Mental Physical Health : मानसिक-शारीरिक सेहत के 6 टिप्स

आप चाहते हैं कि आप हेल्दी लाइफ जिएं, तो जीवन को संतुलित बनाना होगा। संतुलित जीवनशैली अपनाना होगा। इससे जिंदगी में खुशियां बरकरार रहेंगी, तनाव कम होगा और आप सकारात्मक रूप से सोच पाते हैं। जीवन को संतुलित बनाए रखने के लिए इन टिप्स को जरूर अपनाएं-

Written by Anshumala | Published : September 17, 2019 7:10 PM IST

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मानसिक सेहत अच्छी रहेगी, तो आप संपूर्ण रूप से स्वस्थ महसूस करेंगे। दिमाग की सेहत सही रहती है, तो काम में भी मन लगता है। आप बेहतर तरीके से परफॉर्म कर पाते हैं। मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध स्वस्थ्य शरीर से है। कहते भी हैं कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। यदि आपका शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा है, तो मानसिक सेहत भी दुरुस्त रहेगी। सेहत खराब होने से शारीरिक और मानसिक ऊर्जा में कमी आ जाती है। इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। मस्तिष्क तक सूचना पहुंचाने की क्षमता धीमी हो जाती है। काम करने की रफ्तार कम हो जाती है। आप चाहते हैं कि आप हेल्दी लाइफ जिएं, तो जीवन को संतुलित बनाना होगा। संतुलित जीवनशैली अपनाना होगा। इससे जिंदगी में खुशियां बरकरार रहेंगी, तनाव कम होगा और आप सकारात्मक रूप से सोच पाते हैं। जीवन को संतुलित बनाए रखने के लिए इन टिप्स को जरूर अपनाएं-

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दिनभर में थोड़ी देर हंसे भी- वैज्ञानिक दृष्टिकोण के मुताबिक, हंसने से मस्तिष्क एवं शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोंस खत्म होते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जापान में शोधकर्ताओं ने पाया है कि कॉमिक कहानी एवं शो देखने के बाद गठिया रोग से पीढ़ित लोगो के दर्द में गजब की राहत मिली। खुलकर हंसने से कई बीमारियां और दूषित भावनाएं अपने आप ही दूर रहती हैं। फिर मानसिक-शारिरिक सेहत के लिए हंसने से कैसा परहेज। दिनभर में एक मौका तो ऐसा हो, जब आप खुलकर हंस सकें। Also Read - योग, आयुर्वेद, पंचकर्म और नेचुरोपैथी से पंतजलि योगपीठ में होता है बीमारियों का इलाज, जानें क्या है ट्रीटमेंट का पूरा प्रोसेस

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मन की शांति के लिए मेडिटेशन- शरीर और मस्तिष्क दोनों को संतुलित रखने के लिए मेडिटेशन सबसे कारगर है। मेडिटेशन के दौरान आप रिलैक्स महसूस करते हैं। इस दौरान आपका शरीर आराम की मुद्रा में होता है, वहीं मस्तिष्क भी विचारों से दूर एकदम शांत होता है। शोध के अनुसार, हाइपरटेंशन, हृदय रोग, चिंता, अवसाद, तनाव आदि का खतरा दूर करने में मेडिटेशन सबसे कारगर है। रिसर्च के मुताबिक आठ सप्ताह मेडिटेशन करने के बाद आप न सिर्फ शांत महसूस करेंगे, बल्कि याददाश्त भी बढ़ेगी और पहले से ज्यादा तरोताजा महसूस करेंगे।

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हेल्दी डाइट - गलत खानपान का सेहत पर बहुत प्रभाव पड़ता है। अपने रोजाना के खाने में छह तरह के आयुर्वेदिक स्वाद, रंग-बिरंगे फल और सब्जियों को शामिल करें। शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए खानपान पोषण युक्त होना चाहिए। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आप संतुलित आहार ले रहे हैं, जिसमें छह स्वाद (मीठा, नमक, खट्टा, कसैला, कड़वा और तीखा) जरूर हो। इसके अलावा हमेशा ताजा खाना खाएं। Also Read - वजन घटाने के लिए कितना सही है Bariatric Surgery, जानें किन लोगों के लिए है फायदेमंद

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हर दिन करें व्यायाम- रोजाना कुछ मिनट का शारीरिक व्यायाम आपके शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है। मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ ही एजिंग को रोकता है और आप अपनी उम्र से कहीं ज्यादा युवा दिखते हैं। इसके अलावा भावनात्मक संतुलन भी बना रहता है। मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है, नया सीखने और ग्रहण करने के लिए मस्तिष्क अधिक फुर्ती से काम करता है। अवसाद एवं तनाव से उबरने में भी एक्सरसाइज काफी लाभदायक है।

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भरपूर नींद लें- आधी-अधूरी नींद आपको तमाम बीमारियों के दलदल में धकेल सकती है। स्वस्थ रहने के लिए पूरी नींद लेना बहुत जरूरी है। इससे आप तरोताजा महसूस करें और स्वस्थ रहेंगे। किसी भी काम को पूरी सक्रियता के साथ करने में सक्षम रहेंगे। वहीं नींद पूरी न होने पर शरीर भी थका रहेगा और मन भी चिड़चिड़ा रहेगा। लिहाजा शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से आप बीमार हो जाएंगे। आधी नींद आपके रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करती है। सामान्य तौर पर छह से आठ घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।  Also Read - इन 5 लोगों के लिए नुकसानदेह हो सकता है पपीता, रोजाना खाने से बढ़ सकती हैं परेशानियां

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गुस्सा व निराशा करें दूर- अधिकतर लोग आहत भावनाओं, निराशा और दबे हुए गुस्से को अपने अंदर लिए घूमते हैं। ये नकारात्मक भावनाएं आपके मन-मस्तिष्क में रहकर आपका ही नुकसान करती हैं, इसलिए इन्हें दूर करना बहुत जरूरी है। कुछ देर खुद के साथ अकेले में बैठें और सोचें कि इस बदलाव के बाद आपका जीवन कैसा हो जाएगा। इसके बाद आप बाकायदा इन भावनाओं को खुद से दूर करेंगे और लोगों के सामने एक नए अंदाज में खुद को पेश करेंगे। अगर इसके लिए आपको दूसरों की मदद की जरूरत है, तो जरूर लें। वैसे भी दुख बांटने से कम ही होता है।