बहरापन क्यों होता है और क्या है इसका उपचार, एक्सपर्ट से जानिए बहरेपन का लक्षण और बचाव

बहरापन कानों से जुड़ी एक समस्या है, जिसका समय रहते उपचार किया जा सकता है। बहरेपन के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं शैल्बी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, मोहाली के सीनियर ईएनटी एंड कॉक्लियर इंप्लांट सर्जन डॉ. धीरज सिंह।

Written by Atul Modi | Updated : January 20, 2022 12:02 PM IST

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सुनने की क्षमता का महत्व

हमारा शरीर एक जटिल प्रणाली है जोकि कई सारे अंगों, नसों, हड्डियों और मांसपेशियों से बना है। इस जटिलता के बीच हमारे शरीर की पांच इंद्रियां हैं जो हमारे शरीर को हमारे आसपास के बारे में बाहरी जानकारी लेने में मदद करती हैं। इनमें से किसी एक को नुकसान होने से शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। उनमें से प्रत्येक अंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें से किसी एक के खोने से अन्य इंद्रियों को एक तरह से इसकी भरपाई करने के लिये बेहतर होना पड़ता है। इन्हीं इंद्रियों में से एक है सुनने की क्षमता। श्रवण, वह है जो हमें बाहरी ध्वनियों को पहचानने में सक्षम बनाता है। यह हमें सहज बातचीत करने और अन्य लोगों से जुड़ने में सक्षम बनाता है। इससे हम अपने आसपास के खतरे को पहचान पाते हैं। जैसे, सड़क पार करते समय हॉर्न की आवाज। संगीत सुनना, तनाव और निराशा को दूर करने के लिये सबसे बेहतर तरीकों में से एक माना जाता है। यह हमारी सुनने की क्षमता से ही संभव हो पाता है। श्रवण हमें छोटी-छोटी चीजों का आनंद लेने और संजोने में मदद करता है जैसे किसी प्रियजन की हंसी सुनना या गहरी और सार्थक बातचीत करना या प्रकृति की आवाज सुनना।

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बहरापन कब और क्यों होता है

उम्र के साथ सुनने की क्षमता को होने वाला नुकसान या बहरापन बहुत ही आम है। हालांकि, बहरापन चाहे आंशिक हो या पूर्ण, कई अन्य कारणों से हो सकता है, जबकि एक के बारे में हाल-फिलहाल ही जानकारी मिली है। बहरापन के मुख्य कारणों में बुढ़ापा, तेज आवाज, रोग और आनुवंशिकता शामिल हैं। हमारे कान तीन भागों से बने होते हैं- बाहरी कान, मध्य कान और भीतरी कान। ध्वनि तरंगें बाहरी कान से ईयरड्रम तक जाती हैं जिससे ईयरड्रम कंपन करता है। ईयरड्रम आपके बाहरी और मध्य कान के बीच की पतली त्वचा है। मध्य कान में तीन हड्डियां होती हैं, जिन्हें ओसिक्ल्स कहते हैं। जैसे ही ध्वनि आंतरिक कान तक जाती है, कंपन को बढ़ाने के लिये ओसिक्ल्स और ईयरड्रम एक साथ काम करते हैं। आंतरिक कान में कोक्लीया शामिल है। कोक्लीया तरल पदार्थ और बालों की कोशिकाओं के एक गुच्छे से भरा होता है। कोक्लीया में ये हेयर सेल्स हजारों तंत्रिका के आखिरी सिरे से जुड़ी होती हैं। ध्वनि, कोक्लीया के द्रव के माध्यम से हेयर सेल्स तक जाती है। हेयर सेल्स, ध्वनि तरंग कंपन को इलेक्टिकल सिग्नल में बदलने में मदद करती हैं और वह मस्तिष्क तक जाती हैं। इसके बाद मस्तिष्क इस इलेक्ट्रिकल सिग्नल को ध्वनि के रूप में व्याख्यायित करता है। विभिन्न प्रकार की ध्वनि तरंगें इन बालों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं उत्पन्न करती हैं जो मस्तिष्क को विभिन्न ध्वनियों का संकेत देती हैं। कान के इनमें से किसी भी हिस्से को नुकसान होने से एक या दोनों कानों में आंशिक या पूर्ण बहरापन हो सकता है। Also Read - दिमाग को थका देती है बार-बार सोचने की आदत, जानें कैसे करें कंट्रोल

