वर्ल्ड बुक डे: किताबों से दोस्ती करके देखें, रहेंगे हमेशा हेल्दी

अच्छी किताब पढ़ने से हृदय गति तेज होती है। इससे दिल स्वस्थ रहता है और मूड भी फ्रेश होता है।

Written by Anshumala | Published : April 23, 2018 5:33 PM IST

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Boy Reading A Book

आज है ''वर्ल्ड बुक डे''। किताब पढ़ना हमारी सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद है, इस पर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, दिल्ली की सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. भावना बर्मी कहती हैं कि किताबें पढ़ने से स्ट्रेस लेवल बहुत हद तक कम होता है। स्ट्रेस बीमारियों के 60 प्रतिशत तक होने का मुख्य कारण है। स्ट्रेस से स्ट्रोक के होने का खतरा 50 प्रतिशत और हार्ट डिजीज के होने का खतरा 40 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। यदि आप प्रतिदिन अपनी पसंद की कोई एक किताब को एक घंटा भी पढ़ते हैं, तो गाना सुनने या फिर टहलने के मुकाबले लगभग 68 प्रतिशत तक स्ट्रेस लेवल कम होता है।

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Sleep Well

जब आपको रात में नींद न आए, तो कोई किताब पढ़ना शुरू कर दें। पढ़ने से दिमाग की नसें शांत होती हैं और कब धीरे-धीरे नींद आ जाती है, आपको पता भी नहीं चलता। इसलिए अपनी पसंद की कोई किताब सोने से पहले थोड़ी देर जरूर पढ़ें।  Also Read - बच्चों में कैंसर की पहचान कैसे करें? डॉक्टर से जानिए भारत क्या है Childhood Cancer की स्थिति

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Reading Improve Knowledge

आप जितना पढ़ेंगे, आपकी जानकारी, आपका ज्ञान उतना ही अधिक बढ़ेगा। पढ़ने से आप लोगों के सामने पूरे आत्मविश्वास के साथ बात कर सकते हैं। इससे आत्म-सम्मान में इजाफा होता है।

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Heart Health

दिल की सेहत पर पढ़ने का सकारात्मक प्रभाव होता है। कई अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि कोई अच्छी किताब पढ़ने से हृदय गति तेज होती है। ऐसे में दिल स्वस्थ रहता है। पढ़ने से मूड भी फ्रेश होता है। गुस्से में हैं, उदास हैं या फिर अकेला महसूस कर रहे हैं, तो किताब पढ़ना शुरू कर दें। आपको अच्छा महसूस होगा।  Also Read - 30 की उम्र में भी हो रही है हाई बीपी की समस्या? डॉक्टर से जानिए इसके पीछे के कारण और कैसे करें बचाव

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Creative People

ब आप किताब पढ़ रहे होते हैं, तो आपके सोचने-समझने की क्षमता विकसित होती है। इससे मन में नए-नए विचार आते हैं। आप और भी ज्यादा रचनात्मक बनते हैं।

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Brain Works Better In Old Age

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, दिमाग के कार्य करने की क्षमता धीमी हो जाती है। ऐसे में कुछ भी याद रखना जैसे घर का पता, किसी का नाम, नंबर आदि मुश्किल हो जाता है। इसलिए आप कम उम्र से ही जितनी देर अच्छी-अच्छी किताबें पढ़ने की आदत डालेंगे, मस्तिष्क बढ़ती उम्र में भी उतना ही बेहतर तरीके से अपना कार्य करता रहेगा। Also Read - डायबिटीज मरीज रोजा रखते समय क्या करें और क्या न करें?

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ALzheimers Disease

सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. भावना बर्मी कहती हैं कि पढ़ने और याद्दाश्त के बीच बहुत गहरा संबंध होता है। पढ़ने से मस्तिष्क की मांसपेशियां तेज और सक्रिय होती हैं। साथ ही याद्दाश्त में भी सुधार होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ याद्दाश्त के कम होने और अल्जाइमर रोग से भी आप बहुत हद तक बचे रहते हैं।