बंद नाक, गले की जलन और सूखी खांसी... प्रदूषण के 7 लक्षणों में नस्य थेरेपी से मिलेगी तुरंत राहत

How Nasya Therapy Reduces Effects of Air Pollution : शरीर पर प्रदूषण के प्रभाव को कम करने मे कई आयुर्वेदिक थेरेपी मददगार होती है। इनमें नस्य थेरेपी भी शामिल है-   

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : December 2, 2025, 5:20 PM

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Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma

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प्रदूषण के 7 लक्षणों में नस्य थेरेपी से मिलेगी तुरंत राहत

नवंबर से लेकर जनवरी तक दिल्ली समेत देश के विभिन्न बड़े शहरों में प्रदूषण का कहर देखने को मिलता है। आज के समय में वायु प्रदूषण सिर्फ एक पर्यावरणीय समस्या नहीं रहा, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। हवा में मौजूद धूल, धुआं, स्मॉग, औद्योगिक गैसें और सूक्ष्म कण हमारी श्वसन प्रणाली पर सीधा प्रभाव (Pardushan ke Karna hone wali bimari) डालते हैं। इसका नतीजा ये होता है कि हमे सास की समस्या, सिरदर्द, साइनस, गले की खराश, आंखों में जलन और अस्थमा जैसी समस्या होती है। पिछले कुछ सालो मे जब वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, तब लोग श्वास नली को साफ करने, सर्दी, खांसी और गले की परेशानी से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खों का इस्तेमाल करते है। प्रदूषण के प्रभाव को कम करने वाले आयुर्वेदिक नुस्खे में सबसे खास है नस्य थेरेपी।

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नस्य थेरेपी क्या है?

नस्य थेरेपी आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नस्य थेरेपी का मुख्य उद्देश्य नाक के जरिए शरीर के भीतर औषधीय तेल और काढ़ा पहुंचाया जाता है। इससे श्वसन तंत्र की सफाई होती है। शरीर को पोषण मिलता है और प्रदूषण से जुड़ी विभिन्न प्रकार की परेशानियां दूर होती है। दिल्ली की आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और आयुर्वेदाचार्य डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि नस्य थेरेपी के जरिए वात और कफ संतुलित होते हैं। ये नाक के ऊपरी श्वसन मार्ग पर एक सुरक्षा परत बनाती है। इससे सास लेना आसान हो जाता है। Also Read - पॉल्यूशन की वजह से सीने में भारीपन और दर्द क्यों हो रहा है?

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वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में नस्य थेरेपी कैसे काम करती है?

डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि नस्य थेरेपी नाक में जमा धूल, कण, प्रदूषक और बलगम को ढीला कर निकाल देती है। इससे नाक खुलती है और सांस लेना आसान होता है। नवम्बर - दिसबर मे जब वायु प्रदूषण अपने पीक पर होता है, तब नाक के जरिए शरीर में शरीर मे सूक्ष्म कण जमा हो जाते है। उन्हें निकालने में नस्य थेरेपी मददगार होती है।

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गले को साफ करती है

नस्य में उपयोग किए जाने वाले औषधीय तेल नाक की अंदरूनी परत पर एक लेयर बनाते है। साथ ही, नस्य थेरेपी में नाक से जो तेल जाता है, वो गले पर भी एक  प्रोटेक्टिव लेयर बनाते है। इससे प्रदूषण के कण गले के अंदर नहीं जा पाते है और गला साफ होता है। वायु प्रदूषण के कारण होने वाले गले के दर्द, गले की खराबी को दूर करने मे नस्य थेरेपी फायदेमंद होती है।  Also Read - वायु प्रदूषण के कारण झड़ते और गिरते हैं बाल, ऐसे करें बचाव

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सूजन को कम करती है

डॉ. चंचल शर्मा बताती है कि वायु प्रदूषण के कारण नाक के अंदर सूजन बढ़ जाती है। नस्य थेरेपी की एंटी-इंफ्लेमेटरी जड़ी-बूटियां इस सूजन को कम करती हैं। नस्य थेरेपी में इस्तेमाल की जाने वाली औषधि यष्टिमधु, बाला, अश्वगंधा, कपूर और जटामांसी नाक और गले की सूजन को कम करते है। इससे सर्दी और खांसी जैसी बीमारी कम हो सकती है।

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साइनस को साफ करता है

धूल और स्मॉग के कारण साइनस में कफ जमा हो जाता है। नस्य थेरेपी कफ को पिघलाकर निकलती है। इससे सिर का भारीपन, माथे पर होने पर दबाव, नाक बंद होना और गले में कफ की समस्या कम होती है। Also Read - फिर तेजी से बढ़ा दिल्ली का पॉल्यूशन, हवा में मौजूद धूल-मिट्टी से बचने के लिए डॉक्टर ने दी सलाह

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मानसिक तनाव को कम करता है

नस्य थेरेपी न सिर्फ श्वसन तंत्र बल्कि दिमाग की नसों पर भी असर डालती है। वायु प्रदूषण के कारण होने वाले मानसिक तनाव को दूर करने मे नस्य थेरेपी फायदेमंद होती है। नस्य थेरेपी करवाने से प्रदूषण के कारण होने वाला तनाव, माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या दूर होती है।

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कौन लोग नस्य थेरेपी करवा सकते है?

इस सवाल का जवाब देते हुए आयुर्वेदाचार्य बताती है कि जो धूल-धुएं में अधिक रहते हैं, काम के कारण लंबे समय तक ज्यादा समय घर के बाहर बिताते है या फिर सांस से जुड़ी किसी परेशानी से जूझ रहे है, वो आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की देखभाल मे नस्य थेरेपी करवा सकती है। ध्यान रहे कि बिना आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह के नस्य थेरेपी बिल्कुल न करवाए। Also Read - अलग-अलग अंगों के डॉक्टर से जानें शरीर पर प्रदूषण का असर, इंसान को कैसे बनाता है बीमार

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निष्कर्ष

वायु प्रदूषण से होने वाले नुकसान लगातार बढ़ रहे हैं और यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक नस्य थेरेपी किसी वरदान से कम नहीं है। अगर आप भी देश के प्रदूषित शहर मे रहते है, तो आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की देखभाल मे नस्य थेरेपी जरूर करवाए।

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