किडनी फेल होने के ये हैं 3 शुरुआती संकेत, 90 प्रतिशत लोग इन लक्षणों को करते हैं नजरअंदाज

Early Signs of Kidney Failure: आपके गुर्दे (किडनी) आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह जरूरी है कि आप समय पर किडनी फेल होने के शुरुआती संकेत को पहचान सकें ताकि किडनी फेल होने से बचाया जा सके।

Written by Atul Modi | Published : November 19, 2022 4:57 PM IST

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किडनी फेल होने के शुरुआती संकेत या लक्षण - Early Signs Of Kidney Failure

Kidney Failure Symptoms: गुर्दे (किडनी) शरीर से दूषित तत्‍वों को अलग रखने का काम करते हैं। अगर आपकी किडनी ठीक से काम करना बंद कर दें, तो आप कई सारी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का शिकार हो सकते हैं। जिसके चलते आगे चलकर डायलिसिस जरूरी हो सकती है। आपके गुर्दे ठीक तरह से काम कर रहे हैं यह ग्‍लोमेरुलर फि‍ल्‍ट्रेशन रेट या जीएफआर से मापा जाता है। जो रक्‍त से दूषित तत्‍वों को हटाने की किडनी की क्षमता का पैमाना है। किडनी के काम करने के पांच चरण होते हैं। पहला चरण जो सामान्‍य या अच्‍छी तरह से काम करने वाले गुर्दों की ओर इशारा करता है, वहीं पांचवां चरण अंतिम स्‍टेज यानी किडनी फेल होना बताता है। बीच के दूसरे से लेकर चौथे चरण तक जीएफआर में प्रतिशत में आ रही कमी दर्शाई जाती है। यह समझना महत्‍वपूर्ण है कि किडनी के सामान्‍य तरह से काम करने की क्षमता में कमी के शुरुआती संकेत, पता नहीं चलते। इसका सबसे अच्‍छा तरीका है कि अपने स्‍वास्‍थ्‍य में आ रहे बदलावों पर नजर रखने के साथ कुछ अलग नजर आने पर चिकित्‍सक की सलाह लेना। ये तीन शुरुआती संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि किडनी की काम करने की क्षमता (Early Signs of Kidney Failure) कम हो रही है।

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चक्‍कर आना या थकान - Kidney Failure Symptoms Dizzy And Fatigue

गुर्दे कमजोर होने की पहली निशानी कमजोरी महसूस होना और खुद के स्‍वास्‍थ्‍य में गिरावट है। खून में दूषित तत्‍वों के जमा हो जाने की वजह से चक्‍कर आना या थकान महसूस हो सकती है। थकान से जुडी एक अन्‍य समस्‍या अनीमिया, को भी गुर्दे की समस्‍या से जोडकर देखा जा सकता है। अगर आप खुद को बहुत ज्‍यादा थका हुआ महसूस कर रहे हैं, तो पैनिक होने की जरूरत नहीं है। ऐसा तनाव, अत्‍यधिक काम, या रोजमर्रा की मुश्किलों की वजह से भी हो सकता है। लेकिन अगर आप पर्याप्‍त आराम कर रहे हैं और इसके बावजूद खुद को तरोताजा की जगह पहले से ज्‍यादा थका हुआ महसूस करते हैं, विशेषकर अगर चक्‍कर आते हैं तो अपने चिकित्‍सक से मिलना न भूलिए। उन्‍हें अपने अनुभव के बारे में बताइए और उनसे खुद को किसी गुर्दा रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्‍ट) को रेफर करने के लिए कह सकते हैं ताकि कोई आशंका न रहे। Also Read - बारिश में भीगने के बाद भी नहीं होगा वायरल फ्लू, 5 तरीकों से रखें अपनी सेहत का ख्याल

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सूजन - Kidney Failure Symptoms Swelling

सूजन के पीछे कई कारण हो सकते हैं, अगर सूजन आपके पैर, टखने, कलाई, या आपकी आंखों के आसपास है, यह संकेत हो सकता है कि आपके गुर्दे ठीक तरह से काम नहीं कर रहे हैं। यह अक्‍सर इलेक्‍ट्रोलाइट अथवा अन्‍य पोषण संबंधी कमियों की वजह से होता है जिसका असर गुर्दे की फि‍ल्‍ट्रेशन क्षमता के ठीक तरह से काम करने पर होता है। निचले छोर पर सूजन ह्दय रोग, गुर्दा रोग या किसी अन्‍य तरह के खराब सर्कुलेशन का लक्षण हो सकती है।

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पेशाब में बदलाव - Kidney Failure Symptoms Urine Color

गुर्दे में परेशानी का तीसरा संकेत पेशाब में बदलाव हो सकता है। बदलाव जैसे कि पेशाब की मात्रा, फोमिंग, हल्‍की या गहरी पेशाब, या लाल रंग इस बात का वार्निग सिग्‍नल हो सकता है कि गुर्दे में किसी तरह की परेशानी है। यह आपको योग्‍य चिकित्‍सक ही बता सकता है कि समस्‍या सिर्फ डिहाइड्रेशन की अथवा किडनी की क्षमता में कमी की शुरुआत है। किसी गंभीर अथवा तात्‍कालिक समस्‍या से इतर जैसे की पेशाब में खून आना या पेशाब न होना, या गर्भावस्‍था की प्री इक्‍लैंपसिया को छोड दें, किडनी फेल होने का क्रम पांच चरणों से धीरे-धीरे गुजरता है। इन तीन संकेतों समेत बदलावों पर ध्‍यान देकर चिकित्‍सक की मदद से समस्‍या को बढ़ने से रोका जा सकता है। Also Read - पिंक सॉल्ट सेहत के लिए कैसे है फायदेमंद? जानें सामान्य नमक से कैसे अलग है

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किडनी फेल होने से कैसे बचाएं - How To Prevent Kidney Failure Symptoms

सीडीसी के अनुसार, किडनी फेल होने के लक्षण से बचने के लिए वजन को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है। खुद को एक्टिव रखें, धूम्रपान से दूर रहें और समय-समय पर किडनी की जांच करवाते रहें। अपना ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित रखना जरूरी है, कम नमक वाला खाना खाएं। फल और सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करें। अगर आपकी शरीर में किडनी फेल होने वाले शुरुआती लक्षण दिख रहे हैं तो आप अपने डॉक्टर से सलाह लेकर किडनी की जांच कराएं और यदि किसी प्रकार का किडनी में संक्रमण है तो उसका उपचार दवा के माध्यम से करें। शुरुआती स्टेज में किडनी में होने वाली समस्याओं को ठीक किया जा सकता है।