पुरुषों के लिए Prostate Cancer से बचने के 10 एक्सपर्ट टिप्स!

पुरुषों की उम्र बढ़ने के साथ उनमें प्रोस्टेट कैंसर की संभावना भी बढ़ जाती है।

Written by Editorial Team | Published : February 9, 2017 4:00 PM IST

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Prostate Cancer Hindi

पुरुषों की उम्र बढ़ने के साथ उनमें प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना भी बढ़ जाती है, जो कि प्राकृतिक प्रक्रिया है। लेकिन ऐसी बहुत-सी चीज़ें हैं जिनकी मदद से कोई व्यक्ति अपने ग्लैंड्स को स्वस्थ रख सकता है और प्रोस्टेट कैंसर का ख़तरा कम कर सकता है। यूरो- आंकलोजिकल रोबोटिक सर्जन, डॉ. अनूप रमानी दे रहे हैं कुछ ऐसी ही टिप्स।

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Blood-sample Hindi

पीएसए चेक-अप कराएं- अगर आपकी उम्र 50 के पार है तो हर जन्मदिन पर पीएसए टेस्ट (PSA test) कराएं। यकीन कीजिए खुद के लिए जन्मदिन पर इससे बेहतर तोहफा शायद ही दे सकें आप। पीएसए का स्तर बढ़ने का सीधा मतलब प्रोस्टेट से जुड़ी परेशानियों से है। इसीलिए जितनी जल्दी इसका पता लग जाए उतना बेहतर है। प्रोस्टेट एक साइलेंट किलर मानी जानेवाली समस्या है जिसके लक्षण जल्दी पता नहीं चलते। इसलिए पीएसए टेस्ट कराना ही इस समस्या से बचने का एकमात्र तरीका है। Also Read - हेल्दी समझकर खा रहे हैं? ये 5 प्रोटीन सोर्स बन सकते हैं बीमारी की वजह

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Sonography Hindi

पेट की सोनोग्राफी कराएं- पीएसए टेस्ट की ही तरह सोनोग्राफी भी काफी अहम है। 50 की उम्र के बाद लोगों को अपने पेट की सोनोग्राफी ज़रूर करानी चाहिए। पुरुषों की तरह महिलाओं को भी पेट में किसी प्रकार की गांठ या अन्य गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए सोनोग्राफी करानी चाहिए। क्योंकि यह बाद में किसी प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है।

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Blood-in-urine Hindi

असाधारण समस्याओं या लक्षणों पर ध्यान दें- अगर आपको पेशाब में खून, पेशाब करते वक़्त दर्द महसूस हो या पेट में दर्द और तकलीफ हो तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें। Also Read - बच्चों में ये 5 लक्षण हो सकते हैं ल्यूकेमिया(Blood Cancer) का संकेत, तुरंत भागे डॉक्टर के पास

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Healthy-heart Hindi

अपने दिल की सेहत का ध्यान रखें- अपने दिल की सेहत और प्रोस्टेट की सेहत एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सिकुड़ी हुई धमनियों के कारण खून आपके प्रजनन अंगों या जेनाइटल तक नहीं पहुंच पाता और उन्हें पोषण और ऑक्सिजन नहीं मिलता।

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Fresh-vegetables Hindi

अपने भोजन से एनिमल फैट कम करें- विभिन्न स्टडीज़ में ऐसा पाया गया है कि रेड मीट और ज़्यादा फैट वाले डेयरी उत्पाद प्रोस्टेट कैंसर के विकास में अहम रोल अदा करते हैं। अपने भोजन से पशु वसा या एनिमल फैट की ढेर सारे ताज़े फल और सब्ज़ियां शामिल करें। ऐसा कहा जाता है कि विभिन्न रंगोंवाले फल और सब्ज़ियों में कैंसर से लड़नेवाले तत्व होते हैं जो आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।  Also Read - क्या होते हैं लीडलेस पेसमेकर, कब पड़ती है इनकी जरूरत? दिल के मरीजों का जानना है जरूरी

