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कान से अचानक खून या पित्त आने के क्या कारण होते हैं?

क्या आपको भी कान में अचानक दर्द महसूस होता है? कान से खून या पित्त आने लगता है? अगर हां तो इसे नजरअंदाज न करें। आइए आपको बताते हैं इसे लेकर डॉक्टर क्या कहते हैं।

Written By Vidya Sharma
Updated : January 22, 2026 12:03 PM IST

काम से पस और खून आने का कारण

कान से अचानक खून या पित्त जैसा तरल निकलना एक गंभीर संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार यह मामूली चोट के कारण होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी अंदरूनी बीमारी या संक्रमण की ओर इशारा करता है। अगर कान से बार-बार या अधिक मात्रा में खून या पीले रंग का तरल (पित्त) निकल रहा है, तो डॉक्टर के पास जाएं। आपको ज्यादा परेशानी न हो, इसलिए हमने मेडिकव्हर हॉस्पिटल के ईएनटी और एंडोस्कोपिक सर्जन डॉक्टर राजेंद्र वाघेला सेबात की। उनसे जाना कि आखिर ‘कान से अचानक खून या पित्त आने के क्या कारण होते हैं?’ आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।

कान में संक्रमण

कान के अंदर बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण होने पर सूजन और पस (पित्त) बनने लगता है। यह पित्त पीले या हरे रंग का हो सकता है और कई बार इसमें खून भी मिला होता है। इस स्थिति में कान में दर्द, सुनने में कमी, खुजली और बुखार भी हो सकता है। बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, लेकिन वयस्क भी इससे अछूते नहीं हैं।

कान का पर्दा फटना

तेज आवाज, अचानक दबाव में बदलाव (जैसे फ्लाइट यात्रा या गोताखोरी), कान में जोर से कुछ डालना या गंभीर संक्रमण के कारण कान का पर्दा फट सकता है। पर्दा फटने पर कान से खून, पानी या पित्त जैसा तरल निकल सकता है। इसके साथ तेज दर्द और सुनने की क्षमता में कमी भी महसूस हो सकती है।

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चोट या ट्रॉमा

कान पर सीधी चोट लगना, गिरना, सड़क दुर्घटना या किसी कठोर वस्तु से टकराने पर कान के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में कान से खून आना एक चेतावनी संकेत है। अगर चोट सिर तक लगी हो, तो यह और भी गंभीर हो सकता है और तुरंत मेडिकल जांच जरूरी होती है।

कान में फोड़ा या फंगल इंफेक्शन

कभी-कभी कान की नली में फोड़ा या फंगल संक्रमण हो जाता है, जिससे खुजली, जलन और बदबूदार पित्त निकलने लगता है। ज्यादा खुजलाने या कॉटन बड से छेड़छाड़ करने पर खून भी आ सकता है। यह समस्या नमी, स्विमिंग या बार-बार कान गीले रहने से बढ़ सकती है।

क्या करें और क्या न करें?

कान से खून या पित्त आने पर खुद से दवा डालने या कान में कुछ भी डालने से बचें। कान को सूखा रखें और तुरंत ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से जांच कराएं। सही समय पर इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

गंभीर बीमारियां या ट्यूमर

बहुत ही दुर्लभ मामलों में कान से खून या पित्त निकलना किसी गंभीर बीमारी जैसे कान का ट्यूमर, कोलेस्टेटोमा या हड्डियों के संक्रमण का संकेत हो सकता है। इसमें लंबे समय तक बदबूदार डिस्चार्ज, सुनने में लगातार गिरावट और चक्कर आना जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि कान से खून या पित्त आना एक सामान्य समस्या नहीं है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं | साधारण संक्रमण से लेकर गंभीर बीमारियों तक। समय पर जांच और सही इलाज बेहद जरूरी है, ताकि सुनने की क्षमता और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।