस, डॉक्टर से जानिए बचाव के उपाय

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पानी सही मात्रा में पिएं

रोजे के दौरान पानी भी नहीं पिया जाता है, इसलिए शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है। खाली पेट होने से गैस बनती है। वहीं अगर आप इफ्तार में प्यास की वजह से अधिक पानी पी लें तो पेट भरा-भरा महसूस होगा और कम खा पाएंगे। इसलिए इफ्तार से सहरी तक 6–8 गिलास पानी धीरे-धीरे पिएं। कोल्ड ड्रिंक्स से बचाएं क्योंकि इनमें गैर होती है और आपको पेट फूलने की समस्या हो सकती हैं।

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इफ्तार के तुरंत बाद लेटने से बचें

एक गलती है जो बहुत से लोग करते हैं और वह यह है इफ्तार के बाद तुरंत लेट जाते हैं। खाने के बाद ऐसे लेटना एसिड रिफ्लक्स हो सकता है। इसलिए इफ्तार में खाने के बाद कम से कम 30–45 मिनट तक हल्की वॉक करें या सीधे बैठें। इससे खाना नीचे की ओर पचने में मदद मिलती है। Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है। Also Read - पेशाब में जलन के कारण क्या हैं? क्या किडनी स्टोन भी जिम्मेदार हो सकता है?