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शरीर में झुनझुनी होने के क्या कारण हैं?

Body Mai Jhunjhuni Kyu Hoti Hai: कई बार हमें पूरे शरीर में झुनझुनी सी होती है। ऐसा क्यों होता है, इस बार में हमने डॉक्टर से पूछा। उन्होंने क्या कहा, आइए जानते हैं।

Written By Vidya Sharma
Published : August 28, 2025 8:17 AM IST

शरीर में झुनझुनी क्यों होती है?

Body Mai tingling Hone Ka Reason: शरीर में झनझनाहट, जिसे अक्सर सुई चुभने या कांटे चुभने जैसा एहसास कहा जाता है, किसी भी उम्र में हो सकती है। कभी-कभी यह हल्की और अस्थायी होती है, लेकिन यदि यह बार-बार हो या लगातार बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह किसी आंतरिक स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सीनियर कंसल्टेंट एवं डायरेक्टर इन न्यूरो सर्जन डॉक्टर उत्कर्ष भगत ने बॉडी में होने वाली झनझनाहट के पांच सामान्य कारणों के बारे में बताया है, जिनकी सही पहचान और मूल्यांकन जरूरी है ताकि उचित इलाज किया जा सके।

नस पर दबाव या जलन

झनझनाहट का सबसे आम कारण नसों पर दबाव है। लंबे समय तक बैठना, गलत मुद्रा या नस के रास्ते पर दबाव पड़ना रक्त प्रवाह को कम कर सकता है और सामान्य कार्य में बाधा डाल सकता है। रीढ़ की हड्डी में स्लिप डिस्क या कलाई में नस के फंसने जैसी स्थितियां भी लगातार झुनझुनी का कारण बन सकती हैं। शारीरिक जांच और इमेजिंग के जरिए दबाव के स्थान और कारण की पहचान करना दीर्घकालिक नुकसान से बचने के लिए आवश्यक है।

मधुमेह और पेरीफेरल न्यूरोपैथी

भारत में जहां मधुमेह बहुत आम है, वहां परिधीय न्यूरोपैथी हाथ-पैरों में झनझनाहट का प्रमुख कारण है। लगातार उच्च रक्त शर्करा स्तर छोटी नसों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे सुन्नपन, झनझनाहट या जलन जैसी समस्याएं होती हैं। इसका जल्दी पता लगाना महत्वपूर्ण है ताकि समय पर शुगर नियंत्रण और दवा से रोग की प्रगति को रोका जा सके और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे।

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विटामिन की कमी

महत्वपूर्ण विटामिनों, विशेष रूप से विटामिन B12 की कमी नसों के सामान्य कार्य में बाधा डाल सकती है। अपर्याप्त आहार, खराब अवशोषण या कुछ रोगों के कारण विटामिन B12 का स्तर घट सकता है, जिससे झुनझुनी, कमजोरी और थकान हो सकती है। भारत में शाकाहारी आहार प्रचलित होने के कारण यह कमी अक्सर पाई जाती है। नियमित जांच और चिकित्सकीय परामर्श के तहत पूरक दवाएं लेना रोकथाम और उपचार में सहायक होता है।

ब्लड सर्कुलेशन की समस्याएं

खराब रक्त परिसंचरण से नसों और ऊतकों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति कम हो जाती है, जिससे विशेषकर हाथ-पैरों में झनझनाहट होती है। परिधीय धमनी रोग, रक्त के थक्के या लंबे समय तक धूम्रपान करने से रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। समय रहते इन समस्याओं को पहचानना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह गंभीर संवहनी रोग का संकेत हो सकता है, जिसका शीघ्र इलाज आवश्यक है।

न्यूरोलॉजिकल डिजीज

कुछ जटिल स्नायु रोग जैसे मल्टीपल स्क्लेरोसिस, स्ट्रोक या कुछ संक्रमण भी झनझनाहट के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ये रोग मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के संकेतों के संचरण को प्रभावित करते हैं, जिससे असामान्य संवेदनाएँ उत्पन्न होती हैं। इनकी पहचान के लिए अक्सर एमआरआई स्कैन और न्यूरोलॉजिकल जांच जैसे उन्नत परीक्षणों की आवश्यकता होती है। हालांकि झनझनाहट कभी-कभी अस्थायी और हानिरहित हो सकती है, लेकिन यदि यह बार-बार हो या बिना कारण बनी रहे तो चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। विस्तृत इतिहास, शारीरिक जांच और उचित परीक्षणों से डॉक्टर कारण की पहचान कर सही उपचार सुझा सकते हैं।