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पानी पीने के बाद भी बार-बार प्यास क्यों लगती है? जानें पॉलीडिप्सिया के 5 आम कारण

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि पूरे दिन पानी पी रहे हैं लेकिन फिर भी प्यास नहीं बुझ रही है? अगर हां तो बता दें कि इसको पॉलीडिप्सिया कहा जाता है। आइए डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Updated: July 3, 2026, 10:43 AM

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Medically Verified By: Dr Gaurav Jain

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पानी पीने के बाद भी बार-बार प्यास क्यों लगती है?

प्यास लगने पर हम क्या करते हैं? पानी पीते हैं और तृप्त हो जाते हैं। लेकिन कैसा हो कि आप पानी पीने पर लगे हैं लेकिन प्यास ही न बुझे तो? अगर पानी पीने के बाद भी प्यास लगे, तो इसे सामान्य नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसा कई लोगों के साथ होता है कि वॉटर लेने के बाद उन्हें मुंह सूखने और गला सूखने जैसा महसूस होता है। मेडिकल भाषा में इसे पॉलीडिप्सिया कहा जाता है। यह सिर्फ ज्यादा गर्मी या थकान की वजह से नहीं, बल्कि कुछ अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकती है। आइए धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के कंसल्टेंट डॉक्टर गौरव जैन से जानते हैं पॉलीडिप्सिया के 5 आम कारण, जिन्हें समझना बेहद जरूरी है।

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डायबिटीज होने की संभावना

बार-बार प्यास लगने का सबसे आम कारण डायबिटीज हो सकता है। जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो किडनी अतिरिक्त शुगर को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करती है। इससे शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिसके कारण तेज प्यास लगती है। अगर प्यास के साथ बार-बार पेशाब आना, थकान और वजन कम होना जैसे लक्षण भी दिखें, तो शुगर टेस्ट कराना जरूरी है। Also Read - 6 साल तक दर्द सहता रहा 83 साल का बुजुर्ग, सर्जरी में निकलीं करीब 2,000 पथरियां

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शरीर में पानी की कमी

कई बार हम सोचते हैं कि हम पर्याप्त पानी पी रहे हैं, लेकिन हकीकत में शरीर को जितना पानी चाहिए, उतना नहीं मिल पाता। ज्यादा पसीना आना, दस्त, उल्टी, बुखार या बहुत ज्यादा कैफीन और शराब का सेवन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है। डिहाइड्रेशन की स्थिति में शरीर बार-बार प्यास का संकेत देता है, ताकि पानी की कमी पूरी की जा सके।

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अधिक नमक या मसालेदार भोजन

अगर आपकी डाइट में नमक, अचार, चिप्स, फास्ट फूड या बहुत ज्यादा मसालेदार चीज़ें शामिल हैं, तो इससे भी प्यास बढ़ सकती है। ज्यादा सोडियम शरीर के फ्लूड बैलेंस को बिगाड़ देता है, जिससे कोशिकाओं में पानी की कमी महसूस होती है और प्यास लगती है। ऐसे में सिर्फ पानी नहीं, बल्कि संतुलित आहार भी जरूरी होता है। Also Read - मानसून में फास्ट फूड्स खाना कितना खतरनाक हो सकता है? जानें कौन सी बीमारियों का बन सकता है कारण

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हार्मोनल असंतुलन या किडनी से जुड़ी समस्याएं

कुछ हार्मोनल गड़बड़ियां या किडनी की बीमारियां भी पॉलीडिप्सिया का कारण बन सकती हैं। किडनी का काम शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखना होता है। जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो शरीर बार-बार प्यास महसूस करता है। इसके साथ पैरों में सूजन, पेशाब में बदलाव या थकान जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।

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तनाव, चिंता और कुछ दवाएं

लगातार तनाव, एंग्जायटी या मानसिक दबाव की वजह से भी मुंह सूखने और प्यास लगने की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा कुछ दवाएं, जैसे ब्लड प्रेशर, एलर्जी या डिप्रेशन की दवाएं, शरीर में ड्राइनेस बढ़ा सकती हैं। अगर किसी नई दवा शुरू करने के बाद प्यास ज्यादा लगने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। Also Read - प्रेग्नेंट महिलाओं को बरसात में इंफेक्शन होने का रहता है ज्यादा खतरा, इस तरह रहें सुरक्षित

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कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

अगर बार-बार प्यास लगना लंबे समय तक बना रहे, दिन-रात पानी पीने की जरूरत महसूस हो, या इसके साथ वजन में बदलाव, ज्यादा पेशाब, कमजोरी या चक्कर जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डिस्क्लेमर: पॉलीडिप्सिया यानी कि बार-बार पानी पीना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि शरीर का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। समय रहते कारण पहचानकर सही इलाज किया जाए, तो गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। इसलिए अपनी प्यास को समझें और जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच जरूर कराएं।