दिमाग के साथ पूरे शरीर पर अल्जाइमर का कैसे होता है? डॉक्टर से जानें कैसे

Alzheimer Affects: हम में से कई लोगों को लगता है कि अल्जामर दिमाग की बीमारी तो इससे सिर्फ दिमाग पर ही असर पड़ता होगा। लेकिन नहीं, डॉक्टर ने बताया कि कैसे अल्जाइमर हमारे शरीर को प्रभावित करता है।

Written by Vidya Sharma | Published : September 24, 2025 4:42 PM IST

1/6

अल्जाइमर का शरीर पर असर

Alzheimer's Se Body Par Kya Asar Hota Hai: अल्जाइमर रोग एक neurodegenerative disorder है, यानी यह बीमारी धीरे-धीरे दिमाग की कोशिकाओं को नष्ट करती है और उनकी आपसी कनेक्टिविटी बिगाड़ देती है। अल्जाइमर में दिमाग में Amyloid-β नामक प्रोटीन असामान्य रूप से जमा होने लगता है। यह प्रोटीन आपस में चिपककर गांठ जैसी परतें बना देता है। ये प्लाक्स न्यूरॉन्स के बीच संचार को बाधित करते हैं। धीरे-धीरे यह मस्तिष्क कोशिकाओं की मौत का कारण बनते हैं। जब हमने आर्टेमिस हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी एवं मिर्गी कंसल्टेंट डॉक्टर विवेक बरुन से बात की। उन्होंने बताया कि हम सभी यही मानते हैं कि इसपर दिमाग पर ही असर पड़ता है, जिससे सोचने समझने याददाश्त की क्षमता प्रभावित होती है, लेकिन ये न सिर्फ दिमाग बल्कि आपके पूरे शरीर पर भी असर डालता है और धीरे-धीरे आपका शरीर काम करना बंद कर देता है। दुनिया भर में लगभग 2.4 करोड़ लोग अल्जाइमर रोग से पीड़ित हैं। 65 वर्ष से अधिक आयु के 10 में से एक व्यक्ति को यह रोग है। ऐसे आइए थोड़ा विस्तार से जानते हैं कि कैसे अल्जाइमर का प्रभाव शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर पड़ता है।

2/6

दिमाग पर अल्जाइमर का कैसा असर होता है?

अल्जाइमर में दिमाग की कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं, जिससे दिमाग से शरीर तक पहुंचने वाले सिग्नल प्रभावित होते हैं। इसके कारण संतुलन बिगड़ने लगता है और चलने फिरने में दिक्कत आती है। बार-बार गिरने और चोट का खतरा बढ़ जाता है। नहाने, कपड़े पहनने, और बाथरूम का उपयोग करने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए मदद की आवश्यकता हो सकती है। नींद का पैटर्न बिगड़ जाता है। दिन और रात में मरीज कंफ्यूज हो सकता है। मरीज का रिस्पांस धीमा हो जाता है।  Also Read - दिमाग ही नहीं, पूरी शरीर पर पड़ता है अल्जाइमर का असर, जानें कैसे बिगाड़ता है पूरा स्वास्थ्य

3/6

डाइजेशन पर पड़ता है असर

भूख को नियंत्रित करना दिमाग के हाइपोथैलेमस हिस्से में होता है और अल्जाइमर में यह हिस्सा प्रभावित हो जाता है, जिससे मरीज को भूख नहीं लगती है। खाना निगलने में कठिनाई होती है। इसमें आंतों की गति धीमी हो जाती है, जिससे कब्ज और अपच की समस्या बढ़ जाती है।

4/6

बिगड़ जाता है इम्यूनिटी सिस्टम

अल्जाइमर से पीड़ित मरीजों का इम्यून सिस्टम खराब हो सकता है। ऐसा शारीरिक गतिविधि और खानपान में कमी के कारण होता है। पीड़ित मरीजों में सर्दी-जुकाम, बुखार, मूत्र में संक्रमण होना आम हो जाती है। बीमारियां जल्दी होने के साथ-साथ रिकवरी भी धीमी हो जाती है। Also Read - अल्जाइमर का इलाज क्या है? डॉक्टर से जानें

5/6

ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ने लगता है

दिमाग और रक्त वाहिकाओं के बीच संबंध बिगड़ने लगता है, इससे रक्त प्रवाह में रुकावट और नसों की दीवारों पर दबाव बढ़ता है, जो कि ब्लड प्रेशर को सामान्य कर सकता है। इससे दिल की धड़कन और नियमित हो सकती है। स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।

6/6

मांसपेशियां व हड्डियों पर भी होता है असर

अल्जाइमर के मरीजों की शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जिससे मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती है। हड्डियों में मजबूती कम हो जाती है और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। कुछ मामलों में चलने फिरने की क्षमता पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर हो जाती है। यह स्थिति जीवन की गुणवत्ता को धीरे-धीरे घटाती है। Also Read - अल्जाइमर क्या होता है? जानें किन लोगों को होती है यह बीमारी