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क्या पैड्स और टैम्पोन की वजह से Breast Cancer होता है?

Can Sanitary pads and Tampons cause Breast Cancer: भारत में पीरियड्स के दौरान इस्तेमाल होने वाले सैनेटरी पैड्स और टैम्पोन को लेकर कई बातें कहीं जाती हैं। जिनमें से एक है कि ये चीजें महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाती (Kya Sanitary Pad or Tampon se cancer hota hai) हैं।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : October 10, 2025, 2:35 PM

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Medically Verified By: dr. vaishali zamre

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क्या सैनिटरी पैड और टैम्पोन की वजह से Breast Cancer होता है?

Can Sanitary pads and Tampons cause Breast Cancer : महिलाओं के लिए पीरियड्स के दौरान इस्तेमाल होने वाले सैनिटरी प्रोडक्ट्स- जैसे कि पैड्स और टैम्पोन बहुत जरूरी होते हैं। सैनिटरी पैड और टैम्पोन न सिर्फ पीरियड्स में महिलाओं को आराम देते हैं, बल्कि संक्रमण से बचाव में भी मदद करते हैं। लेकिन हाल के कुछ सालों में सोशल मीडिया और इंटरनेट पर एक सवाल तेजी से फैल रहा है, वो ये है कि सैनिटरी पैड्स और टैम्पोन का इस्तेमाल करने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा (Kya Sanitary Pad or Tampon se cancer hota hai) बढ़ता है। लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है?

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ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ

अक्टूबर का महीना जब ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ (Breast Cancer Awareness Month) के तौर पर मनाया जा रहा है, तब हम एक खास सीरीज चला रहे हैं और इसमें हम ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े तमाम मिथकों की सच्चाई जानने की कोशिश करेंगे। इस सीरिज के तीसरे एपिसोड में हम आपको बताने जा रहे हैं क्या पीरियड्स के दौरान महिलाओं द्वारा सैनिटरी पैड और टैम्पोन का इस्तेमाल करने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता (Kya Sanitary Pad or Tampon se cancer hota hai) है?  Also Read - Father's Day Special: 18 साल के बेटे ने एक किडनी देकर बचाई पिता की जान

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पैड्स और टैम्पोन से कैंसर का खतरा

हरियाणा के सोनीपत स्थित एंडोमेड्रा अस्पताल की सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. वैशाली जमारे के अनुसार, कई सोशल मीडिया पोस्ट्स और फॉरवर्ड मैसेज में दावा किया जाता है कि पैड्स और टैम्पोन में मौजूद केमिकल्स ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकते हैं। इनमें यह कहा जाता है कि सैनिटरी पैड्स और टैम्पोन शरीर में टॉक्सिन्स छोड़ते हैं जो हार्मोनल बदलाव लाकर कैंसर को ट्रिगर करते हैं। लेकिन इस दावों में किसी प्रकार की सच्चाई नहीं है। डॉ. वैशाली बताती हैं कि अब तक ऐसी कोई रिसर्च नहीं आई है, जिसके आधार पर ये कहा जाए कि सैनिटरी पैड्स और टैम्पोन का इस्तेमाल करने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है।

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पैड्स और टैम्पोन से एलर्जी का खतरा

डॉ. वैशाली बताती हैं कि सैनिटरी पैड और टैम्पोन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बेशक न हो, लेकिन इससे योनि संक्रमण या स्किन एलर्जी से जुड़ा होता है, जो गलत इस्तेमाल या लंबे समय तक एक ही पैड पहनने के कारण होता है। बाजार में मिलने वाले ज्यादातर सैनिटरी पैड्स और टैम्पोन को बनाने के लिए कॉटन,सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर, प्लास्टिक शीट और चिपकने वाला पदार्थ का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें से कुछ केमिकल्स यदि निम्न गुणवत्ता वाले हों तो एलर्जी या इरिटेशन कर सकते हैं, लेकिन इनसे ब्रेस्ट कैंसर जैसे खतरे की कोई बात नहीं है।  Also Read - 40 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए जरूरी हैं ये 5 मेडिकल टेस्ट, आज ही जानें इसके बारे में

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ब्रेस्ट कैंसर का असली कारण क्या है?

पैड्स या टैम्पोन की बजाय, वैज्ञानिकों और डॉक्टर्स ने ब्रेस्ट कैंसर के जो मुख्य कारण बताए हैं, उनमें हार्मोनल असंतुलन, परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर होना, शराब, धूम्रपान, व्यायाम की कमी, अधिक वजन या मोटापा और बच्चों को स्तनपान न कराना शामिल है।

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ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के उपाय

भले ही पैड्स या टैम्पोन से ब्रेस्ट कैंसर न होता हो, लेकिन इस बीमारी से बचाव के लिए कुछ जरूरी कदम उठाना हर महिला के लिए महत्वपूर्ण है। ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए नियमित रूप से ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन करें। अगर आपकी उम्र 40 वर्ष से ज्यादा हो गई है, तो नियमित रूप से मैमोग्राफी कराएं। रोजाना के खाने में हेल्दी डाइट जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज को शामिल करें। अगर आपके परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री रही है, तो साल में 1 बार डॉक्टर से टेस्ट जरूर करवाएं।  Also Read - क्या रोजाना योग करने से छिप सकती है आपकी उम्र? जानें क्या कहते हैं योग एक्सपर्ट