Things Not To Do With Breast Hindi
शायद आपको पता नहीं कि आपकी कुछ आदतें आपके ब्रेस्ट के किये खतरनाक साबित होती है। अपने ब्रेस्ट को सेहतमंद और सही आकार में रखने के लिए आपको कुछ बातों पर बस ध्यान देना है जैसे
शायद आपको पता नहीं कि आपकी कुछ आदतें आपके ब्रेस्ट के किये खतरनाक साबित होती है। अपने ब्रेस्ट को सेहतमंद और सही आकार में रखने के लिए आपको कुछ बातों पर बस ध्यान देना है जैसे
पेट के बाल न सोएं, क्योंकि इससे आपके ब्रेस्ट का आकार बदल सकता है। जर्नल एल्सवीअर में छपी एक स्टडी के मुताबिक बहुत देर तक मैट्रेस पर दबे हुए होने के कारण आपके ब्रेस्ट्स का आकार बदल सकता है।
सही फिट वाली ब्रा पहने। बहुत छोटी या बहुत ढीली ब्रा पहनने से आपके ब्रेस्ट को तकलीफ होगी। अंडर वायर आपके सीने की तरफ पुश करेगा और अगर आपकी ब्रा बहुत टाइट होगी तो वह आपके लिए असुविधाजनक हो जाएगा।
पुरानी ब्रा ना पहनें। कई बार धोने के बाद ब्रा का इलास्टिक ढीला हो जाता है। जर्नल हेल्थ की एक स्टडी के मुताबिक इस तरह की ब्रा पहनने से आपको पीठ, ब्रेस्ट और गले में दर्द हो सकता है। इसीलिए अगर आपके ब्रा के कप या बैंड लटकने लगे हैं तो उन्हें फेंक दें।
अगर आपको अपने ब्रेस्ट का आकार पसंद नहीं और ब्रेस्ट इम्प्लांट कराने की सोच रही हैं तो एक बार फिर सोच लीजिए। क्योंकि इसके बाद इंफेक्शन, एलर्जी या कैंसर जैसे परिणाम दिख सकते हैं तो इसलिए अच्छी तरह सोच-विचार कर ही ब्रेस्ट इम्प्लांट कराएं।
गांठ की उपेक्षा न करें। अगर आपको अपने ब्रेस्ट में गांठ दिखाई पड़े तो उसे नज़रअंदाज न करें। तुरंत मैमोग्राफी कराएं। साथ ही अगर निप्पल से किसी प्रकार का रिसाव या खून दिखे तो अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
निप्पल की पिअर्सिंग न कराएं। ऐसा करने से इन्फेक्शन, खून बहने, या एलर्जी हो सकती है। साथ ही अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल डर्मटॉलोजी एक स्टडी के परिणाम दर्शाते हैं कि पिअर्सिंग से हेपेटाइटिस बी और सी का इंफेक्शन हो सकते हैं।
शेविंग करना भले ही आपको आसान लगता हो लेकिन निप्पलस के आसपास की संवेदनशील त्वचा पर रेज़र नहीं चलाना चाहिए। जर्नल ऑफ फिजिकल एक्टिविटी एंड हेल्थ में छपी एक स्टडी के अनुसार इससे आपको इन्फेक्शन हो सकता है।
ब्रा पहनकर न सोएं। इससे रक्त का बहाव और लसिका प्रणाली प्रभावित हो सकती है। जो असुविधा के साथ सूजन का भी कारण बन सकती है।
टैटू से भी आपके ब्रैस्ट को नुकसान हो सकता है। टैटू के लिए इस्तेमाल की जानेवाली स्याही में घातक तत्व भी हो सकते हैं जो स्किन कैंसर का कारण बन सकते हैं। बीएलके हॉस्पिटल, दिल्ली में कंसल्टेंट प्लास्टिक सर्जन डॉ. डी जे एस तुला कहते हैं कि, टैटूइंग के लिए इस्तेमाल किए जानेवाले उपकरणों में अगर किसी इंफेक्टेड व्यक्ति का खून लग जाता है तो उससे एचआई वी, हेपेटाइटिस बी और सी जैसी बीमारियां फैल सकती हैं।