Eating Fruit
डेंगू होने पर वैसे तो कुछ खाने को मन नहीं करता लेकिन दिन की शुरूआत ताजे फल खाने से करें, जूस से नहीं। इससे आपको दिन भर के लिए भरपूर एनर्जी मिलती है।
Written By: Editorial Team | Updated: January 5, 2017, 8:47 AM
डेंगू होने पर वैसे तो कुछ खाने को मन नहीं करता लेकिन दिन की शुरूआत ताजे फल खाने से करें, जूस से नहीं। इससे आपको दिन भर के लिए भरपूर एनर्जी मिलती है।
आसानी से हजम होने वाला खाना- ब्रेकफास्ट में इडली, पोहा या उपमा जैसे फूड खाये जो जल्दी से हजम हो जाते हैं और पौष्टिक भी होते हैं। डेंगू के चंगुल से बाहर निकलने के लिए ब्लड में प्लेटलेट की मात्रा का बढ़ना ज़रूरी होता है।
दवाई लेना न भूलें- अगर आप जल्दी ठीक होना चाहते हैं तो आपको अच्छा लगे या न लगे दवाई समय पर लेना न भूलें। दवा लेने के पहले एक्सपाइरी डेट देख लें और डॉक्टर द्वारा बताये गए दवाई ही लें।
बार-बार लेकिन कम खायें- बीमार होने पर खाने का मन नहीं करता है इसलिए बार-बार कम मात्रा में खाने से पेट भी भर जाता है और आप जल्दी ठीक भी हो पाते हैं। लेकिन याद रहे कि खाना हमेशा हेल्दी होना चाहिए।
पानी पीना है ज़रूरी- कहा जाता है जितना पानी पियेंगे उतनी जल्दी शरीर से विषाक्त पदार्थ निकल जायेंगे आप स्वस्थ हो जायेंगे। इसलिए नारियल पानी, घर में बना फलों का जूस लेते रहे ताकि डिहाइड्रेशन न हो।
जंक फूड से रहे दूर- डेंगू से बीमार होने के कारण सादा खाना खाकर लोग बोर हो जाते हैं और स्पाइसी या जंक फूड खाने के विचार मन में आने लगता है। लेकिन ऐसा न करें क्योंकि इस वक्त आपका इम्युनिटी लेवल लो होता है जो ठीक होने के गति में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इसलिए बोरियत दूर करने के लिए ड्राई फ्रूट खा सकते हैं।
8 बजे के पहले रात का खाना खायें- रात को जल्दी खाना खाकर दवा आदि लेने के दो घंटे बाद सोने से खाना हजम भी हो जाता है और कोई पेट संबंधी समस्या भी नही होती है।
हेल्दी खाना खायें- इस वक्त तरह-तरह की दवाईयाँ लेने से लोगों को कब्ज़ की समस्या हो जाती है इसलिए इस तरह के तकलीफ को दूर करने के लिए फाइबर से भरा खाना, सूप या कंजी अपने डायट में शामिल कर सकते हैं।
भरपूर सोयें और आराम करें- इस बीमारी के कारण शरीर बहुत कमजोर रहता है, इसलिए जितना हो सके आराम करें और काम या व्यायाम करने से बचें। सही समय पर दवा और आराम दोनों ज़रूरी होता है।
डॉक्टर से फिर से मिलना न भूलें- एक बार दवाई खत्म हो जाने के डॉक्टर से ज़रूर मिलें ताकि उनकी सलाह हो तो एक बार फिर से खून की जाँच करवा लें और उनके सलाह के अनुसार अपने लाइफ स्टाइल में बदलाव लायें।