Breast-cancer
रोजाना अपने ब्रेस्ट का मसाज करें, आर्मपिट से शुरू करते हुए निप्पल तक मसाज करें। ऐसा करने से स्तनों में खून का प्रवाह बढ़ जाता है और स्तनों के ऊतकों में फ्रेश खून पहुंचने लगता है। लॉरेंस बर्कले नेशनल लाइब्रेरी के रिसर्चर द्वारा किये एक रिसर्च के अनुसार, नियमित रूप से स्तनों का मसाज करने से ये कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि प्रेगनेंसी के दौरान कभी भी स्तनों की मसाज न करें।
आँखों को बंद करके कम से कम 15 मिनट नियमित रूप से ध्यान करें। साइकोन्यूरोएंडोक्रिनोलॉजी (Psychoneuroendocrinology ) जर्नल में प्रकशित एक शोध के अनुसार, नियमित रूप से ध्यान करने से ये ऐसे जीन्स को बढ़ने से रोकते हैं जो इन्फ्लेमेशन को बढ़ावा देते हैं। जिसके फलस्वरूप आप कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बच जाती हैं।
शरीर से ख़राब टोक्सिन को बाहर निकालने के लिए सबसे सही तरीका है कि आप खूब पानी पियें, लेकिन आज कल कई जगह पैक्ड वाटर में क्लोरिन या और अन्य केमिकल भी मिलाये जाते हैं जो आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। एनवायरनमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, पानी में मौजूद क्लोरीन से भी आपको ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। इसलिए पानी को अच्छे से फिल्टर करने के बाद ही पियें।
एनवायरनमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव में प्रकाशित एक अन्य शोध के अनुसार, आज के समय में अनाजों की फसल में और सब्जियों को उगाने में भी कई केमिकल का प्रयोग किया जाता है जिससे ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए आप आर्गेनिक फ़ूड का सेवन ज्यादा करें।
न्यूट्रीशन नामक जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, रोजाना एक्सरसाइज करने से आपका वजन तो दुरुस्त रहता ही है साथ ही इससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है। इसके अलावा व्यायाम करने से जो शरीर से अधिक पसीना निकलता है उससे खराब टोक्सिन शरीर से बाहर निकल जाते हैं और इम्यून सिस्टम भी बेहतर हो जाता है।
महिलाओं के स्तन कई तरह के केमिकल और क्लीनिंग प्रोडक्ट के संपर्क में आते रहते हैं। पॉलिश आर्काइव ऑफ़ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, सौन्दर्य से जुड़े कई प्रोडक्ट्स में ऐसे केमिकल्स होते हैं जिनसे कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बेहतर है आप केमिकल रहित ब्यूटी प्रोडक्ट का प्रयोग करें।