English हिन्दी
Advertisement

World No Tobacco Day 2021: धूम्रपान से फेफड़ों के कैंसर के साथ बढ़ जाता है इन अंगों में भी कैंसर होने का खतरा

प्रत्येक वर्ष 31 मई को 'विश्व तंबाकू निषेध दिवस' (World No Tobacco Day 2021 in Hindi) मनाया जाता है। धूम्रपान या स्मोकिंग करने से सबसे ज्यादा नेगेटिव असर हमारे फेफड़ों के ऊपर होता है। आइए जानते हैं, तंबाकू के सेवन और स्मोकिंग करने से फेफड़ों और पूरे शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं, जानें यहां....

Written By Anshumala
Published : May 30, 2021 8:36 PM IST

धूम्रपान किस तरह से फेफड़ों को पहुंचाता है नुकसान

World No Tobacco Day 2021: प्रत्येक वर्ष 31 मई को 'विश्व तंबाकू निषेध दिवस' (World No Tobacco Day 2021 in Hindi) मनाया जाता है। धूम्रपान या स्मोकिंग करने से सबसे ज्यादा नेगेटिव असर हमारे फेफड़ों के ऊपर (smoking side effects on lung in hindi) होता है। जो लोग चेन स्मोकर होते हैं, उनमें फेफड़ों का कैंसर होने की समस्या सबसे अधिक होती है। फेफड़ों का कैंसर बहुत कॉमन है। यह दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण भी है। विश्व में कैंसर से संबंधित जितने भी मामले प्रत्येक वर्ष आते हैं, उनमें से 13% फेफड़े के कैंसर (Lung cancer) से संबंधित हैं। कैंसर से संबंधित 19 % मौतों के लिए भी लंग्स कैंसर (How Smoking effects lungs in hindi) ही जिम्मेदार है। सिगरेट पीने से सबसे ज्यादा यह कैंसर पुरुषों को होता है। प्रत्येक वर्ष लोगों को धूम्रपान से होने वाले नुकसान (Smoking side effects) के प्रति जागरूक करने के लिए ही "वर्ल्ड नो टोबैको डे' सेलिब्रेट किया जाता है। हर वर्ष एक खास थीम के तहत इस दिवस के जरिए लोगों में जागरूकता लाने की कोशिश की जाती है। इस बार "वर्ल्ड नो टोबैको डे 2021' की थीम है 'कमिट टू क्विट' (Commit to Quit)। यह अभियान लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करता है और तंबाकू (Tobacco) छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। आइए जानते हैं किस तरह से तम्बाकू और सिगरेट का सेवन फेफड़ों को पहुंचाता है नुकसान (Smoking side effects in Hindi)....

फेफड़ों के कैंसर का मुख्य जोखिम कारक सिगरेट

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2020 में फेफड़ों का कैंसर (smoking side effects on lung in hindi), कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे आम कारण रहा है। फेफड़ों के कैंसर के लिए सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक सिगरेट स्मोकिंग है। इतना ही नहीं, जो लोग सिगार या पाइप के जरिए तम्बाकू का सेवन करते हैं, उनमें भी फेफड़ों के कैंसर होने का खतरा रहता है। तंबाकू के धुएं में लगभग 7,000 कंपाउंड्स होते हैं, जिनमें से कई विषैले होते हैं।

सिगरेट पीने वालों में लंग कैंसर से मौत की संभावना अधिक

यदि आप चेन स्मोकर हैं, दिन भर में 10-15 सिगरेट पी जाते हैं, तो ऐसा करना छोड़ दें। इससे आपको फेफड़े का कैंसर (smoking side effects on lung in hindi) होने या इससे मरने की संभावना उन लोगों के मुकाबले 15 से 30 गुना अधिक बढ़ जाती है, जो स्मोकिंग नहीं करते हैं। इतना याद रखें, आप दिन में एक-दो सिगरेट भी पीते हैं, तो भी फेफड़े का कैंसर (Lung cancer risk factor) हो सकता है।

Advertisement

तंबाकू चबाने के नुकसान

मैंगलोर में स्थित के.एस. हेगड़े मेडिकल कॉलेज में एमडी डीएम कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट विजय शेट्टी का कहना है कि तंबाकू के सेवन को अक्सर सिगरेट या धूम्रपान करने वाले तंबाकू उत्पादों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, जो लोग तंबाकू चबाते हैं, उनमें मुंह का कैंसर (Mouth cancer) और प्रीकैंसर (असामान्य कोशिकाएं जिनमें कुछ बदलाव हुए हैं और कैंसर बन सकती हैं) के होने की संभावना अधिक रहती है। तंबाकू चबाने से आपको हृदय रोग, मसूड़ों की बीमारी, दांतों की सड़न और दांत खराब होने का भी खतरा होता है।

तंबाकू से 80 लाख लोगों की जाती है जान

बैंगलुरू के एएसटीईआर सीएमआई हॉस्पिटल के एमडी डीएम व कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट आदित्य मुरली के अनुसार, तंबाकू से प्रत्येक वर्ष 80 लाख लोगों की मौत होती है। इस साल किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में कोरोना के साथ अन्य गंभीर बीमारियों के विकसित होने की संभावना अधिक होती है। कोरोनावायरस मुख्य रूप से फेफड़ों पर हमला करता है। धूम्रपान फेफड़ों को कमजोर करता है, जिससे कोविड-19 और अन्य बीमारियों से लड़ना मुश्किल हो जाता है। स्मोकिंग हार्ट डिजीज, सांस की बीमारियों, कैंसर और डायबिटीज के लिए भी एक जोखिम कारक है, जो ऐसे लोगों को कोरोना के अधिक जोखिम में डालता है।

स्मोकिंग से शरीर में कहीं भी हो सकता है कैंसर

स्मोकिंग करने से सिर्फ फेफड़ों में ही कैंसर नहीं होता, बल्कि इससे शरीर के किसी भी भाग में कैंसर होने की संभावना बनी रहती है। इसमें स्वरयंत्र (Larynx), यूरेटर, मूत्राशय (bladder), गर्भाशय ग्रीवा (Cervix), एसोफेगस (Esophagus) लिवर, फेफड़े, अग्न्याशय, पेट सहित और भी जगहें शामिल हैं। इससे कई अन्य बीमारियों के होने का खतरा भी बना रहता है। सिगरेट में कई हानिकारक रसायन होते हैं, जिनमें कैडमियम भी शामिल है। इनका उपयोग कार की बैटरी या सड़क बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले टार में किया जाता है।