Depression-and-target
साल 2015 में डब्लूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में डिप्रेशन के मरीजों की संख्या पांच करोड़ से ज्यादा है और पूरी दुनिया में डिप्रेशन के कारण सुसाइड करने वालों लोगों में अधिकांश भारतीय ही हैं। इस गंभीर बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित टीनएज ग्रुप के लड़के लड़कियां होते हैं। भारत देश में इन दिनों टीनएज डिप्रेशन से मरने वालों की संख्या काफी बढ़ गयी है। ऐसा भी हो सकता है कि ये यंग लड़के लड़कियां पिछले कई महीनों से डिप्रेशन के मरीज हो और अंत में हताश होकर उन्होंने सुसाइड जैसा कठोर कदम उठाया हो। ऐसे में हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि हम अपने आसपास के लोगों, अपने प्रियजनों और खासकर बच्चों पर नज़र रखें, उनकी परेशानियों और बदलते व्यवहार पर ध्यान दें ताकि उन्हें डिप्रेशन से बाहर निकाला जा सके। यहां हम लिख रहे हैं डिप्रेशन से जुड़े कुछ ऐसे ही लक्षणों के बारे में।
