Our Nation Is Seeing A Sharp Increase In Diabetes
Globally, 10% of the population is developing diabetes.
Globally, 10% of the population is developing diabetes.
धूम्रपान करने से श्वसन मार्ग को ही नुकसान नहीं होता बल्कि, इससे शरीर की कार्यप्रणालियों को भी नुकसान होता है। स्मोक करने से हानिकारक धुआं और केमिकल्स शरीर में पहुंच जाते हैं जो शरीर में इंफ्लेमेशन (inflammation) बढ़ाते है, मोटापा बढ़ सकता (weight gain) है और इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस (insulin resistance) भी बढ़ता है।
शरीर का बायोलॉजिकल क्लॉक (biological clock) सुचारू तरीके से चलाने के लिए शरीर में कुछ विशेष प्रकार के हार्मोन्स उत्पन्न होते हैं। जब कोई व्यक्ति नींद की कमी से पीड़ित हो या वह ठीक तरीके से ना सोए तो इससे बायोलॉजिकल क्लॉक पूरी तरह बिगड़ सकता है और डायबिटीज जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ सकता है।
केक, मिठाइयां, आइसक्रीम, बिस्किट और केक जैसे मीठे फूड्स का बहुत अधिक सेवन करने से इंसुलिन (insulin) का उत्पादन बहुत अधिक होता है। लेकिन, जब बार-बार ऐसा होता है तो शरीर इंसुलिन की बढ़ी हुई मात्रा के साथ प्रतिक्रिया नहीं देता और इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति बन जाती है जो डायबिटीज का एक कारण है।
बहुत से लोग आलस तो कुछ काम में व्यस्त होने के कारण एक्सरसाइज नहीं करते। लेकिन, लोगों को इस बात का अंदाजा नहीं होता कि उनकी यह आदत डायबिटीज का कारण बन सकती है। दरअसल, एक्सरसाइज करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है और पैंक्रियाज़ द्वारा इंसुलिन का निर्माण भी कम मात्रा में होता है जिससे ग्लूकोज का इस्तेमाल शरीर द्वारा बेहतर तरीके से होता है लेकिन, एक्सरसाइज ना करने से ये प्रक्रियाएं गड़बड़ा जाती हैं। नतीजतन डायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है।