स्वस्थ लोगों में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देंगी ये 5 चीजें, दिल को स्वस्थ रखना है तो कर लें इनकी पहचान

Heart disease in healthy adults: दिल को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है कि कुछ ऐसे कारक होते हैं, जो स्वस्थ लोगों में भी हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकते हैं। इन कारकों को पहचान करना जरूरी है।

Written by Mukesh Sharma | Published : February 13, 2023 5:01 PM IST

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हार्ट अटैक के जोखिम कारक (Risk Factors Of Heart Attack)

Heart disease factors: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दिल को स्वस्थ रखना जरूरी है, ताकि शरीर के सभी अंगों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन वाला रक्त मिलता रहे। दिल को स्वस्थ रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है लाइफस्टाइल का सही होना, अगर आपका लाइफस्टाइल ठीक नहीं है तो आपको हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। आजकल बिजी शेड्यूल के कारण लोग अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते हैं, जिससे उनका पूरा लाइफस्टाइल बिगड़ जाता है और उन्हें हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। हालांकि, समय रहते देखभाल करने से हार्ट की समस्याओं को गंभीर होने से पहले ही कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन उसके लिए भी इन समस्याओं का कारण बनने वाले कारकों का पता लगाना जरूरी है। आज हम आपको 5 ऐसे ही कारकों के बारे में बताने वाले हैं, जो हेल्दी दिखने वाले लोगों में भी हार्ट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर देते हैं। यदि आपके घर में पहले से ही किसी को हार्ट से जुड़ी समस्याएं हैं, तो ये कारक हार्ट से जुड़ी बीमारियां पैदा करने के खतरे और ज्यादा बढ़ा देते हैं। चलिए जानते हैं इन कारकों के बारे में

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मोटापा बढ़ना (Heart Attack Caused By Obesity)

शरीर का वजन बढ़ना हार्ट के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है। आपके शरीर का मोटापा जितना बढ़ता चला जाएगा उतना ही आपको हार्ट अटैक से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाएगा। मोटापे में धमनियों के अंदर ज्यादा वसा जमा होने लगती है, जिस कारण से हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अभी से उसे कंट्रोल करना शुरू कर देना चाहिए। Also Read - ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने से कभी भी पड़ सकता है दिल का दौरा, जानिए नॉर्मल व्यक्ति का ट्राइग्लिसराइड्स लेवल कितना होना चाहिए

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जेनेटिक कंडीशन (Heart Attack Caused By Genetic Condition)

यदि आपके परिवार में पहले किसी को हार्ट से जुड़ी समस्याएं हो चुकी हैं, तो आपको भी यह समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि आपके शरीर का वजन बढ़ा हुआ नहीं है फिर भी हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा हो सकता है। ऐसे में समय-समय पर डॉक्टर से जांच ही इसकी रोकथाम का सबसे अच्छा उपाय माना जा सकता है। हालांकि, एक हेल्दी लाइफस्टाइल हार्ट डिजीज के खतरे को कुछ हद तक कम कर सकता है।

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क्रोनिक बीमारियां (Heart Attack Caused By Chronic Condition)

कुछ बीमारियां हार्ट डिजीज के खतरे को काफी हद तक बढ़ा सकती है। उदाहरण के तौर पर डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और फेफड़ों से जुड़ी कुछ समस्याएं ऐसी हैं, जो काफी हद तक हार्ट से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती हैं। इन बीमारियों को कंट्रोल रखकर खतरे को कम किया जा सकता है। Also Read - कॉफी पीने का ये है सही समय, हार्ट अटैक का रिस्क होता है कम?

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सेडेंटरी लाइफस्टाइल (Heart Attack Caused By Sedentary Lifestyle)

हार्ट को हेल्दी रखने के लिए एक्टिव लाइफस्टाइल का होना बहुत जरूरी है। यदि आपका लाइफस्टाइल सेडेंटरी है, तो इससे हार्ट की परेशानियां बढ़ जाती हैं। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां होना बहुत जरूरी है।

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धूम्रपान व अल्कोहल (Heart Attack Caused By Smoking And Drinking)

धूम्रपान करना और शराब का सेवन करना दोनों को ही दिल से जुड़ी समस्याएं बढ़ाने वाले कारकों के बारे में जाना जाता है। हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने के खतरे को कम करने के लिए जल्द से जल्द ये आदतें छोड़ना बहुत जरूरी है। इतना ही नहीं सेकेंड हैंड स्मोक भी आपकी सेहत को कई नुकसान पहुंचाता है और इसलिए धूम्रपान कर रहे व्यक्ति के संपर्क में आने से भी बचना चाहिए। Also Read - इस उम्र में रहता है हार्ट अटैक का सबसे अधिक खतरा, जान लें कैसे रखें खुद को सुरक्षित