प्रदूषण से प्रभावित बच्चों के फेफड़े
बचपन वह समय होता है जब शरीर के सभी अंग तेजी से विकसित होते हैं। इसी दौरान हमारे फेफड़े भी बढ़ते और मजबूत होते हैं। लेकिन आज जिस तरह पॉल्यूशन चरम सीमा से भी ज्यादा बढ़ गया है कि हर उम्र के लोगों के लिए जानलेवा बन गया है। ऐसे में छोटे बच्चे या हाल में पैदा हुए बच्चे के लिए यह बहुत ही ज्यादा नुकसानदेह है। क्योंकि प्रदूषण बचपन से ही सांस के जरिए फेफड़ों तक जाकर, उनके विकास को रोक रहा है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर नवनीत का कहना है। उन्होंने बताया कि अगर इसी तरह नाजुक उम्र में बच्चा लगातार प्रदूषित हवा में सांस लेता रहा है, तो इसका असर केवल उस समय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह फेफड़ों की ग्रोथ और हेल्थ को पूरी तरह से प्रभावित कर सकता है।