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बवासीर में केला खाना चाहिए या नहीं, एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे- नुकसान

Piles me Banana Khana Chahiye: बवासीर के मरीज खानपान को लेकर कई प्रकार के सवाल करते हैं। इसमें प्रमुख सवाल होता है कि क्या वबासीर में केला खाना चाहिए?

Written By Ashu Kumar Das
Updated : April 8, 2026 4:31 PM IST

बवासीर में केला खाना चाहिए या नहीं?

अनियमित खानपान के कारण इन दिनों लोगों को कई प्रकार की बीमारियां घेर रही हैं। इसमें सबसे प्रमुख है कब्ज। कब्ज के कारण बवासीर होने की परेशानी होती है। बवासीर यानी की पाइल्स एक ऐसी समस्या है जिसमें मल द्वार (anus) के आसपास सूजन, दर्द और कभी-कभी खून आने की शिकायत होती है। बवासीर की समस्या होने पर खानपान को लेकर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए जाते हैं। ऐसे में बवासीर के मरीजों के दिमाग में खानपान को लेकर कई तरह के सवाल आते हैं। इन सवालों में सबसे प्रमुख है - क्या बवासीर में केला खाना चाहिए या नहीं (Kya Bawasir Main Kela Khana Chaiye)? आपको या आपके परिवार में किसी व्यक्ति को बवासीर की परेशानी है तो हम आपको बताने जा रहे हैं, इसमें केला खाना चाहिए या नहीं।

आयुर्वेद में केले का महत्व

फरीदाबाद के सेक्टर- 8 स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. विष्णु हरि का कहना है कि आयुर्वेद में केला को एक सात्विक और पौष्टिक फल कहा गया है। केले का रस (Taste) - मधुर (मीठा), वीर्य- शीत (ठंडा) और गुण- गुरु (भारी), स्निग्ध (चिकना) होता है। इसका आसान भाषा में अर्थ यह है कि केला खाने से शरीर को अंदर से ठंडक मिलती है। केला खाने से मल को मुलायम बनाने में मदद मिलती है। जो लोग केला खाते हैं उन्हें मल त्याग में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है। केला खाने से कब्ज और पेट में दर्द की परेशानी कम होती है।

क्या बवासीर में केला खाना चाहिए?

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट बताते हैं कि बवासीर या पेट से जुड़ी अन्य पेट की परेशानियों में केला खाया जा सकता है। लेकिन एक सही तरीके और मात्रा में। आयुर्वेद के अनुसार, बबासीर के मरीजों के लिए केला बहुत फायदेमंद हो सकता है। केले में हाई फाइबर पाया जाता है। यह मल को मुलायम बनाकर कब्ज की परेशानी को दूर करता है।

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बवासीर में केला खाने के फायदे

बवासीर में केला खाने से शरीर को एक नहीं बल्कि कई प्रकार फायदे मिलते हैं। केला आंतों की कार्यक्षमता को सुधारता है। इससे भोजन पचाने की प्रक्रिया आसान बनती है। जिससे मल त्याग आसान होता है। केले की ठंडी तासीर पित्त को शांत करती है, जिससे जलन और सूजन में राहत मिलती है।

बवासीर में कब केला नुकसान कर सकता है?

बवासीर में केला खाना फायदेमंद होता है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह नुकसानदायक भी हो सकता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बवासीर की परेशानी में कच्चा केला खाने से बचना (Bawasir Main Kaccha Kela Khane ke nuksaan) चाहिए। कच्चा केला भारी और कब्ज बढ़ाने वाला होता है। बवासीर में कच्चा केला खाने से समस्या बढ़ सकती है

बवासीर में केला खाने का सही तरीका

बवासीर के मरीजों को एक दिन में 1 से 2 पीस पूरी तरह से पका हुआ केला ही खाना चाहिए। सुबह खाली पेट केले खाना फायदेमंद होता है। इसके अलावा चाहे तो बवासीर के मरीज केले के साथ गुनगुना दूध या शहद का सेवन भी कर सकते हैं। गुनगुने दूध के साथ केला हमेशा रात को सोने से पहले खाएं, इससे मल को नरम करने में मदद मिलती है। एक्सपर्ट के साथ बातचीत के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि बवासीर के मरीज केला खा सकते हैं, लेकिन थोड़ी सी सावधानी के साथ।