Spices
मसाले हमारे खाने को स्वादिष्ट तो बनाते ही हैं साथ ही साथ इनका सीमित सेवन हमारे शरीर के लिए फायदेमंद भी रहता है। कुछ भारतीय मसाले ऐसे होते हैं जिनमे कैंसर से बचाने वाले गुण पाये जाते हैं। ऐसे मसालों का नियमित सेवन कैंसर के खतरे को कम करता है।
मसाले हमारे खाने को स्वादिष्ट तो बनाते ही हैं साथ ही साथ इनका सीमित सेवन हमारे शरीर के लिए फायदेमंद भी रहता है। कुछ भारतीय मसाले ऐसे होते हैं जिनमे कैंसर से बचाने वाले गुण पाये जाते हैं। ऐसे मसालों का नियमित सेवन कैंसर के खतरे को कम करता है।
केसर: केसर न सिर्फ आपके खाने के स्वाद को बढ़ाती है बल्कि ये स्किन में होने वाले कैंसर से बचाव भी करती है। इसमें पाये जाने वाले वोलेटाइल यौगिक और एंटी-ऑक्सीडेंट कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं।
इलायची: कई शोधो में यह बात पता चला है कि इलायची में बहुत शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट पाये जाते हैं, इसके अलावा ये अपनी एंटी-इंफ्लेमेटरी क्षमताओं के कारण कैंसर से बचाव में मदद करते हैं।
दालचीनी: दालचीनी में पाये जाने वाले ग्लूकोज -6 फॉस्फेट डिहाइड्रोजिनीज एंजाइम के कारण ये फ्री रेडिकल से होने वाले ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं। इसके अलावा शोध में यह बात भी सामने आई है कि ये हेलीकोबक्टेर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती है। यह बैक्टीरिया कैंसर को बढ़ाने में मदद करती है।
लौंग: लौंग में पाये जाने वाले टैनिन्स, यूगेनोल नामक यौगिक कैंसर से बचाने में मदद करते हैं। ये कोशिकाओं को ऐसे हानिकारक योगिकों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।
जीरा: जीरा में ऐसेकई यौगिक होते हैं जिनके एंटी-इंफ्लेमेटरी क्षमताओं के कारण इनका नियमित सेवन हमें कैंसर से बचाता है।
लहसुन: लहसुन के रोजाना सेवन करने से ब्रेस्ट कैंसर, कोलन कैंसर, स्किन कैंसर और फेफड़ो के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। इसमें ऐसे एंटी-ऑक्सीडेंट पाये जाते हैं जो नाइट्रोसैमाइन के बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं जिससे कैंसर के बढ़ने की संभावना कम हो जाती है।
अदरक: अदरक में जिंजररोल्स और ज़िंगेरोन नामक यौगिक पाये जाते हैं जो कैंसर को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसमें पाये जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट इनफ्लेमेशन को कम करते हैं जिससे कैंसर का खतरा कम हो जाता है।