सुनने की क्षमता का महत्व
हमारा शरीर एक जटिल प्रणाली है जोकि कई सारे अंगों, नसों, हड्डियों और मांसपेशियों से बना है। इस जटिलता के बीच हमारे शरीर की पांच इंद्रियां हैं जो हमारे शरीर को हमारे आसपास के बारे में बाहरी जानकारी लेने में मदद करती हैं। इनमें से किसी एक को नुकसान होने से शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। उनमें से प्रत्येक अंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें से किसी एक के खोने से अन्य इंद्रियों को एक तरह से इसकी भरपाई करने के लिये बेहतर होना पड़ता है। इन्हीं इंद्रियों में से एक है सुनने की क्षमता। श्रवण, वह है जो हमें बाहरी ध्वनियों को पहचानने में सक्षम बनाता है। यह हमें सहज बातचीत करने और अन्य लोगों से जुड़ने में सक्षम बनाता है। इससे हम अपने आसपास के खतरे को पहचान पाते हैं। जैसे, सड़क पार करते समय हॉर्न की आवाज। संगीत सुनना, तनाव और निराशा को दूर करने के लिये सबसे बेहतर तरीकों में से एक माना जाता है। यह हमारी सुनने की क्षमता से ही संभव हो पाता है। श्रवण हमें छोटी-छोटी चीजों का आनंद लेने और संजोने में मदद करता है जैसे किसी प्रियजन की हंसी सुनना या गहरी और सार्थक बातचीत करना या प्रकृति की आवाज सुनना।