आम केमिकल वाला है या नहीं?
गर्मियों का मौसम आते कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश के हर बाजार में आम की भरमार हो जाती है। आम फलों का राजा है, इसलिए जब गर्मियों में इसका सीजन शुरू होता है, तो हर कोई आम का खट्टा और मीठा स्वाद चखना चाहता है। आम का नाम सुनते ही मेरे दिमाग में बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं। जब छोटी थी तब मेरे बड़े बाबा अपने बाग लेकर जाते थे और जिस पेड़ से बोलो- आम तोड़कर हाथ में देते थे और हम उसे बड़े ही चांव से खाते थे। उन आमों का स्वाद एकदम रसीला और मीठा होता था। थोड़े बड़े हुए तो पापा दिल्ली जैसे शहर में आकर रहने लगे। आम के सीजन में पापा आम तो घर लेकर आते रहे, लेकिन वो स्वाद नहीं ला पाए। जब उम्र बढ़ी, तो पता चला कि आम का स्वाद केमिकल की वजह से खराब हो गया है। पहले आम को प्राकृतिक रूप से पेड़ों में ही पकने दिया जाता था। लेकिन अब बाजार में मांग ज्यादा होने के कारण केमिकल से आम पकाए जा रहे हैं। ये आम देखने में तो आकर्षक होते हैं, लेकिन सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि जो आम आप खरीद रहे हैं, वह केमिकल से पका हुआ या प्राकृतिक तरीके से।
