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क्या नींद की कमी से बढ़ता है डायबिटीज का रिस्क? जानिए क्या कहती है रिसर्च

डायबिटीज की बीमारी एक मेटाबॉलिक डिसॉर्डर है जो आजीवन बना रह सकता है। लाइफस्टाइल से जुड़े अन्य कारणों से डायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है। वहीं, एक नयी स्टडी के अनुसार नींद की कमी से डायबिटीज का रिस्क बहुत अधिक बढ़ सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : August 22, 2025, 3:20 PM

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क्या नींद की कमी से होती है डायबिटीज की बीमारी?

Sleeplessness and risk of diabetes- डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में लोग अक्सर कुछ ना कुछ सुनते ही रहते हैं। भारत को डायबिटीज की बीमारी की वैश्विक राजधानी भी कहा जाता है क्योंकि, भारत में डायबिटीज की बीमारी लोगों में तेजी से बढ़ रही है। वहीं, अब डायबिटीज की बीमारी युवाओं और कम उम्र के लोगों में भी देखी जा रही है। डायबिटीज बढ़ने के कारणों की बात की जाए तो खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी डाइट की वजह से डायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है। वहीं, नींद की कमी से भी डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

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ब्लड शुगर लेवल हो सकता है अनियंत्रित

हार्वड के ब्रिघम एंड वीमेंस हॉस्पिटल (Harvard-affiliated Brigham and Women’s Hospital) की एक नयी स्टडी में यह बात सामने आयी है कि नींद पूरी ना होने के कारण ना केवल सुस्ती और थकान महसूस होती है बल्कि शरीर में ब्लड शुगर लेवल को रेग्यूलेट करने की क्षमता भी प्रभावित होती है।  Also Read - रात को कम सोने की आदत हार्ट अटैक के खतरे को कैसे बढ़ा रही है, एक्सपर्ट्स ने किया एक्सप्लेन

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बढ़ जाता है स्ट्रेस हार्मोन

नींद पूरी नहीं होने की स्थिति में शरीर की नेचुरल क्लॉक पर असर पड़ता है। इससे शरीर में कार्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। कॉर्टिसोल स्ट्रेस बढ़ाने वाला हार्मोन है और इंसुलिन के काम को यह हार्मोन प्रभावित भी करता है। इंसुलिन के ठीक तरीके से काम ना करने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।

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नींद की कमी से बढ़ सकती है क्रेविंग

अक्सर यह देखा गया है कि जो लोग रात में देर तक जागते हैं या जिनकी नींद पूरी नहीं होती उन्हें क्रेविंग्स भी अधिक महसूस होती है। इस वजह से लोग अनहेल्दी, फ्राइड और हाई-सोडियम वाले फूड्स का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं। हाई-कैलोरी फूड खाने से डायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है।  Also Read - क्या आप जानते हैं गलत फैसले लेने का कारण भी नींद की कमी हो सकती है?

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नींद की कमी से बढ़ता है मधुमेह का रिस्क

कुछ समय पहले जामा ओपन नेटवर्क में पब्लिश किए गए एक रिसर्च पेपर में यह कहा गया कि जिन लोगों को रोजाना 3-5 घंटे की नींद मिलती है उनमें डायबिटीज का रिस्क कई गुना अधिक होता है।

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सोने से पहले ना करें ये काम

रात में सोने से पहले चाय और कॉफी जैसी कैफीनेटेड ड्रिंक्स के सेवन से बचना चाहिए। क्योंकि, कैफीन की वजह से नींद न आने की समस्या हो सकती है। इसीलिए, शाम के बाद चाय-कॉफी पीने से बचें। इसी तरह रात में हेवी भोजन करने और बिस्तर में फोन का इस्तेमाल करने से भी बचें।  Also Read - पूरी नींद न ले पाने के कारण हार्ट अटैक और डिप्रेशन समेत इन 4 बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, कैसे करें बचाव