क्या चाय पीने से बढ़ सकता है आपका वजन?

Verified VERIFIED By: Ms. Rhitika Sharma

Can drinking tea cause weight gain: भारत में लोग एक दिन में कई बार दूध, पत्ती और चीनी वाली चाय पीते हैं। ऐसे में ये सवाल उठना लाजिमी है कि क्या चाय पीने से वजन बढ़ सकता (Kya Chai peene Se wajan Badta hai) है?

Written by Ashu Kumar Das | Updated : November 6, 2025 11:05 AM IST

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क्या चाय पीने से वजन बढ़ता है?

Can Drinking Tea cause Weight Gain: भारत में सुबह की शुरुआत चाय के बिना अधूरी लगती है। चाहे दफ्तर हो, कॉलेज या घर एक कप गर्मागर्म चाय दिनभर की थकान मिटा देती है। चाय पीने से दिमाग और मन को तो सुकून मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं 1 कप चाय आपको सिर्फ सुकून नहीं बल्कि बढ़ा हुआ वजन भी दे रही है। बहुत से लोग मानते हैं कि चाय हल्की होती है और इससे वजन नहीं बढ़ता, लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। दरअसल, चाय खुद मोटापा नहीं बढ़ता, लेकिन जिस तरह से और जितनी बार हम चाय पीते हैं, वह हमारे शरीर पर असर डालती है और वजन बढ़ने का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कैसे चाय वजन बढ़ने का कारण बनती है?

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चाय में क्या-क्या पाया जाता है?

फरीदाबाद के सेक्टर 8 स्थित सर्वोदय अस्पताल की सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट ऋतिका शर्मा (Ms. Rhitika Sharma Senior Dietitian and Nutrition Consultant Sarvodaya Hospital,Sector-8, Faridabad) के अनुसार, चाय मुख्य रूप से टी लीफ (Camellia sinensis) से बनाई जाती है। चाय में कैफीन, टैनिन, फ्लेवोनॉयड और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर को ऊर्जा देते हैं, लेकिन जब इसमें दूध, चीनी या क्रीम डाली जाती है, तो इसका पोषण स्तर पूरी तरह बदल जाता है। 1 कप चाय में लगभग 120-150 कैलोरी तक पाई जाती है। अगर आप दिन में 3-4 कप चाय पीते हैं, तो आप 400–600 अतिरिक्त कैलोरी ले रहे होते हैं और यही आपके वजन बढ़ने की शुरुआत हो सकती है।  Also Read - Weight Loss Alert: क्या कॉफी है सबसे सस्ता फैट बर्नर?

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क्या वाकई चाय पीने से वजन

न्यूट्रिशनिस्ट ऋतिका शर्मा बताती हैं कि अगर सीधे शब्दों में कहा जाए तो हां चाय पीने से आपका वजन बढ़ता है। अगर आप 1 दिन में 3 से 4 कप चाय पीते हैं  तो शरीर जितनी कैलोरी खर्च करता है, अगर उससे ज्यादा कैलोरी लेता है, तो वह फैट के रूप में जमा होने लगती है। लगातार मीठी, क्रीमी या मसाला-चाय पीने से कैलोरी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है।

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चाय पीने से वजन बढ़ने का कारण

ज्यादातर लोग चाय में दो या उससे ज्यादा चम्मच चीनी डालते हैं। 1 कप चाय में लगभग 2 चम्मच चीनी = 40 कैलोरी। अगर आप दिन में 3 कप चाय पीते हैं, तो केवल चीनी से ही 120 कैलोरी अतिरिक्त मिलती है। इससे शरीर में फैट जमा होता है। जिससे मोटापा और वजन बढ़ता है। Also Read - पित्त को संतुलित करने के लिए क्या खाएं? जानें ठंडी तासीर की चीजों की लिस्ट

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फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल

फुल क्रीम दूध में फैट की मात्रा ज्यादा होती है। 1 कप फुल क्रीम दूध में लगभग 8–10 ग्राम फैट और 150 कैलोरी होती है। अगर आप चाय में क्रीम या मलाई डालते हैं, तो कैलोरी और भी बढ़ जाती है। जो भी वजन बढ़ने की वजह बन सकता है। भारत में चाय के साथ बिस्कुट, समोसा, पकोड़े या नमकीन खाना आम बात है। यह स्नैक्स कैलोरी का सबसे बड़ा सोर्स है। सिर्फ चाय पीने से नहीं बल्कि कई बार चाय के साथ छोटी-छोटी चीजें खाने से भी वजन बढ़ सकता है।

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मेटाबॉलिज्म होता है कम

चाय में कैफीन होता है जो नींद को प्रभावित करता है। नींद पूरी न होने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म (पाचन और ऊर्जा खर्च करने की प्रक्रिया) धीमा हो जाता है। इससे कैलोरी जल्दी बर्न नहीं होती और वजन बढ़ने लगता है। न्यूट्रिशनिस्ट कहती हैं कि चाय में मौजूद कैफीन अगर सीमित मात्रा में ली जाए तो यह नुकसानदायक नहीं है। लेकिन अगर आप बार-बार मीठी दूध वाली चाय पीते हैं, तो यह छिपी हुई कैलोरी आपके वजन को बढ़ा सकती है। उनका कहना है कि एक कप चाय कोई समस्या नहीं है, लेकिन 4-5 कप रोजाना पीना वजन और ब्लड शुगर दोनों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए अगर आप फिट रहना चाहते हैं तो अपनी चाय की आदत में थोड़ा बदलाव करें।  Also Read - इमरान खान की दाईं आंख की 85% रोशनी खत्म, क्या वाकई खतरे में है पाकिस्तान के पूर्व पीएम की सेहत?

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चाय को पकाना है जरूरी

चाय का फायदा उठाने के लिए उसे सही तरीके से पकाना बहुत जरूरी है। चाय में फ्लेवोनॉइड्स (Flavonoids) पाए जाते हैं, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ये शरीर में सूजन को कम करते हैं, दिल को स्वस्थ रखते हैं, और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। लेकिन जिस तरह हम अक्सर चाय को बार-बार उबालते हैं, उससे ये फ्लेवोनॉइड्स नष्ट हो जाते हैं और उनके स्थान पर टॉक्सिन्स (हानिकारक तत्व) बन सकते हैं। इसलिए चाय बनाते समय उसे सिर्फ 2-3 उबाल देना ही पर्याप्त होता है।इससे चाय का स्वाद और गुण दोनों सुरक्षित रहते हैं।