शीतलहर और ठिठुरन वाली ये ठंड इन 5 तरह के रोगियों के लिए है सबसे ज्यादा घातक, ऐसे रखें अपना खास ख्याल

Diseases Caused By Cold Weather: सर्दी-जुकाम के अलावा कई ऐसी समस्याएं हैं जिनका प्रकोप सर्दियों में बढ़ जाता है, यहां हम आपको 5 ऐसी बीमारियों के बारे में बता रहे हैं, जिनके बढ़ने का खतरा सर्दियों में अधिक होता है।

Written by Atul Modi | Published : January 19, 2022 12:52 PM IST

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ठंड का मौसम किन लोगों के लिए है हानिकारक

इस समय भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हो रही है, जिसके कारण उत्तर भारत समेत विभिन्न राज्यों में ठंड और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। ठिठुरन वाली है ये ठंड कुछ लोगों के लिए तो इंजॉय करने का बहाना होता है तो वहीं ये ठंड अलग-अलग रोगों से पीड़ित रोगियों के लिए बेहद मुश्किल दौर होता है, क्योंकि इस मौसम में उनकी बीमारियां बढ़ सकती हैं। अगर बचाओ ना किया जाए तो यह ठंड कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है। आज इस लेख में हम आपको उन पांच प्रमुख बीमारियों के बारे में बताएंगे जो ठंड के प्रकोप से और ज्यादा बदतर हो जाती हैं जिसमें मरीज को अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। 

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एग्जिमा

एग्जिमा, त्वचा की एक ऐसी समस्या है जो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा सूखी, लाल और पपड़ीदार हो जाती है, जिसमें बहुत ज्यादा खुजली करने का मन करता है। सर्दियां आते ही यह समस्या बढ़ने लगती हैं और जब ठंड जबरदस्त हो तो ऐसे समय में इसके लक्षण और गंभीर हो जाते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है जैसे- सर्दियों में ज्यादा गर्म पानी से नहाने से बचें, माइल्ड सोप का इस्तेमाल करें, मॉइश्चराइजर का प्रयोग करें, खुद को हाइड्रेट रखें और विटामिन डी युक्त चीजों का सेवन करें।  Also Read - सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट, क्या अब मिडिल क्लास की ‘फाइनेंशियल एंग्जायटी’ को मिलेगी राहत?

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अर्थराइटिस/गठिया 

जो लोग गठिया रोग या अर्थराइटिस से पीड़ित हैं उनके लिए सर्दियों का मौसम बहुत मुश्किल भरा हो सकता है। अर्थराइटिस को संधिवात भी कहते हैं। इसमें जोड़ों का दर्द और सूजन प्रमुख लक्षण है, जो सर्दियों में बढ़ जाता है। अर्थराइटिस होने के विभिन्न कारण हैं। मगर डॉक्टर की सलाह से दवाइयों का सेवन और परहेज दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं। इसमें आपको अधिक से अधिक गर्म कपड़े पहनना और खुद को गर्म रखने के लिए सही आहार और कुछ हल्के वर्कआउट करना बहुत जरूरी है, जिसे आप डॉक्टर की सलाह से कर सकते हैं।

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हृदय रोग

हृदय रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए सर्दियों का मौसम बहुत ही घातक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में धमनियों में शिवपुराण आने लगती है जिसके कारण ह्रदय ठीक तरह से रक्त को पंप नहीं कर पाता है, जो हार्ट अटैक जैसी हृदय संबंधी बीमारियों का कारण बनता है। सर्दियों में हृदय को स्वस्थ रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप खुद को एक्टिव रखें, गर्म कपड़े पहने, शरीर को अंदर से गर्म रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें, समय-समय पर अपनी जांच अवश्य कराएं।  Also Read - महिलाओं में टीबी के लक्षण क्या हैं? जानें, समय रहते कैसे करें पहचान

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अस्थमा

अस्थमा एक श्वसन मार्ग से संबंधी रोग है, जिसमें सांस लेने में कठिनाई होती है। जब सांस इन नालियों में सूजन आ जाती है तो श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है, जिसके कारण सांस लेने में परेशानी भी नहीं होती है। इसमें खांसी, घरघराहट और सीने में जकड़न जैसे प्रमुख लक्षण दिखाई देते हैं। इसमें कफ निकालना काफी मुश्किल होता है। सर्दियां बढ़ने पर अस्थमा के लक्षण बढ़ जाते हैं। इस मौसम में कई बार अस्थमा टाइप की भी संभावना बनी रहती है। सर्दियों में अस्थमा से बचने के लिए घर से बाहर ना निकले, मास्क का प्रयोग करें, धूल और धुएं से बचें। भोजन में ठंडी प्रकृति की चीजों को ना खाएं।

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खांसी-जकाम 

सर्दियों के मौसम में अधिकांश लोग खांसी जुकाम से पीड़ित रहते हैं जो सर्दियां बढ़ने के साथ और गंभीर होती जाती है। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप खांसी जुकाम होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। ठंडा पानी पीने के बजाय गुनगुना पानी पिए, 2-3 लेयर में गर्म कपड़े पहने। ठंडी चीजें खाने से बचें। आप आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह काढे का भी सेवन कर सकते हैं। Also Read - 90% स्टूडेंट्स सिविल एग्जाम के दौरान करते हैं ये 3 बड़ी गलतियां, इसलिए बढ़ता है एग्जाम स्ट्रेस