क्या बच्चों को भी वही टूथपेस्ट दे सकते हैं जो बड़े यूज करते हैं? हर पेरेंट्स को सुननी चाहिए डॉक्टर की यह बात

Verified Medically Reviewed By: Dr. Tanu Gupta

माता-पिता बच्चों को अक्सर वही टूथपेस्ट दे देते हैं, जिसे वो खुद इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन क्या ऐसा करना सही (kya Baccho ko bado wala toothpaste de sakte hain) है?

Written by Ashu Kumar Das | Updated : February 23, 2026 2:36 PM IST

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बच्चे बड़ों वाला टूथपेस्ट यूज कर सकते हैं?

बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए जितना उनके खानपान का ध्यान रखना जरूरी है, उतना ही जरूरी है, बच्चों के दांतों की सही देखभाल होना। शारदाकेयर-हेल्थसिटी की डेंटल साइंस की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तनु गुप्ता (Dr. Tanu Gupta, Senior Consultant - Dental Science, ShardaCare-Healthcity) के अनुसार, बच्चों की दांतों की देखभाल की शुरुआत बहुत छोटी उम्र से ही हो जानी चाहिए। लेकिन हमारे देश में ज्यादातर माता-पिता को यह नहीं पता होता है कि बच्चों के लिए कौन सा टूथपेस्ट सही होता है। कम उम्र में बच्चों को सही टूथपेस्ट देने से दांतों में कीड़ा लगने (अर्ली चाइल्डहुड कैरीज) जैसी आम समस्या को रोका जा सकता है।

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बच्चों को क्यों नहीं देना चाहिए बड़ा वाला टूथपेस्ट

डॉक्टर बताते हैं कि भारत में ज्यादातर पेरेंट्स रंगीन पैकिंग या जिन टूथपेस्ट का स्वाद अच्छा होता है, बच्चों के लिए बाजार से खरीद लेते हैं। ताकि बच्चा किसी भी तरह से बस ब्रश कर लें। लेकिन माता-पिता को केवल रंगीन पैकिंग या स्वाद देखकर टूथपेस्ट नहीं चुनना चाहिए। वयस्कों के लिए बने व्हाइटनिंग, हर्बल या ज्यादा खुरदरे (अब्रैसिव) टूथपेस्ट छोटे बच्चों के लिए सही नहीं होते है। पेरेंट्स अगर बच्चों के लिए इस प्रकार के टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें, तो इससे दांतों में दर्द, सेंसिटिविटी बढ़ सकती है। Also Read - पिंक सॉल्ट सेहत के लिए कैसे है फायदेमंद? जानें सामान्य नमक से कैसे अलग है

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बच्चों को बड़ा वाला टूथपेस्ट देने के नुकसान

व्यस्कों की तुलना में बच्चों के दांतों की परत पतली और नाजुक होती है। ऐसे में बच्चे अगर व्यस्कों वाला टूथपेस्ट यूज करते हैं, तो इससे उनके दांत खराब हो सकते हैं। इतना ही नहीं, बड़ों वाला टूथपेस्ट यूज करने से बच्चों को कम उम्र में दांतों की सेंसिटिविटी, जीभ में जलन की परेशानी हो सकती है। डॉक्टर बताते हैं कि बड़ों के टूथपेस्ट में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा होती है। अगर कोई बच्चा ब्रश करते समय टूथपेस्ट निगल लेता है, जिससे फ्लोरोसिस (दांतों पर सफेद या भूरे धब्बे) का खतरा बढ़ जाता है। तेज मिंट फ्लेवर बच्चों को जलन या उल्टी जैसा महसूस करा सकता है, जिससे वे ब्रश करने से बचने लगते हैं।

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बड़ों का टूथपेस्ट यूज करने से बच्चों के मसूड़े होते हैं खराब

बाजार में मिलने वाले कुछ टूथपेस्ट में हार्ड केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रकार के टूथपेस्ट को बच्चे इस्तेमाल करें, तो इससे उनके मसूड़े प्रभावित होते हैं।  Also Read - दिमाग को थका देती है बार-बार सोचने की आदत, जानें कैसे करें कंट्रोल

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किस उम्र में बच्चों को कितना टूथपेस्ट देना चाहिए

तीन साल से कम उम्र के बच्चों के लिए चावल के दाने जितनी मात्रा में फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट (लगभग 1000 पीपीएम फ्लोराइड) पर्याप्त होता है। तीन से छह साल के बच्चों को मटर के दाने जितनी मात्रा में टूथपेस्ट इस्तेमाल करना चाहिए। फ्लोराइड दांतों की ऊपरी परत (एनामेल) को मजबूत बनाता है और कैविटी से बचाता है। लेकिन बच्चों को ब्रश करते समय निगरानी जरूरी है, ताकि वे टूथपेस्ट निगलें नहीं।

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बच्चों को दिन में कितनी बार ब्रश करवाना चाहिए?

दिन में दो बार ब्रश करने की आदत डालना, खासकर रात को सोने से पहले, बहुत जरूरी है। इसके साथ ही, बच्चों के दांतों की सही देखभाल करने के लिए साल में एक बार डेंटिस्ट के पास लेकर जाना बहुत जरूरी है। Also Read - चांदी के गिलास का पानी होता है बेहद फायदेमंद, रोज पीने से दूर हो जाएंगी ये 4 समस्याएं