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प्रेगनेंट होने पर मिल सकता है मेडिकल इंश्योरेंस? जानें प्रेगनेंसी कवर में कौन-कौन से खर्चे होते हैं शामिल

Maternity insurance : बहुत से हेल्थ कवर में मैटरनिटी को कवर नहीं किया जाता लेकिन कुछ तरीके हैं जिनकी जानकारी होना आपके लिए बहुत जरूरी है।

Written by Jitendra Gupta | Updated : October 3, 2022 7:31 AM IST

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प्रेगनेंट होने पर मिल सकता है मेडिकल इंश्योरेंस?

Maternity insurance : अक्सर प्रेगनेंट महिलाओं के लिए सरकारी अस्पतालों के चक्कर लगाना बहुत मुश्किल होता है। वहीं सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी महिलाओं को सरकारी अस्पतालों का रुख करने से रोकती है। निजी अस्पतालों में सुविधाएं होती हैं लेकिन उनमें होने वाला खर्च अक्सर जेब पर भारी पड़ता है। इसलिए बहुत से वैवाहिक जोड़े शादी के बाद ही मेडिकल बीमा पॉलिसी ले लेते हैं ताकि उन्हें डिलिवरी के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न झेलनी पड़े। हालांकि बहुत से हेल्थ कवर में मैटरनिटी (Maternity insurance Cover) को कवर नहीं किया जाता लेकिन कुछ तरीके हैं जिनकी जानकारी होना आपके लिए बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं लूप हेल्थ के सह संस्थापक और सीआरओ अमृत सिंह से मैटरनिटी इंश्योरेंस से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियां, जो आपके मैटरनिटी इंश्योरेंस (Maternity insurance in hindi) से जागरूक करेंगी।

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1-मेडिकल इंश्योरेंस में मैटरनिटी क्यों कवर नहीं? (why Is Maternity Not Covered In Insurance)

हेल्थ बीमा में मैटरनिटी (गर्भावस्था और प्रसव (डिलिवरी) को कवर किया जाता है। लेकिन, आमतौर पर मैटरनिटी इंश्योरेंस एक स्टैंडअलोन बीमा पॉलिसी है। यह व्यक्तिगत और पारिवारिक फ्लोटर योजनाओं में सामान्य स्वास्थ्य बीमा के साथ एक लाभ या ऐड-ऑन राइडर भी हो सकता है। अगर महिला पहले से ही गर्भवती है तो प्रेगनेंसी को पहले से मौजूद स्थिति माना जाता है और इसे कवर नहीं किया जाता।  Also Read - तमन्ना भाटिया के DIY ब्यूटी हैक्स

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2-किन मेडिकल इंश्योरेंस में प्रेगनेंसी होती है कवर ? (Maternity Insurance Cover In Hindi)

अधिकांश प्रमुख बीमा कंपनियां मैटरनिटी पॉलिसी या कवर प्रदान करती हैं। ग्रुप बीमा पॉलिसी के मामले में, कुछ कंपनियां अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के साथ राइडर के रूप में मैटरनिटी इंश्योरेंस लाभ प्रदान करती हैं।

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3-मैटरनिटी इंश्योरेंस में क्या होता है कवर? (what Is Covered In Maternity Insurance)

मां बनने वाली स्त्रियों के लिए मैटरनिटी इंश्योरेंस उपयोगी है और इसमें आम तौर पर कई तरह के खर्चे शामिल होते हैं जैसे कि : - डिलिवरी (सामान्य और सिजेरियन) - नर्सिंग रूम शुल्क - डॉक्टर परामर्श शुल्क - एनेस्थेटिस्ट शुल्क - सर्जन की फीस - गर्भावस्था में जटिलताओं के लिए प्राप्त उपचार - (अगर आवश्यक हो) चिकित्सीय रूप से जरूरी गर्भपात - लेकिन मैटरनिटी बीमा योजनाओं में न्यूनतम 9 महीने से लेकर अधिकतम 6 वर्ष तक का वेटिंग पीरियड होता है। बीमित व्यक्ति वेटिंग पीरियड के दौरान गर्भावस्था से संबंधित किसी भी खर्च का दावा नहीं कर सकता है। इसलिए, मैटरनिटी पॉलिसी की इच्छुक व्यक्ति को अवश्य ही पहले से योजना बना लेनी चाहिए।  Also Read - क्या आपको भी नहाने के बाद होता है सिरदर्द, जानें इसके कारण और आयुर्वेद में इससे राहत के उपाय

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4- गर्भवती महिला के लिए क्यों जरूरी है मेडिकल इंश्योरेंस (why Medical Cover Is Important In Maternity Insurance)

जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, मैटरनिटी बीमा पॉलिसियों में वेटिंग पीरियड होता है और गर्भावस्था को पूर्व-मौजूद स्थिति के रूप में मानते हैं - इसलिए, जो महिलाएं पॉलिसी खरीदते समय पहले से ही गर्भवती हैं, उन्हें पॉलिसी से मैटरनिटी संबंधी तत्काल लाभ नहीं मिलेगा।

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5-कम पैसों वाले मेडिकल इंश्योरेंस में क्या कवर होता है? (cheap Medical Insurance In Hindi)

भारत में स्वास्थ्य बीमा अन्य देशों की तुलना में अपेक्षाकृत सस्ता और व्यापक है। विशेष रूप से ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस आमतौर पर निम्नलिखित लाभ प्रदान करता है : 1-बिना वेटिंग पीरियड के तत्काल कवर 2-स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता नहीं 3-कैशलेस सुविधा और साझेदार अस्पतालों के साथ बिलों का सीधा निपटारा 4-विशिष्ट बीमारियों के लिए अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के शुल्क को कवर करता है। 5- व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा की तुलना में काफी कम प्रीमियम  Also Read - शादी के 18 साल बाद अपूर्व अग्निहोत्री और शिल्पा सकलानी बने पेरेंट, बेटी को दिया ये ट्रेडिशनल और मीनिंगफुल नाम