Anti-Aging Diet: बिना बीमारी के 100 साल तक जीना है तो डाइट में शामिल करें ये 5 फूड, बुढ़ापे तक शरीर रहेगा मजबूत

Anti-Aging Diet: उम्र बढ़ने के साथ बीमारियों से खुद को दूर रखना चाहते हैं तो यहां हम आपको 5 बेहतरीन एंटी-एजिंग फूड (Anti-Aging Food) के बारे में बता रहे हैं जो आपको बुढ़ापे में भी बीमारियों से दूर रखने में मदद कर सकता है.

Written by Atul Modi | Updated : December 6, 2021 10:46 PM IST

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बुढ़ापे तक खुद को रखें हेल्दी

अक्सर ऐसा माना जाता है कि किसी व्यक्ति की दीर्घायु काफी हद तक आनुवंशिकी द्वारा निर्धारित होती है। हालांकि, यह तथ्य पूरी तरह से सही नहीं है। विशेषज्ञों की मानें तो लंबे समय तक जीवित रहने में जीन बहुत छोटी भूमिका निभाते हैं, लेकिन ऐसे कई अन्य प्रमुख कारक हैं जो इसमें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जैसे कि आपका आहार और जीवनशैली। जबकि हम में से कोई भी हमेशा के लिए जीवित नहीं रह सकता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो अपने खानपान पर ध्यान देकर आप अपने जीवन में कुछ अतिरिक्त वर्ष जोड़ सकते हैं। इस लेख में हम आपको 5 ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जो आपके जीवनकाल को बढ़ाने के साथ ही आपके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में बेहद मददगार साबित हो सकते हैं।

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1. एंटीऑक्सीडेंट रिच फूड्स

फ्री रेडिकल्स (Free radicals) ऐसे अणु या मोलेक्युल्स (Molecules) होते हैं, जो आपकी स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वे आपके कैंसर जैसी कुछ गंभीर बीमारियों के होने के जोखिम को भी बढ़ाने में भी योगदान दे सकते हैं, साथ ही उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी तेज कर सकते हैं। ऐसे में एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ का सेवन करने से उन अणुओं से लड़ने में मदद मिल सकती है। रंग-बिरंगी सब्जियां और फल एंटीऑक्सीडेंज से भरपूर होते हैं, इसलिए रोजाना उनकी पांच से नौ सर्विंग्स लेने की कोशिश करें। Also Read - इस विटामिन की कमी से झड़ने लगते हैं बाल, महंगे Hair Care Products खरीदने से पहले खाना शुरू कर दें ये 5 Fruits

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2. डेयरी फूड्स

विटामिन डी से भरपूर पेय पदार्थ- जैसे दूध, आपके शरीर को कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा प्रदान करने और उसका उपयोग करने में मदद करते हैं। यदि आपको ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) की संभावना है या हड्डियां पतली हैं तो यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। साथ ही दही का सेवन करने से पाचन को बूस्ट करने में भी मदद मिलती है।

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3. साबुत अनाज

साबुत अनाज को अपने आहार में शामिल करने से कुछ प्रकार के कैंसर, टाइप 2 मधुमेह और हृदय रोग की संभावना कम हो सकती है। फाइबर कब्ज और डायवर्टीकुलर डिजीज (Diverticular Disease) जैसी पाचन समस्याओं को रोकने में भी मदद कर सकता है। बेहतर है कि सफेद चावलों के बजाय ब्राउन राइस या वाइल्ड राइस का विकल्प चुनें और साबुत अनाज से बनी ब्रेड और पास्ता का सेवन करें। इसके अलावा आप अपने सूप में जौ डाल सकते हैं, या मीटलोफ में सादा दलिया। Also Read - हिना खान ने शेयर की फिरनी रेसिपी, क्या कैंसर मरीजों के लिए मीठा खाना सेफ है?

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4. ऑलिव ऑयल

जैतून का तेल या ऑलिव ऑयल बहुत ही स्वादिष्ट होता है। विशेषज्ञों की मानें तो इस "अच्छे" वसा (Good fat) में एंटीइन्फ्लेमेट्री और एंटीऑक्सीडेंट गुण हो मौजूद होते हैं। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करने में भी मदद कर सकता है।

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5. मछली

इसे "ब्रेन फ़ूड" कहा जाता है क्योंकि मछली में मौजूद फैटी एसिड, डीएचए और ईपीए, आपके मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को उस तरह से काम करने में मदद कर सकते हैं जैसे उन्हें करना चाहिए। सप्ताह में एक या दो बार मछली खाने से आपको डिमेंशिया होने की संभावना भी कम हो सकती है। सैल्मन और ट्राउट जैसी फैटी फिश में पाए जाने वाले ओमेगा -3 फैटी एसिड, खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह उस सूजन को कम करने में भी मदद कर सकता है जो एथेरोस्क्लेरोसिस की ओर ले जाती है, जिसमें जमा वसा आपकी धमनियों को रुकावट का कारण बनती हैं। Also Read - सब ट्राई करने पर भी नहीं रुक रहा Hair Fall? कहीं हार्मोन तो नहीं बिगड़ गए