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Vitamin-B-pills Hindi

नियमित रुप से विटामिन की गोलियां लें- बी कॉम्प्लेक्स और फॉलिक एसिड के साथ नियमित रुप से विटामिन की गोलियां खाएं। इसी तरह विटामिन सी वाली चीज़ें भी अधिक मात्रा में लें। क्योंकि ये ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करके कैंसर से लड़ने के लिए आपकी रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है।

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Drink-green-tea Hindi

मसाला चाय की जगह ग्रीन टी पीएं- सप्ताह में तीन दिन कम से कम 3 कप ग्रीन टी पीएं। इनमें कैंसर से सुरक्षा देने वाले तत्व होते हैं जो आपको प्रोस्टेट कैंसर से लड़ने में सहायता करेंगे।  Also Read - Weight Loss Alert: क्या कॉफी है सबसे सस्ता फैट बर्नर?

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Drink-more-water Hindi

खूब पानी पीएं- अगर आपने पूरी ज़िंदगी ज़्यादा पानी पीने की कोशिश नहीं कि तो अब समय आ गया है कि आप इस तरफ थोड़ा ध्यान दें। रोज़ाना कम से 6-8 गिलास पानी पीएं और अल्कोहल की मात्रा भी कम करें। ध्यान रखें धूम्रपान और शराब पीने जैसी आदतें आपके लिए प्रोस्टेट कैंसर जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याओं का खतरा पैदा करती हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आपको शरीर में मौजूद विषैले तत्वों के निष्कासन में मदद होगी।

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Start-exercising Hindi

एक्सरसाइज़ करें- अगर आपने कभी भी कसरत को गंभीरता से नहीं लिया तो बेहतर है कि अब एक्सरसाइज़ करना शुरु करें। भले ही आप ब्रिस्क वॉक ही करें लेकिन शारीरिक गतिविधियों से आपको बढ़ती उम्र में प्रोस्टेट कैंसर से लड़ने में सहायता मिलेगी। Also Read - क्या रोबोटिक सर्जरी से मोटापे को कम किया जा सकता है? जानें ओवरवेट वाले लोगों के लिए क्या है बेस्ट ऑप्शन

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Eat-more-cruciferous-vegetables Hindi

गोभी खाएं- ब्रोकोली, पत्ता गोभी और फूलगोभी जैसी सब्ज़ियां कैंसर से सुरक्षा करनेवाली मानी जाती हैं। इसलिए हरी पत्तेदार सब्ज़ियां और गोभी खाएं।

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Eat-more-tomatoes Hindi

टमाटर से बनी चीज़ें खाएं- अपने भोजन में टमाटर और टमाटर से बनी चीज़ें शामिल करें। दरअसल टमाटर में लाइकोपेन (lycopene) नामक एक शक्तिशाली और कैंसर से लड़नेवाला तत्व होता है, इसलिए टमाटर ज़रूर खाएं। हालांकि, टमाटर के बीज़ों में ऑक्ज़लेट (oxalate) होते हैं जो किडनी स्टोन का कारण बन सकते हैं। लेकिन हां यह बहुत अधिक मात्रा में (रोज़ाना तकरीबन आधा किलो) टमाटर खाने से ही होता है।  Also Read - लड़कों को अपनी उम्र से छोटी लड़कियां ही क्यों पसंद आती हैं?

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Change-your-cooking-oil Hindi

कुकिंग ऑयल बदल दें- पॉलिअनसैचुरेटेड फैट्स की अधिक मात्रावाले तेल जैसे कॉर्न (मक्का), कनोला या सोयाबीन में खाना न बनाएं। इसकी बजाय आप ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कि हेल्दी होने के साथ विटामिन ई और एंटीऑक्सिडेंट तत्वों से भरपूर होते हैं।