World-aids-day-2018-1
एड्स(इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम या एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिसिएंसी सिंड्रोम) एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनो वायरस) की वजह से होता है, जो मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है। इस रोग को पहली बार 1981 में मान्यता मिली। ये एड्स के नाम से पहली बार 27 जुलाई 1982 को जाना गया। पिछले तीस वर्ष से लगातार एड्स के संबंध में जागरुकता एवं उपचार के प्रसार के लिए एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर वर्ष इसके कार्यक्रमों के लिए एक थीम निश्चित की जाती है। इस वर्ष की थीम है नो योर स्टेटस (Know Your Status) । इसके तहत दुनिया भर में एचआईवी/ एड्स के टेस्ट के लिए व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। हालांकि टेस्ट के नेक्सस से भी इन्कार नहीं किया जा सकता, पर आपको यह हक है कि आप इस बीमारी की भयावहता को समझने के लिए अपना और अपने देश का स्टेटस भी जानें।