गर्मी के मौसम में काढ़ा पीना सेहत के लिए कितना फायदेमंद? जानें किस तरह और कितनी मात्रा में पिएं काढ़ा

क्या गर्मी में काढ़ा पीना सेहत के लिए फायदेमंद होता है? जानें, किस तरीके और कितनी मात्रा में पीना चाहिए गर्मी के मौसम में काढ़ा...

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गर्मी में काढ़ा पीने के फायदे-नुकसान

Drinking Kadha Benefits in Summer in Hindi: कोरोना संक्रमण (Corona infection) से खुद को बचाए रखने के लिए पिछले एक साल से काढ़ा का सेवन खूब बढ़ा है। लोग तरह-तरह के घरेलू काढ़ा का सेवन (Benefits of Kadha) कर रहे हैं, ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity Boosting Drinks) को बूस्ट करके संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके। यह आयुर्वेदिक नु्स्खा फायदेमंद भी होता है, क्योंकि यह सर्दी-जुकाम, बुखार, इंफेक्शन, फ्लू, गले में खराश जैसी समस्या से बचाता है। हालांकि, कुछ लोग कोरोना से इतने डरे हुए हैं कि वे इस घातक वायरस से खुद को सुरक्षित रखने के लिए दिन में तीन से चार बार तरह-तरह के काढ़े का सेवन (Side Effects of Kadha) कर रहे हैं। सर्दियों में भी काढ़ा लोग सर्दी-जुकाम से बचने के लिए करते हैं, लेकिन क्या काढ़ा गर्मी में पीना फायदा (Kadha peene ke fayde) पहुंचाता है? यह जानना जरूरी है कि गर्मी के मौसम में काढ़ा पीना कितना फायदेमंद (Kadha Benefits in Summer in Hindi) होता है? दरअसल, काढ़ा जिन चीजों से बनाया जाता है, उनकी तासीर गर्म होती है और अधिक काढ़ा पीना कितना लाभ देता है, यह जानना जरूरी है।

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क्या गर्मी में काढ़ा पीना सुरक्षित है? (Having Kadha During Summer Is Safe?)

काढ़ा में इस्तेमाल की जाने वाली सभी सामग्री तासीर में गर्म होती है। ऐसे में गर्मी में इसका सेवन करना कितना सुरक्षित और फायदेमंद (Kadha Benefits in Summer in Hindi) होगा, यह जानना जरूरी है। काढ़ा का सेवन आप सर्दी में अधिक करेंगे तो फायदा होगा, लेकिन गर्मी में इसका अधिक सेवन करेंगे तो सेहत से संबंधित कई समस्याएं हो सकती हैं। इससे हाई ब्लड प्रेशर, एंग्जायटी, नाक से खून बहना, सीने में जलन, उल्टी, जी मिचलाना, गैस की परेशानी बढ़ सकती है। जिन लोगों को ये सभी समस्याएं हैं, उन्हें इसका सेवन अधिक भूलकर भी नहीं करना चाहिए। अधिक नहीं, बल्कि सीमित मात्रा में आप गर्मी में भी काढ़ा पी सकते हैं।

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गर्मी में काढ़ा पीने का सही तरीका क्या है? (How To Drink Kadha In Summer)

सुबह में सोकर उठने के बाद काढ़ा पिएं या फिर शाम में 4 से 5 बजे पिएं। खाली पेट इसका सेवन करने से बचें, क्योंकि इसमें मौजूद सामग्री से गैस की समस्या हो सकती है। नाश्ते के बाद काढ़ा पीना भी सही होता है। एक बार में आधा कप से ज्यादा काढ़ा ना पिएं वरना गर्मी में आपको उल्टी, जी मिचलाने की समस्या हो सकती है। काढ़ा में काली मिर्च और अदरक को कम मात्रा में ही डालें, क्योंकि इनकी तासीर बहुत गर्म होती है। इसमें शहद मिलाकर पीने से सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या नहीं होगी। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, वे काढ़े में मुलेठी या शहद अधिक ना डालें।

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काढ़ा के होते हैं कई फायदे (Benefits Of Kadha In Hindi)

काढ़ा एक नेचुरल और आयुर्वेदिक उपचार है, जो सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। काढ़ा में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। दालचीनी, काली मिर्च, लौंग, तेजपत्ता, तुलसी, अदरक, हल्दी, मुलेठी, गिलोय आदि कई मेडिसिनल मसालों को पानी में मिलाकर इसे तैयार किया जाता है। सर्दी, खांसी, जुकाम, फ्लू, गले में खराश जैसी मौसमी बीमारियों को चुटकी में दूर करता है काढ़ा। जिन लोगों को गठिया, अस्थमा, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, सिरदर्द आदि की समस्या होती है, उनके लिए यह बेहद ही फायदेमंद होता है।

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अधिक काढ़ा पीने के नुकसान (Side Effects Of Kadha In Hindi)

कोरोना काल में इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए यदि आप अधिक काढ़ा पी जा रहे हैं, तो ऐसा ना करें। खासकर, गर्मी के मौसम में ऐसा करने से आपको फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। गर्म तासीर वाली चीजों के अधिक सेवन से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। एक दिन में आधा कप काढ़ा (Side Effects of Kadha in hindi) पीना सही होता है। प्रत्येक दिन काढ़ा पीने से बचें।