प्रदूषण के 7 लक्षणों में नस्य थेरेपी से मिलेगी तुरंत राहत
नवंबर से लेकर जनवरी तक दिल्ली समेत देश के विभिन्न बड़े शहरों में प्रदूषण का कहर देखने को मिलता है। आज के समय में वायु प्रदूषण सिर्फ एक पर्यावरणीय समस्या नहीं रहा, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। हवा में मौजूद धूल, धुआं, स्मॉग, औद्योगिक गैसें और सूक्ष्म कण हमारी श्वसन प्रणाली पर सीधा प्रभाव (Pardushan ke Karna hone wali bimari) डालते हैं। इसका नतीजा ये होता है कि हमे सास की समस्या, सिरदर्द, साइनस, गले की खराश, आंखों में जलन और अस्थमा जैसी समस्या होती है। पिछले कुछ सालो मे जब वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, तब लोग श्वास नली को साफ करने, सर्दी, खांसी और गले की परेशानी से राहत पाने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खों का इस्तेमाल करते है। प्रदूषण के प्रभाव को कम करने वाले आयुर्वेदिक नुस्खे में सबसे खास है नस्य थेरेपी।
