Metabolism and Weight loss: क्‍या होता है मेटाबॉलिज्‍म और वजन घटाने में कैसे करता है मदद? जानिए 5 जरूरी बातें

क्‍या आप जानते हैं मेटाबॉलिज्‍म क्‍या होता है (What is Metabolism in hindi) और वजन घटाने (Weight Loss) में कैसे मदद करता है मेटाबॉलिज्‍म? आइए जानते हैं मेटाबॉलिज्‍म से जुड़ी 5 जरूरी बातें-

Written by Rashmi Upadhyay | Published : March 15, 2021 1:04 PM IST

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मेटाबॉलिज्‍म और वेट लॉस (Metabolism And Weight Loss)

अगर आप भी उनमें से हैं जो अपना वजन घटाने को लेकर बहुत कॉन्‍शियस रहते हैं तो आप अपने डाइटिशियन से, जिम इंस्‍ट्रक्‍टर से या अपने सर्कल के लोगों से मेटाबॉलिज्‍म या चयापचय के बारे में सुनते रहते होंगे। अधिकतर लोगों को बस ये पता होता है कि अगर आपका मेटाबॉलिज्‍म (Metaboolism in hindi) अच्‍छा है तो वजन को बढ़ने से रोका जा सकता है। लेकिन क्‍या आप ये जानते हैं कि असल में मेटाबॉलिज्‍म होता क्‍या है? अगर मेटाबॉलिज्‍म अच्‍छा है तो वजन क्‍यों नहीं बढ़ता? क्‍या मेटाबॉलिज्‍म को बेहतर किया जा सकता है? और वजन घटाने में मेटाबॉलिज्‍म कैसे मदद करता है? अगर आप इन सभी सवालों का जवाब जानना चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है। आइए जानते हैं वेट लॉस और मेटाबॉलिज्‍म में क्‍या संबंध है।

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क्‍या होता है मेटाबॉलिज्‍म? (What Is Metabolism In Hindi)

मेटाबॉलिज्‍म दो प्रोसेस का कॉम्‍बिनेशन होता है जिन्‍हें केटाबॉलिज्‍म (अपचय) एनाबॉलिज्‍म (उपचय) कहते हैं। केटाबॉलिज्‍म वह प्रक्रिया है जिसमें भोजन में से या मॉलीक्‍यूल्‍स या कम्‍पाउंड ((जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट) टूटकर एनर्जी में बदल जाते हैं। ये एनर्जी शरीर को काम करने के लिए बल देती है। जबकि एनाबॉलिज्म प्रक्रिया में आमतौर पर एनर्जी या ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो हमारे द्वारा खाए भोजन से आती है। यह आपके शरीर को नई कोशिकाओं के निर्माण और पुराने को बनाए रखने में मदद करता है। आपका वजन केटाबॉलिज्‍म पर निर्भर करता है। अगर आसान भाषा में समझें तो आप जो खाते हैं उसे जो चीज एनर्जी में बदलती है उसे मेटॉलिज्‍म कहते हैं। उम्र के हर दशक में यानि कि हर 10 साल में मेटाबॉलिक रेट 5 प्रतिशत तक कम हो जाती है। Also Read - बच्चों के लंच में गलती से भी पैक नहीं की जानी चाहिए ये 5 चीजें, ऐसा करके खुद कर रहे बीमार

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क्‍या मेटाबॉलिज्‍म को बेहतर किया जा सकता है? (Can Metabolism Be Improved In Hindi)

वैसे तो आपके मेटाबॉलिक रेट के पीछे आपके जीन्‍स एक बड़ा रोल प्‍ले करते हैं। लेकिन लीन मसल्‍स मास को बढ़ाकर आप अपना मेटाबॉलिज्‍म रेट बढ़ा सकते हैं। लेकिन जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती है मसल्‍स मास घटने लगता है जिससे मेटाबॉलिक रेट (Metabolic Rate) कम हो जाता है। आप अच्‍छी डाइट, स्‍ट्रेंथ ट्रेनिंग और योग कर अपना मेटाबॉलिक रेट बढ़ा सकते हैं।

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वजन घटाने में मेटाबॉलिज्‍म कैसे मदद करता है? (How Metabolism Help For Weight Loss In Hindi)

ये तो आप समझ ही चुके हैं तो आप जो भी खाते हैं उसका एनर्जी में परिवर्तित होना मेटाबॉलिज्‍म कहलाता है। जिन लोगों का मेटाबॉलिक रेट अच्‍छा होता है यानि कि तेज होता है उनका वजन जल्‍दी नहीं बढ़ता है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि आप जो खाते हैं उन कैलोरी को शरीर जल्‍दी बर्न कर लेता है और बॉडी में फैट जमा नहीं हो पाता। जबकि जिनका मेटाबॉलिज्‍म स्‍लो होता है या धीमा होता है उनकी कैलोरी बॉडी में रहती है जो वजन बढ़ने का कारण बनती है। सिर्फ यही नहीं, इसके अलावा मेटाबॉजिल्म बेहतर होने पर आपको अधिक उर्जा मिलती है और आप अच्छा महससू करते हैं। Also Read - Gas After Eating: खाना खाने के बाद तुरंत बाद गैस होने लगती है, तो पिएं ये 4 होममेड ड्रिंक्स

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मेटाबॉलिज्‍म कैसे बढ़ाएं? (How To Increase Metabolism In Hindi)

मेटाबॉलिज्‍म बढ़ाने के कई तरीके हैं। अगर आपको अपने मेटाबॉलिज्‍म को तुरंत बढ़ाना है तो आप प्रोटीन का सेवन कर सकते हैं। जी हां, कार्बोहाइड्रेट और फैट की तुलना में प्रोटीन के सेवन से मेटाबॉलिज्‍म जल्‍दी बढ़ता है। साथ ही प्रोटीन के सेवन से ओवरइटिंग से भी बचा जा सकता है। इसके अलावा, अच्‍छी नींद, संतुलित डाइट, नियमित व्‍यायाम और रोज 8 से 10 ग्‍लास पानी पीना भी मेटाबॉलिज्‍म बढ़ाने में मदद करता है।