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ब्लीडिंग गम्स- मसूढ़े की बीमारी के पहले लक्षणों में ब्रश करने के दौरान खून आना है। अगर ब्रश करने के बाद या खाने के दौरान खून आता है, तो सतर्क हो जाएं। हालांकि कुछ लोग इस लक्षण की अनदेखी कर देते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है।
सांस की बदबू- कई बार लोग दांतों में फंसे खाने को सही से साफ नहीं करते हैं, जिस वजह से खाना दांतों की जड़ों तक चला जाता है। दांतों में जमा मैल और दांतों में फंसे खाने से मुंह से बदबू आने लगती है।
सेंसटिव टीथ- कई लोग सेंसटिव टीथ के लिए टूथ डिकै (tooth decay) को कारण मानकर खाना छोड़ देते हैं। आपको बता दें कि ये समस्या मसूड़ों की बीमारी की वजह से भी हो सकती है। इसका समाधान खाना-पीना छोड़ना नहीं बल्कि अधिक देखभाल है।
मसूड़ों का लाल होना और सूजन- इन्फेक्शन से मसूड़ों में सूजन पैदा हो सकती है। मसूड़ों में सूजन होने पर बेहद दर्द और परेशानी हो सकती है। लाल और सूजे हुए मसूड़े बीमारी को जन्म दे सकते हैं।
ढीले दांत- मसूड़ों के रोग के कारण हड्डी और गम टिश्यू खराब होने लगते हैं, जिससे दांत ढीले और खिसकने लगते हैं। टिश्यू के कमजोर होने पर दांतों के ढीले होने के अधिक चांस होते हैं। खिसकने से दांतों के बीच अधिक गैप हो जाता है।
दांतों का बड़ा हो जाना- मसूड़ों की बीमारी का एक बड़ा लक्षण मसूड़ों का पीछे हटना भी है। मसूड़ों के टिश्यू वापस खिंचने से दांत की जड़ अधिक उजागर हो जाती है, जिससे दांत बड़े लगने लगते हैं। वास्तव में इन्फेक्शन के कारण मसूड़ों के टिश्यू खत्म होने लगते हैं। अगर आपको लगे कि आपके दांत बड़े होने लगे हैं, तो सतर्क हो जाएं।