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मानसून में बाल क्यों हो जाते हैं चिपचिपे? एक्सपर्ट ने बताए 5 बड़े कारण

गर्मियां और फिर मानसून, ये दोनों ही सीजन स्कैल्प और बालों को बहुत ही बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। खासकर अगर बालों के चिपचिपे होने की बात करें तो यह इतना बढ़ जाता है कि रोजाना हेयर वॉश करने की नौबत आ जाती है। लेकिन ऐसा क्यों होता है, आइए एक्सपर्ट से जानते हैं।

Written By Vidya Sharma
Updated : June 25, 2026 2:26 PM IST

मानसून में बाल चिपचिपे क्यों हो जाते हैं?

बारिश का मौसम शुरु हुआ नहीं है कि हम में से बहुत से लोग ऑयली स्कैल्प, स्कैल्प पर खुजली और बालों के चिपचिपेपन से परेशान होना शुरु हो गए होंगे। कई लोग देखते हैं कि बाकी मौसमो के बजाय मानसून में रोजाना या एक-एक दिन छोड़कर हेयर वॉश करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अगले ही दिन बाल तैलीय, बेजान और गंदे लगने लगते हैं। बहुत सी महिलाएं अपना शैम्पू बदल लेती हैं, लेकिन ऐसा करना फायदेमंद तभी हो सकता है जब आपको पता हो कि आखिर बाल चिपचिपे क्यों हो रहे हैं। हम चाहते हैं कि आपको सही कारण पता हों, इसलिए हमने बात की स्किन और हेयर केयर एक्सपर्ट शहनाज हुसैन से। उन्होंने इस समस्या के जो कारण बताए, वो कुछ इस प्रकार हैं-

स्कैल्प में नमी का बढ़ जाना

बरसात के इस मौसम में हवा में मौजूद नमी न सिर्फ हमारी त्वचा को प्रभावित करती है, बल्कि स्कैल्प और बालों पर भी असर डालती है। स्कैल्प में सिबेसियस ग्रंथियां होती हैं जो नेचुरली सीबम बनाती हैं, जो स्कैल्प को नरिश और बालों की नमी बनाए रखने को लॉक करने में मदद करता है। हालांकि, मानसून में यह नमी अधिक हो जाती है और फिर हमारी स्कैल्प पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा ऑयली हो जाती है। नतीजा यह होता है कि बाल ऑयली दिखने लगते हैं और उन्हें रोजाना धोने की जरूरत महसूस होती है. तैलीय दिखने लगते हैं और चिपचिपे महसूस होते हैं।

स्कैल्प से ज्यादा पसीना आना

मानसून के मौसम में अक्सर तापमान बढ़ने और हवा में नमी होने के कारण, अजीब सा उमस भरा वातावरण हो जाता है। ऐसे में स्कैल्प से ज्यादा पसीना आ सकता है। जब पसीना स्कैल्प के नेचुरल तेलों के साथ मिलता है, तो यह स्कैल्प और बालों की लटों पर एक चिपचिपी परत बना देता है। इससे न सिर्फ बाल ऑयली हो जाते हैं, बल्कि गंदगी और प्रदूषण भी स्कैल्प पर चिपक जाता है। जिससे बालों की स्थिति और भी खराब हो जाती है।

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गंदगी और प्रदूषण का जमावड़ा

बारिश के मौसम के कारण पर्यावरण में प्रदूषकों में काफी वृद्धि होती है; धूल और नमी के साथ मिलकर, ये कण आसानी से तैलीय बालों और पसीने वाले स्कैल्प से चिपक जाते हैं। यह एक तथ्य है कि चिपचिपे बाल अधिक गंदगी को आकर्षित करते हैं और अशुद्धियों से भर जाते हैं। यदि ठीक से ध्यान न दिया जाए तो यह जमावड़ा असुविधा, खुजली और यहाँ तक कि स्कैल्प से संबंधित समस्याओं का कारण बन सकता है।

फंगल ग्रोथ भी है एक कारण

मानसून की गर्म और हम्यूडिटी वाली स्थिति में फंगस और बैक्टीरिया को पनपने में मदद करती हैं, जिससे रूसी, खुजली और जलन जैसी आम स्कैल्प समस्याएं पैदा हो जाती हैं। इन स्थितियों में स्कैल्प अनहेल्दी हो जाती है और ज्यादा ही तेल बनाने लगती है। जब स्कैल्प में ऑयल का प्रोडक्शन ज्यादा होगा तो वह चिपचिपी भी नजर आएगी और उसपर गंदगी भी चिपकगी।

क्या मानसून में पतले बालों पर ज्यादा असर पड़ता है?

एक्सपर्ट बताती हैं कि पतले बालों वाले लोगों को अक्सर अन्य प्रकार के बालों की तुलना में चिपचिपाहट की समस्या ज्यादा होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पतले बाल स्कैल्प के करीब होते हैं, जिससे अतिरिक्त तेल जड़ों से बालों की लंबाई तक आसानी से फैल सकता है। इससे बाल कुछ ही समय में चिपचिपे और बेजान दिख सकते हैं। डिस्क्लेमर: अगर आपके बार बहुत ही ज्यादा ऑयली और चिपचिपे हो गए हैं तो कोशिश करें कि एक-एक दिन छोड़कर हेयर वॉश करें। इसके अलावा समस्या अधिक बढ़ने पर किसी अच्छे हेयर एक्सप्ट से परामर्श लेना न भूलें।