ये 10 लक्षण और संकेत बताते हैं कि आप हो रहे हैं एंग्जायटी डिसऑर्डर के शिकार, समय रहते मिलें एक्सपर्ट से

ये 10 लक्षण और संकेत बताते हैं कि आप हो रहे हैं एंग्जायटी डिसऑर्डर के शिकार। ऐसे में जरूरी है कि आप इन लक्षणों को हल्के में ना लें और समय रहते मिलें एक्सपर्ट से....

Written by Anshumala | Updated : January 6, 2022 10:37 PM IST

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एंग्जायटी डिसऑर्डर के 10 लक्षण ना करें इग्नोर

Symptoms of Anxiety Disorder in Hindi: आजकल जो माहौल है, उसमें अधिकतर लोगों को एंग्जायटी (Anxiety) की शिकायत हो रही है। कोरोना महामारी के इस दौर में सभी के मन-मस्तिष्क में कई तरह की चिंताएं घर कर गई हैं। किसी को नौकरी खोने का डर है, तो किसी को कोरोना ना हो जाए इस बात की चिंता सता रही है। बच्चों के करियर की चिंता भी अब अधिकतर लोगों को सताने लगी है। पर जितना ही आप इन बातों को लेकर चिंतित रहेंगे, यह समस्या और भी अधिक बढ़ती जाएगी। आपको समझ ही नहीं आएगा कि कब आपकी एंग्जायटी की समस्या गंभीर हो गई और ये कब एंग्जायटी डिसऑर्डर का रूप ले लिया। एक स्ट्रेस भरी जिंदगी के प्रति प्रतिक्रिया करना ही एंग्जायटी होता है। सामान्य सी चिंता किसी डिसऑर्डर (anxiety disorder) का रूप ना ले, इसके लिए आप कुछ लक्षणों और संकेतों को जरूर जान लें। एंग्जायटी डिसऑर्डर (What is Anxiety Disorder) खतरनाक हो सकता है, लेकिन स्पेशलिस्ट की मदद से इसे मैनेज किया जा सकता है। ऐसे में जरूरी है कि पहले आप एंग्जायटी डिसऑर्डर के लक्षणों को (symptoms of anxiety disorder) पहचान लें...

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एंग्जायटी डिसऑर्डर का लक्षण खीझ या उत्तेजित महसूस करना

यदि आप चिंतित, खीझ, उत्तेजित महसूस करते हैं, तो आपके सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम एक हिस्सा अधिक सक्रिय हो जाता है, जिसके के कारण आपका पल्स तेज हो सकता है। हथेलियों में अधिक पसानी आ सकता है। हांथ कांपने लगेंगे। मुंह सूखा लगेगा। ये लक्षण इसलिए नजर आते हैं, क्योंकि आपका मस्तिष्क ये मानता है कि आपने खतरे को भांप लिया है और यह आपके शरीर को खतरे पर प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार कर रहा है। Also Read - बोर्ड एग्जाम में कम नंबर से निराश बच्चों को टूटने से कैसे बचाएं? इन 5 बातों का ध्यान जरूर रखें पेरेंट्स

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थकान महसूस करना एंग्जायटी डिसऑर्डर का संकेत

क्या आपको लगातार थकान महसूस होता रहता है? यदि हां, तो यह एंग्जायटी डिसऑर्डर का लक्षण हो सकता है। हालांकि, कई अन्य शारीरिक समस्याओं में थकान महसूस होती है। शरीर में विटामिन डी की कमी होने, इन्सॉम्निया, खून की कमी आदि से भी थकान महसूस हो सकता है। यदि आपको थकान हर समय महसूस होता है, तो एक बार डॉक्टर से जरूर कंसल्ट कर लें।

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पैनिक अटैक कहीं एंग्जायटी डिसऑर्डर तो नहीं

पैनिक अटैक या डिसऑर्डर भी एंग्जायटी डिसऑर्डर का ही एक प्रकार है, जिसमें व्यक्ति को बार-बार पैनिक अटैक्स का अनुभव होता है। पैनिक अटैक डर की एक तीव्र अनुभूति उत्तपन्न करते हैं, जो दुर्बल करने वाली हो सकती है। पैनिक अटैक को आप इन लक्षणों से पहचान सकते हैं, पसीना आना, तेज हार्ट बीट, कांपना, सांस लेने में परेशानी, उल्टी महसूस करना। पैनिक अटैक कई अलग-अलग घटनाओं के रूप में हो सकते हैं, लेकिन अगर ये बार-बार आए, तो पैनिक डिसऑर्डर का संकेत हो सकते हैं। Also Read - गर्मियों में इन 5 तरीकों से रखें अपने चेहरी की त्वचा का ध्यान, हर कोई पूछेगा कैसे आया इतना ग्लो?

