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स्‍ट्रोक का खतरा बढ़ाती हैं गर्भनिरोधक गोलियां, खाने से पहले जान लीजिए इनके बीच कनेक्शन

29 अक्टूबर को जब वैश्विक स्तर पर वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जा रहा है, तब हम आपको बताने जा रहे हैं गर्भनिरोधक गोली और स्ट्रोक के बीच कनेक्शन (kya garbh nirodhak goli khane se stroke hota hai ) के बारे में।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : October 29, 2025, 7:38 AM

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Medically Verified By: Dr. Pushpendra Ranjan

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क्या गर्भनिरोधक गोलियां लेने से स्ट्रोक होता है?

Can Hormonal Birth Control Cause Stroke : आज की आधुनिक जीवनशैली में प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए गर्भनिरोधक गोलियां (Contraceptive Pills) महिलाओं के लिए एक आम विकल्प बन चुकी हैं। महिलाएं समय-समय पर कई बार डॉक्टर की सलाह पर गर्भनिरोधक गोलियां लेती हैं, तो कई बार बिना किसी सलाह के भी इसका सेवन करती हैं। लेकिन समय-समय पर यह सवाल उठता रहा है- क्या गर्भनिरोधक गोली लेने से स्ट्रोक (Stroke) का खतरा बढ़ जाता है? 29 अक्टूबर को जब वैश्विक स्तर पर वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जा रहा है, तब हम आपको बताने जा रहे हैं गर्भनिरोधक गोली और स्ट्रोक के बीच कनेक्शन के बारे में।

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गर्भनिरोधक गोलियां क्या हैं?

इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पुष्पेंद्र रंजन के अनुसार, गर्भनिरोधक गोलियां या Oral Contraceptive Pills (OCPs) महिलाओं द्वारा गर्भधारण रोकने के लिए ली जाती हैं। गर्भनिरोधक गोलियां महिलाओं में हार्मोन ओव्यूलेशन (अंडे के निकलने की प्रक्रिया) को रोकते हैं और गर्भाशय की परत में ऐसे बदलाव करते हैं जिससे फर्टिलाइजेशन नहीं हो पाता है।  Also Read - एक स्वस्थ गर्भधारण के लिए मानसिक शांति भी जरूरी है, आयुर्वेद की मदद से कैसे खुद को करें रिलैक्स

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गर्भनिरोधक और स्ट्रोक के बीच कनेक्शन

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई रिसर्च बताती है कि एस्ट्रोजन हार्मोन आधारित गर्भनिरोधक गोलियां महिलाओं के शरीर में खून में क्लॉट बनने का जोखिम बढ़ा सकती हैं। यही क्लॉट अगर मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं तक पहुंच जाए तो स्ट्रोक का खतरा हो सकता है। वहीं, इस बारे में डॉ. पुष्पेंद्र रंजन बताते हैं कि गर्भनिरोधक गोलियों में मौजूद एस्ट्रोजन खून में कुछ खास प्रोटीन (Clotting factors) को सक्रिय कर देता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है। अगर ये क्लॉट दिमाग की नसों में बनते हैं तो इससे इस्केमिक स्ट्रोक हो सकता है।

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किन महिलाओं को है ज्यादा खतरा

डॉक्ट बताते हैं कि अगर किसी महिला पहले से हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, धूम्रपान या माइग्रेन जैसी समस्याओं से जूझ रही है, तो उसमें  गर्भनिरोधक गोलियां लेने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि हर महिला को गर्भनिरोधक गोली लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।  Also Read - शरीर में रोज दिखते हैं ये 5 लक्षण, तो बिना देरी किए चेकअप करवा लें

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सावधानी

WHO और CDC (Centers for Disease Control) की रिपोर्ट बताती है कि अगर किसी महिला की उम्र 35 साल या उससे ज्यादा है और वह धूम्रपान करती है, तो उसे गर्भनिरोधक गोली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, माइग्रेन, मोटापा और जिन परिवारों में स्ट्रोक की हिस्ट्री रही है उन्हें गर्भनिरोधक गोली लेते समय सतर्क रहना चाहिए।

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गर्भनिरोधक का बेहतर विकल्प क्या है?

अगर किसी महिला में स्ट्रोक का खतरा ज्यादा है, तो ये गैर-हार्मोनल विकल्प बेहतर माने जाते हैं। ऐसे में महिलाएं कॉपर टी, कंडोम, डायाफ्राम या सर्वाइकल कैप का इस्तेमाल करके गर्भधारण को रोक सकती हैं। डॉ. पुष्पेंद्र बताते हैं कि ये तरीके हार्मोन पर निर्भर नहीं करते, इसलिए ब्लड क्लॉट या स्ट्रोक के खतरे को नहीं बढ़ाते हैं।  Also Read - उमस भरे मौसम में ऑयली स्किन की देखभाल कैसे करें?