Dark Circles
आंखों के नीचे काले घेरे : तनाव, धूप, प्रदूषण या थकान के लंबे समय तक रहने से आंखों के नीचे काले घेरे पड़ने लगते हैं। इसके लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आंखों को आराम दें। भरपूर नींद लें और तनाव लेने से बचें।
आंखों के नीचे काले घेरे : तनाव, धूप, प्रदूषण या थकान के लंबे समय तक रहने से आंखों के नीचे काले घेरे पड़ने लगते हैं। इसके लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आंखों को आराम दें। भरपूर नींद लें और तनाव लेने से बचें।
आई बैग : आंखों के निचले हिस्सें में भारीपन या आईबैग बनना खतरनाक बीमारियों के संकेत हो सकते हैं। कई बार पोषण की कमी से आईबैग बन जाते हैं। लेकिन यदि यह लंबे समय तक रहें तो यह किडनी, ओवरी या यूट्रस में इन्फेेक्शन के कारण भी हो सकते हैं। इसलिए इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
लाल आंखें : लाल आंखें होना या आंखों में लालिमा आना आंखों में एलर्जी का संकेत है। तेज धूप , धूल के कणों, धुआं किसी से भी एलर्जी हो सकती है। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि धूप में निकलते वक्त एवं प्रदूषण से बचाने के लिए आंखों पर अच्छीं क्वालिटी के ग्लासेज लगाएं। आंखों को धूप से बचाने के लिए टोपी भी लगाई जा सकती है।
अगर आपकी आंखें भी थकी-थकी या सूजी हुई लग रही हों तो केले को मैश करके आंखों के आसपास लगाएं और करीब 10-15 मिनट तक लगा रहने दें। बाद में ठंडे पानी से आंखें और आसपास के स्किन को धो लें। स्किन के नीचे मौजूद अतिरिक्त फ्लूइड को निकालकर आंखों की सूजन कम करने में मदद करेगा केला।
पीली आंखें : आंखों का पीलापन पीलीये की निशानी हो सकता है। कई बार लगातार गर्म तासीर की चीजें खाने या अल्कोहल का अधिक सेवन करने से जब पेट की गर्मी बढ़ जाती है, तब वह आंखों के माध्यम से ही संकेत देती है।
करें डॉक्टर से परामर्श : आंखें सेहत का हाल बताती हैं। इसे पहचाना तो जा सकता है, लेकिन किसी भी तरह के घरेलू उपचार की बजाए अच्छे डॉक्टर से परामर्श करना ही बेहतर होगा। खासतौर से लीवर और किडनी से जुड़ी बीमारियों के संकेत जब आंखें देने लगें तो तत्काल परामर्श करना चाहिए।