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बेचैनी महसूस करना एंग्जायटी डिसऑर्डर का लक्षण

बेचैनी महसूस करना भी एंग्जायटी डिसऑर्डर के आम लक्षणों में शामिल होता है। यह ज्यादातर बच्चों और किशोरों में देखा जाता है। हालांकि, यह लक्षण एंग्जायटी से ग्रस्त हर किसी में नजर नहीं आता है। सबसे पहले डॉक्टर निदान में इसी लक्षण को गौर से पहचानने की कोशिश करता है।

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अधिक चिंता करना एंग्जायटी डिसऑर्डर का संकेत

चिंता विकार या एंग्जायटी डिसऑर्डर से ग्रस्त व्यक्ति हद से ज्यादा किसी भी बात को लेकर चिंतित रहने लगता है। उसे हर दिन की परिस्थितियों, घटनाओं के बारे में चिंता होने लगती है। यदि ऐसे लक्षण लगातार 6 महीने तक बने रहते हैं, तो इसे कंट्रोल करना मुश्किल भी हो सकता है। इसमें आप अपने डेली रूटीन के काम या फिर ध्यान लगाने में खुद को अक्षम पाएंगे।  Also Read - क्या खाली पेट केला खा सकते हैं? जानें कौन-खाएं और कौन-परहेज करें

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कई तरह के फोबिया भी होते हैं एंग्जायटी के लक्षण

यदि आपको बंद जगहों, मकड़ी, ऊंचाई पर जाने से डर लगता है, तो ये कुछ खास तरह के फोबिया के कारण होता है। किसी भी तरह का फोबिया एक्सट्रीम एंग्जायटी के दायरे में आता है। फोबिया में व्यक्ति किसी खास परिस्थिति, वस्तु, चीज से बेहद डरता है। इसमें आप किसी भी काम को सही तरीके से कर पाने में पूरी तरह से अक्षम हो जाते हैं।

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एंग्जायटी डिसऑर्डर का इलाज

एक साइकोलॉजिस्ट या फिर साइकियाट्रिस्ट से आप इसका इलाज करा सकते हैं। एंग्जायटी डिसऑर्डर का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है। इसमें कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी, नेचुरल थेरेपी जैसे हेल्दी ईटिंग, लाइफस्टाइल फॉलो करना, कुछ दवाएं जो एंग्जायटी को कम करती हैं आदि शामिल हैं।  Also Read - डाउन सिंड्रोम में दिल की बीमारी का बड़ा खतरा! जन्म के बाद ये टेस्ट कराना जरूरी

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एंग्जायटी को दूर करने के उपाय

यदि आपको एंग्जायटी है, तो एंग्जायटी डिसऑर्डर की गिरफ्त में आने से खुद को बचाने के लिए आप अपनी डाइट का पूरा ध्यान रखें। हेल्दी फूड्स का सेवन करें। सब्जी, फल, मीट, मछली, नट्स, साबुत अनाज को भरपूर मात्रा में शामिल करें। इससे एंग्जायटी डिसऑर्डर होने का खतरा कम होता है। साथ ही प्रोबायोटिक्स, फर्मेंटेड फूड्स का भी सेवन करें ताकि मेंटल हेल्थ में सुधार हो। कैफीन, चाय का अधिक सेवन एंग्जायटी को और अधिक बढ़ा सकता है। शराब, धूम्रपान का सेवन छोड़ दें। प्रतिदिन एक्सरसाइज करें। मेडिटेशन करें। योग करें।

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एंग्जायटी होने पर कब जाएं डॉक्टर के पास

चिंता आपको दुर्बल कर सकती है। ऐसे में यदि आपके लक्षण गंभीर हैं तो किसी स्पेशलिस्ट से मदद जरूर लें। यदि आप प्रतिदिन चिंता महसूस करते हैं और छह महीने तक ऊपर बताए गए एक या दो से अधिक लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए। यह एंग्जायटी डिसऑर्डर के संकेत हो सकते हैं। इसका इलाज एक बेहतर साइकोलॉजिस्ट ही कर सकता है। (डिस्क्लेमर: इसे लेख में लिखी गई सभी जानकारियां और सलाह सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए दी गई हैं। एंग्जायटी से छुटकारा पाने या किसी भी टिप्स को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।) Also Read - बच्चा रात में क्यों नहीं सोता? उनकी नींद बार-बार टूटने की क्या होती है वजह