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9 घंटे कुर्सी पर बैठने वालों में बढ़ रहा है 'ऑफिस बॉडी सिंड्रोम', जानें लक्षण

नौकरी करने वाले ऑफिस में लगभग 8 से 9, तो कभी 10 घंटे भी बैठे रहते हैं। लगातार चेयर पर बैठे रहने ऑफिस बॉडी सिंड्रोम की स्थिति पैदा कर सकता है। यह क्या होता है? आइए डॉक्टर से जानते हैं।

Written By Vidya Sharma
Updated : July 15, 2026 6:08 PM IST

9 घंटे कुर्सी पर बैठने वालों में बढ़ रही ये समस्या

नौकरी-पेशा लोगों का एक बड़ा वर्ग रोजाना 8 से 9 घंटे कंप्यूटर के सामने कुर्सी पर बैठकर काम करता है। कई लोगों को सिटिंग जब आरामदायक लगती है, क्योंकि इसमें ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ती। लेकिन क्या आपको मालूम है कि लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहना शारीरिक गतिविधि की कमी और गलत पाश्चर धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है? आइए आर्टेमिस हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट और ऑर्थो स्पाइन सर्जन डॉक्टर धीरज भाटेजा से जानते हैं कि आखिर क्या वजह है कि लोग आजकल ऑफिस बॉडी सिंड्रोम की चपेट में तेजी से आ रहे हैं।

क्या है ऑफिस बॉडी सिंड्रोम?

आपको बता दें कि यह सिंड्रोम कोई एक बीमारी नहीं है बल्कि लंबे समय तक बैठे रहने की आदत के कारण होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं का एक समूह है। जब कोई व्यक्ति घंटे तक बिना ब्रेक लिए कुर्सी पर बैठकर काम करता है, स्क्रीन पर लगातार नजरे लड़ाई रखता है और शरीर की मुद्रा भी सही नहीं होती है, तो मांसपेशियां जोड़ो और रीढ़ की हड्डी पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है और धीरे-धीरे यह दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

ऑफिस बॉडी सिंड्रोम शरीर पर क्या असर डालता है?

ऑफिस में सीटिंग जॉब करने वाले आधे से ज्यादा लोगों को सर्वाइकल पेन की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसमें गर्दन कंधे और कमर में दर्द मांसपेशियों में जकड़न आंखों पर तनाव, कलाई में दर्द वजन बढ़ाना और लगातार थकान, माइग्रेन जैसी परेशानियां शामिल हो सकती है। अगर समय पर इस पर ध्यान ना दिया जाए तो यह समस्या व्यक्ति की कार्य क्षमता और जीवन की गुणवत्ता दोनों को प्रभावित कर सकती है।

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किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?

आईटी प्रोफेशनल, कंटेंट राइटर, बैंक के कर्मचारी, कॉल सेंटर वीडियो एडिटर यह वह सभी लोग हैं जो रोजाना 8 से 10 घंटे डेस्क जॉब करते हैं और तो और जो लोग वर्क फ्रॉम होम करते हैं उनमें भी यह समस्या तेजी से देखी जा रही है।

कैसे करें बचाव?

इससे बचाव का सबसे बेहतरीन तरीका यह है कि हर आधे घंटे पर अपनी सीट से उठ कर दो से 3 मिनट तक टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग करें। लैपटॉप योर मॉनिटर को इस तरह रखें कि स्क्रीन का ऊपरी हिस्सा आपकी आंखों के बराबर हो इससे गर्दन को बार-बार झुकना नहीं पड़ेगा।

ये कुछ अन्य तरीके अपनाएं

आंखों की सुरक्षा के लिए 20-20 रूल अपनाएं। ऑफिस के बाद कम से कम कुछ देर एक्सरसाइज या योगासन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और छुट्टी वाले दिन लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें। क्योंकि नौकरीपेशा लोगों को काम तो किसी हाल में करना है। ऐसे में सेहत खराब करने से अच्छा है कि कुछ आदतों को अपनाकर ऑफिस बॉडी सिंड्रोम से बच जाएं। डिस्क्लेमर: अगर आपको भी 9 घंटे कुर्सी पर बैठने से ऑफिस बॉडी सिंड्रोम हो गया है तो इसे अनदेखा न करें। अपनी फिटनेस और खानपान पर ध्यान दें। इसके अलावा अगर शरीर में अधिक अकड़न महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।