कोरोना मरीजों में ऑक्सीजन लेवल हो रहा है कम तो घर पर करें ये योगासन, फेफड़े होंगे स्वस्थ, सांस की समस्या भी होगी दूर

कोरोना के मरीजों में यदि 94 से नीचे ऑक्सीजन लेवल जाता है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करने के साथ खुद से भी डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज और योग करना शुरू कर दें। इसके जरिए शरीर में ऑक्सीजन लेवल (yoga to increase oxygen level in Hindi) बढ़ा सकते हैं।

Written by Anshumala | Published : April 26, 2021 11:20 PM IST

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शरीर में ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने वाले योग

Yoga to increase oxygen level: कोरोनावायरस होने पर जब वायरस का हमला फेफड़ों तक पहुंच जाता है, तो मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होनी शुरू हो जाती है। कई बार फेफड़ों में संक्रमण इतना अधिक हो जाता है कि ऑक्सीजन लेवल 90 से नीचे चला जाता है और फेफड़ों में निमोनिया होने पर ऑक्सीजन लेवल गंभीर रूप से नीचे जा सकता है, यदि सही समय पर मरीज को इलाज ना मिले तो। हालांकि, कोरोना के हल्के लक्षणों में बुखार, गले में खराश, स्वाद और सुगंध में कमी, खांसी आदि शामिल है और सांस लेने में तकलीफ होने को गंभीर लक्षण कहा गया है। तो जो लोग कोरोना का इलाज घर पर कर रहे हैं और जिनमें कोरोना के हल्के लक्षण नजर आ रहे हैं, वे भी अपना ऑक्सीजन लेवल नियमित रूप से जांचते रहें। इसे आप ऑक्सीमीटर से जांच सकते हैं। 95 से 100 तक ऑक्सीजन लेवल हेल्दी माना गया है। 94 से नीचे जाना थोड़ी चिंता की बात है और 90 से नीचे जाने का मतलब है आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आप 89 से 94 ऑक्सीजन लेवल को खुद से भी डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज के जरिए बढ़ा सकते हैं। कुछ योग भी शरीर में ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में मदद (yoga to increase oxygen level in Hindi) करते हैं।

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शरीर में ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने वाले योग (yoga To Increase Oxygen Level)

यदि आपका ऑक्सीजन लेवल घर में 92-94 आ रहा है, तो डरें नहीं। यह सामान्य है। हां, इसे 98-96 बनाए रखने के लिए आप योग, व्यायाम, प्राणायाम और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना शुरू कर दें। अनुलोम-विलोम करने से भी शरीर का ऑक्सीजन लेवल तुरंत बढ़ने लगता है।  Also Read - महाशिवरात्रि पर जन्मे बच्चों के लिए भगवान शिव के 10+ दिव्य नाम और उनके पवित्र अर्थ

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गहरी सांस लेकर बढ़ाएं ऑक्सीजन लेवल (Deep Breathing To Increase Oxygen Level)

तेज-तेज सांस लेना फेफड़ों को स्वस्थ रखने का एक सबसे आसान उपाय है। इसे हर किसी को प्रत्येक दिन करना चाहिए, खासकर इस महामारी के समय। इससे आपके फेफड़ों में ऑक्सीजन पहुंचेगा। यदि आपका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो डॉक्टर से संपर्क करके तुरंत इलाज शुरू कर दें। घर पर सारे एहतियात बरतें। हेल्दी खाएं। आराम करें। खूब सोएं। दवाएं समय पर लें और अनुलोम-विलोम, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। इससे फेफड़ा स्वस्थ और मजबूत बनता है। सांस लेने में तकलीफ लगे, सीने में भारीपन लगे तो गहरी सांस लेना शुरू कर दें। पेट के बल सोने से भी ऑक्सीजन सैचुरेशन बढ़ने लगता है।

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अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने का तरीका (How To Do Anulom Vilom In Hindi)

अनुलोम-विलोम सांस से संबंधित बीमारियां जैसे अस्थमा, फेफड़ों की समस्याएं आदि को दूर करता है। इसे करने से तनाव, चिंता, एंग्जायटी आदि दूर होती है। जमीन पर बैठ जाएं। दोनों पैरों को एक-दूसरे पैर के जांघों पर पदमासन की अवस्था में बैठ जाएं। शांत और स्थिर रहें। दाहिने नाक को दाहिने हाथ के अंगूठे से बंद करें। बाईं नाक से गहरी सांस लें। दाहिने नाक पर से अंगूठे को हटाएं और सांस छोड़ दें। सांस छोड़ते समय आपकी बीच की उंगली बाईं नाक के पास रहे। यही प्रक्रिया बाईं नाक से भी करें। सांस लें, सांस छोड़ें। इसका अभ्यास आप 5 मिनट करें। अनुलोम-विलोम सुबह के समय करें। इसे करने का तरीका सही से समझने के लिए किसी योग एक्सपर्ट से भी सलाह ले सकते हैं।  Also Read - क्या बचपन का कैंसर छूने से फैलता है? जानिए चाइल्डहुड कैंसर से जुड़े 5 बड़े मिथक और उनकी चौंकाने वाली सच्चाई