भारत में तेजी से बढ़ रही Unani Medicine की मांग, करियर बनाने के लिए कर सकते हैं ये कोर्स

आज भारत में यूनानी चिकित्सा को सरकारी मान्यता प्राप्त है और इसके विशेषज्ञों की मांग निरंतर बढ़ रही है। आप भी यूनानी चिकित्सा में करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको हम आपको यूनानी चिकित्सा से जुड़े 5 कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

Written by Ashu Kumar Das | Published : February 19, 2026 11:20 AM IST

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यूनानी चिकित्सा में कैसे बनाएं करियर?

भारत में एलोपैथिक दवाओं के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। आयुर्वेद, होम्योपैथी और योग की तरह यूनानी चिकित्सा (Unani Medicine) पर भी लोगों का भरोसा समट के साथ बढ़ा है। यूनानी चिकिस्ता की जड़ें ग्रीक चिकित्सा परंपरा से जुड़ी हैं और जिसे अरब और फारसी चिकित्सकों ने विकसित किया। आज भारत में यूनानी चिकित्सा को सरकारी मान्यता प्राप्त है और इसके विशेषज्ञों की मांग निरंतर बढ़ रही है। आप भी यूनानी चिकित्सा में करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको हम आपको यूनानी चिकित्सा से जुड़े 5 कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

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यूनानी चिकित्सा क्या है?

यूनानी चिकित्सा शरीर के चार तत्वों (रक्त, कफ, पित्त और श्याम पित्त) के संतुलन पर आधारित है। यूनानी चिकित्सा प्रणाली प्राकृतिक उपचार, आहार, जीवनशैली सुधार और हर्बल औषधियों के जरिए विभिन्न प्रकार की बीमारियों का इलाज करती है। Also Read - 40 के बाद प्लान कर रहे हैं प्रेग्नेंसी? पहले जरूर करवा लें ये 5 मेडिकल टेस्ट

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यूनानी चिकित्सा में करियर क्यों चुनें?

आज लोग एलोपैथिक दवाओं के साइड इफेक्ट से बचने के लिए नैचुरल थेरेपी का रूख कर रहे हैं। यही कारण है समय के साथ यूनानी विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में यूनानी चिकित्सा से जुड़े पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

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यूनानी चिकित्सा में करियर के लिए योग्यता

यूनानी चिकित्सा में करियर बनाने के लिए 12वीं (PCB -फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) से पास होना जरूरी है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए 12वीं क्लास में न्यूनतम 50% अंक होना जरूरी है। यूनानी चिकित्सा में करियर बनाने के लिए आप नीचे बताए गए कोर्स कर सकते हैं।  Also Read - किडनी से कितने mm की पथरी निकल जाती है? डॉक्टर से जानिए कब पड़ती है सर्जरी की जरूरत

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BUMS (Bachelor Of Unani Medicine & Surgery)

यूनानी चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा में स्नातक डिग्री के लिए छात्रा का 12वीं पास होना जरूरी है। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए NEET या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा पास करना जरूरी होता है। मिनिस्ट्री ऑफ आयुष की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार,BUMS (Bachelor of Unani Medicine & Surgery) का कोर्स 5.5 वर्षों का होता है। इस कोर्स के तहत यूनानी सिद्धांत, हर्बल फार्माकोलॉजी, शरीर रचना विज्ञान और यूनानी चिकित्सा पद्धति में सर्जरी कैसे की जाती है, यह पढ़ाया जाता है।

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MD (Unani Medicine)

BUMS डिग्री पूरी करने के बाद MD (Unani Medicine) की पढ़ाई कर सकते हैं। इस कोर्स की अवधि 3 सालों की होती हैं। इसमें इल्मुल अद्विया (फार्माकोलॉजी), तिब्बे कम्युनिटी मेडिसिन, जराahat (सर्जरी) और अमराज (रोग विज्ञान) की पढ़ाई करवाई जाती है। Also Read - कैविटी से लेकर दिल की बीमारी तक: रात में सिर्फ 2 मिनट ब्रश करने से मिलेंगे ये 5 फायदे

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Diploma In Unani Pharmacy

जो लोग यूनानी चिकिस्ता में करियर तो बनाना चाहते हैं लेकिन 5 साल का कोर्स नहीं करना चाहते हैं, तो Diploma in Unani Pharmacy का कोर्स कर सकते हैं। यह कोर्स मुख्य रूप से 2 सालों का होता है। इस कोर्स के तहत यूनानी औषधि निर्माण, हर्बल दवाओं की प्रोसेसिंग और दवा गुणवत्ता नियंत्रण करना सिखाया जाता है। Diploma in Unani Pharmacy करके आप यूनानी फार्मासिस्ट, हर्बल दवा निर्माण उद्योग और यूनानी दवाओं के स्टोर का संचालन कैसे किया जाता है, यह सीख सकते हैं।

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Certificate Course In Unani Therapy

जो छात्रा यूनानी चिकित्सा में छोटे कोर्स करके करियर बनाना चाहते हैं, वो Certificate Course in Unani Therapy कर सकते हैं। इस कोर्स की अवधि 6 महीने से 1 साल की होती है। इस कोर्स के तहत हिजामा (कपिंग थेरेपी), दलक (मालिश चिकित्सा) और इलाज-बिल-तदबीर (रेजिमेनल थेरेपी) जैसी चीजें सिखाई जाती हैं। इस शॉर्ट टर्म कोर्स को करके आप न सिर्फ एक यूनानी वेलनेस सेंटर में काम कर सकते हैं। बल्कि थोड़ा सा एक्सपीरियंस लेने के बाद खुद का वेलनेस सेंटर भी खोल सकते हैं। Also Read - बच्चों में प्रोटीन की कमी को न करें अनदेखा, हो सकती हैं उन्हें ये 5 समस्याएं

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यूनानी चिकित्सा कोर्स कहां से करें?

भारत में कई प्रतिष्ठित संस्थान यूनानी चिकित्सा शिक्षा प्रदान करते हैं। इसमें दिल्ली का जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन, बेंगलुरु और विभिन्न राज्यों में मौजूद सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज हैं।