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बहरेपन के प्रकार और लक्षण

बहरापन तीन प्रकार का होता है, जैसे कंडक्टिव (बाहरी और मध्य कान शामिल हैं), सेंसेरिन्यूरल (आंतरिक कान शामिल है) और मिक्स्ड। यदि किसी को दोनों कानों में से किसी एक में बहरापन के लक्षणों का अनुभव होने लगे, तो उन्हें तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये। बहरेपन के कुछ लक्षणों में शामिल हैं: दबी हुई बात और ध्वनि, शब्दों को सुनने में परेशानी, किसी को जो कह रहे हैं उसे लगातार दोहराने के लिये कहना, टीवी और संगीत की ध्वनि को बढ़ाना, पीछे होने वाले शोर के साथ शब्दों को समझने में कठिनाई, कान बजना, कान में दर्द और सिरदर्द। ये कान के खराब होने के संकेत हो सकते हैं। लेकिन एक कान या दोनों में, आंशिक या पूर्ण, बहरेपन का कारण स्वयं पता नहीं लगाया जा सकता। किसी को अपने डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत है जो सुनने की क्षमता और कानों की जांच करेगा; बहरेपन के प्रकार और कारण को निर्धारित करने के लिये कुछ जांचें की जाती हैं।

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कंडक्टिव हियरिंग लॉस

कंडक्टिव हियरिंग लॉस, इयरवैक्स या तरल पदार्थ के अधिक निर्माण, संक्रमण और ईयरड्रम पंचर के कारण होता है। इस प्रकार का बहरापन आमतौर पर अस्थायी होता है और इसका इलाज किया जा सकता है। बहरापन लगभग पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। डॉक्टर, बने हुए वैक्स को हटाने या सक्शन का उपयोग करने के लिये एक उपकरण का उपयोग करेंगे। जोर से आवाज करने या अपने कान को दबाने से आपके कान का परदा फट सकता है। ईयरड्रम को हुए नुकसान और संक्रमण के कारण तरल पदार्थ को हुए नुकसान का इलाज कुछ एक छोटी सर्जरी से किया जा सकता है। यदि संक्रमण के कारण बहरापन हुआ है तो डॉक्टर कुछ एंटीबायोटिक्स लिख सकते हैं और कुछ ही दिनों में सुनने की क्षमता सामान्य हो जानी चाहिये। Also Read - चांदी के गिलास का पानी होता है बेहद फायदेमंद, रोज पीने से दूर हो जाएंगी ये 4 समस्याएं

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सेंसेरिन्यूरल हियरिंग लॉस

सेंसेरिन्यूरल हियरिंग लॉस, आंतरिक कान को हुई क्षति है। इस प्रकार का बहरापन आमतौर पर स्थायी होता है। यह कई कारणों से हो सकता है। कोक्लीया में हेयर सेल्स को नुकसान होता है जो आंशिक रूप से या पूरी तरह से ध्वनि तरंगों के मस्तिष्क तक पहुंचने के रास्ते को बाधित करती हैं। बुढ़ापा इस क्षति के कारणों में से एक हो सकता है। अत्यधिक तेज आवाजें जो लंबे समय तक 85 डीबी को पार कर जाती हैं, भी कानों को स्थायी नुकसान पहुंचाती हैं। अन्य कारणों में मेनिन्जाइटिस और मम्स जैसे संक्रमण शामिल हैं। सिर पर लगने वाली चोट भी कान को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है। एक अन्य कारक में कुछ दवाएं शामिल हैं। कई दवायें ओटोटॉक्सिक होती हैं, यानी कान को नुकसान पहुंचाती हैं। इस प्रकार के बहरेपन का सबसे आम और उपयोगी उपचार आपके अनूठे बहरेपन के लिये प्रोग्राम किये गये हियरिंग यंत्रों का उपयोग करना है। यदि बहरापन बहुत गंभीर है, तो कई डॉक्टर कॉक्लियर इम्प्लांट की सलाह देते हैं।

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स्थायी बहरापन से बचने के उपाय

स्थायी क्षति से बचने के लिये, कुछ सावधानियां बरती जा सकती हैं, जैसे कि कम आवाज वाले हेडफोन का उपयोग करना, ज्यादा शोर की स्थिति में ईयर प्लग का उपयोग करना, नियमित रूप से अपने कानों की जांच करवाना और बाहरी वस्तुओं से कानों के अंदर पोक करने से बचना। बहरापन न केवल सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि रोजमर्रा की दिनचर्या में भी बाधा डालता है। सुनने में असमर्थ व्यक्ति अपने आपको अलग-थलग कर सकता है। यह कुछ लोगों में अवसाद का कारण भी बन सकता है। यह अन्य लोगों के साथ डिस्कनेक्ट का कारण बनता है जिससे व्यक्ति अकेलापन महसूस करता है। इसलिये, यदि कोई अपने एक या दोनों कानों में कुछ बहरेपन का अनुभव कर रहा है तो न केवल अपने कानों और सुनने की देखभाल करनी है, बल्कि सही उपचार करवाना भी जरूरी है। सुनने की क्षमता का ध्यान रखने से व्यक्ति को एक समृद्ध और सुखी जीवन जीने में मदद मिल सकती है। (Inputs: Dr. Dhiraj Gurvinder Singh, Senior ENT & Cochlear Implant Surgeon, Shalby Multispecialty Hospitals Mohali) Also Read - इन लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है बदलता मौसम, डॉक्टर से जानिए कैसे रहें सुरक्षित