सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 10 हेल्दी फूड्स, सेहत को हो सकती हैं कई समस्याएं

सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 10 हेल्दी फूड्स, फायदे होने की बजाय सेहत को हो सकती हैं कई समस्याएं....

Written by Anshumala | Published : August 4, 2021 11:26 PM IST

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सर्दी-खांसी, बुखार में भूलकर भी ना खाएं ये 10 फूड्स, बढ़ सकती है समस्या

Healthy Foods must avoid in cough-cold in Hindi: बारिश के मौसम में सर्दी-जुकाम (cough-cold), खांसी, बुखार (Fever), गले में खराश (Sore Throat), इंफेक्शन जैसी समस्याओं के कारण लोग परेशान रहते हैं। दवा खाकर आप इनसे छुटकारा पाने की कोशिश करते हैं, लेकिन ये समस्याएं बारिश में अधिक भीगने, कुछ भी अनहेल्दी खाने-पीने से दोबारा हो जाती हैं। ऐसे में बार-बार ओवर द काउंटर मेडिसिन का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ दवाओं के साथ ही ऐसे खाद्य पदार्थ भी होते हैं, जिनके सेवन से ये समस्याएं ठीक होने की बजाय और बिगड़ (foods which can worsen health in cold & flu) सकती हैं। हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें सर्दी-जुकाम, बुखार के समय खाने से परहेज (Foods must avoid in cough-cold in Hindi) करना चाहिए।

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सर्दी-जुकाम में केला खाने से करें परहेज

केला बेशक शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करता है, लेकिन खांसी-सर्दी और बलगम अधिक होने पर इसका सेवन अधिक करने से बचना चाहिए। केला में शुगर की मात्रा अधिक होती है। इससे इनफ्लेमेशन की समस्या बढ़ सकती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को नुकसान पहुंच सकता है। केले की तासीर भी ठंडी होती है, ऐसे में सर्दी-खांसी में इसका सेवन ना करें, तो ही सेहत के लिए सही होगा।  Also Read - बार-बार पेशाब आना क्या डायबिटीज का संकेत है? जानिए कब सतर्क होना है जरूरी

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कफ-कोल्ड में पपीता खाने से भी बचें

पेट की सेहत के लिए सबसे बढ़िया फल पपीता होता है। यह पाचन शक्ति को मजबूत करता है। कब्ज की समस्या से बचाता है। लेकिन, सर्दी-जुकाम, खांसी में इसके सेवन से परहेज करना चाहिए। स्ट्रॉबेरी की तरह इसमें भी हिस्टामाइन (Histamine) कंपाउंड रिलीज होता है, जो नाक की नली में इंफ्लेमेशन की समस्या को बढ़ा सकता है। साइनस की समस्या से जो लोग परेशान रहते हैं, उन्हें भी पपीता नहीं खाना चाहिए।

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कफ-कोल्ड में स्ट्रॉबेरी का सेवन करें कम

स्ट्रॉबेरी एक हेल्दी फल है, लेकिन सर्दी-खांसी में इसका अधिक सेवन करने से सीने में अधिक बलगम जमने की समस्या हो सकती है। स्ट्रॉबेरी के अधिक सेवन से हिस्टामाइन (Histamine) कंपाउंड रिलीज होता है, जिससे शरीर में खून जाम हो सकता है। सीने में जमा बलगम साइनस में समस्या को बढ़ा सकता है।  Also Read - इन 5 कारणों से गले में खुजली जैसा होता है महसूस, डॉक्टर से जानिए बचाव के उपाय

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दूध और दही भी खाएं कम

यदि आपको सर्दी, खांसी, कोल्ड-कफ, फ्लू आदि की समस्या है, तो दही, ठंडा दूध आदि पीने से बचें। डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन अधिक करने से रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में बलगम जमा हो सकता है। गले में जलन, इंफेक्शन, खराश की समस्या भी बढ़ सकती है। बारिश के मौसम में दूध से बनी चीजों का सेवन थोड़ा कम कर दें।

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सिट्रस फल से बढ़ सकती है समस्या

सिट्रस फल वे फल होते हैं, जो खट्टे होते हैं। इसमें साइट्रिक एसिड होता है। खट्टे फलों के सेवन से एसिड रिफलक्स होता है। इससे गले में समस्या बढ़ सकती है। खट्टे फलों के अधिक सेवन से खांसी, कफ, गले में दर्द, इंफेक्शन की समस्या बढ़ सकती है। खट्टे फलों की बजाय आप तरबूज, खरबूजा, खीरा, नाशपाती का सेवन करें। इन फलों में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो सर्दी-जुकाम, खांसी में नुकसान नहीं पहुंचाती है। Also Read - पेशाब में जलन के कारण क्या हैं? क्या किडनी स्टोन भी जिम्मेदार हो सकता है?

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खांसी-सर्दी में ड्राई खुबानी से करें परहेज

ड्राई खुबानी यानी सूखे खुबानी का सेवन आप ड्राई फ्रूट्स के साथ करते होंगे। यह खुबानी फल को सुखा कर बनता है। इसमें भी हिस्टामाइन का स्तर अधिक मात्रा में होता है, जो ब्रीदिंग की समस्या, सिरदर्द को बढ़ा सकता है। यदि आपको बलगम अधिक है, तो ड्राई खुबानी खाने से सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।

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अखरोट खाने से करें परहेज

अखरोट दिमाग को हेल्दी रखता है। इसमें कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो कई रोगों से बचाए रखते हैं। लेकिन, जब आपको सर्दी, खांसी, जुकाम, खराश, इंफेक्शन, सीने में बलगम जमा होने की समस्या हो तो अखरोट अधिक खाने से बचना चाहिए। हिस्टामाइन (Histamine) कंपाउंड इसमें भी बहुत अधिक होता है, गले में खराश, कोल्ड-फ्लू, नाक की नली, साइनस आदि में तकलीफ होने पर खाने से परहेज करना चाहिए। Also Read - फेल होने के बाद बच्चे को मेंटली कैसे तैयार करें? जानें बच्चे को संभालने का सही तरीका

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तला-भुना, मसालेदार खाने से करें परहेज

बारिश के मौसम में बाहर का खाना खाने से पेट में संक्रमण हो सकता है। गले में खराश की समस्या को तला-भुना, मसालेदार चीज और भी अधिक बढ़ा सकता है। यदि आपको खांसी, सीने में दर्द की समस्या हो रही है, तो मसालेदार चीजों का सेवन करने से बचें। पैकेट बदं नमकीन, चिप्स, जंक फूड जैसे बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, सॉस, चटनी खाने से कफ की समस्या और भी अधिक बढ़ सकती है।

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फैटी फूड खाना कर दें बंद

बारिश के सीजन में आपको गले में इंफेक्शन, खराश, जुकाम, खांसी की समस्या परेशान कर रही है, तो कुछ दिनों के लिए फैटी फूड जैसे रेड मीट, फैटी फिश, एवोकाडो, कैलोरी युक्त चीजें, वसा युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन कम कर दें। अधिक फैट के सेवन से पाचन प्रणाली का कार्य धीमा पड़ने लगता है। कोई भी खाना जल्दी पचता नहीं। भोजन ना पचना सेहत को कई अन्य तकलीफ दे सकता है।  Also Read - प्रेग्नेंसी में अल्ट्रासाउंड कब और कितनी बार कराना चाहिए? जानें क्यों होता है जरूरी