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जानें आपकी पिम्पल की समस्या पर कितना असर करते हैं ये 12 तेल !

कोको बटर हमारी त्वचा के लिए कई तरीकों से फायदेमंद है , लेकिन एक्ने के लिए नहीं।

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Written By: Editorial Team | Updated: April 11, 2017, 7:13 PM

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Natural Oils And Their Effect On Our Skin Hindi

स्किन केयर में नैचुरल तेलों का महत्वपूर्ण योगदान है। पिम्पल से राहत के लिए पारम्परिक तरीकों और घरेलू नुस्खों में विभिन्न प्रकार के तेलों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इनमें से सभी फायदेमंद नहीं होते। क्योंकि ये रोमछिद्रों को ब्लॉक कर देते हैं। इसे कॉमेडीजनिकिटी (comedogenicity) कहा जाता है, जिसके आधार पर इस स्लाइड में हम बता रहे हैं 12 प्रकार के तेलों की क्लॉगिंक क्षमता।

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Argan Hindi

अर्गन (Argan )तेल हाल के वर्षों में सौंदर्य उद्योग में काफी लोकप्रिय बन गया है। कॉमेडोजेनिक स्केल पर इसे 0 अंक मिलते हैं,यानि कि यह पिम्पल वाली स्किन के लिए एक बेहतरीन तेल है। Also Read - प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है? डाइटिशियन ने शेयर किए टिप्स

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Castor-oil Hindi

इसकी मोटी और चिपचिपी स्थिरता के कारण लोगों को लगता है कि कैस्टर ऑयल रोमछिद्रों को क्लॉग कर सकता है। लेकिन इसे भी 0 अंक मिले हैं। इसका मतलब है कि कैस्टर ऑयल पिम्पल वाली त्वचा पर लगाया जा सकता है। हालांकि इसमें रिकिनोलिक एसिड (ricinoleic acid) काफी ज़्यादा होता है जो त्वचा को रूखा-सूखा बना सकता है। इसीलिए इसे लगाने से पहले किसी पतले तेल में मिक्स कर लें।

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Cocoa-Butter-Hindi

कोको बटर हमारी त्वचा के लिए कई तरीकों से फायदेमंद है , लेकिन एक्ने के लिए नहीं। 4 अंकों के साथ कोको बटर आपकी त्वचा पर और अधिक पिम्पल उभारने का काम करता है। लेकिन जिन्हें पिम्पल नहीं होते वे बड़े आराम से इसे अपनी त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए लगा सकते हैं। Also Read - आखिर कई दिनों तक भूखा रहने पर शरीर जिंदा कैसे रहता है? एनर्जी आती कहां से है?

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Coconut-oil Hindi

नारियल तेल तो स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है लेकिन क्या इसे पिम्पल वाली स्किन की मालिश के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है ? इसके रोगाणुरोधी गुणों के बावजूद नारियल तेल को कॉमेडोजेनिक स्केल पर 4 अंक मिले हैं। जिसका अर्थ है कि यह एक्ने से परेशान लोगों की त्वचा पर और पिम्पल पैदा कर सकता है।

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Flaxseed-oil Hindi

अगर आपको पिम्पल हैं तो एक अच्छा बहाना है कि आप फ्लैक्सीड का तेल न खाएं। कॉमेडोजेनिक स्केल पर 4 अंक मिलने की वजह से फ्लैक्सीड ऑयल लगाने से आपके रोमछिद्र और बंद हो सकते हैं। Also Read - WHO के अनुसार 2050 तक तेजी से बढ़ सकते हैं कैंसर के मामले, एक्सपर्ट्स ने जताई महिलाओं के लिए बताया बड़ा खतरा

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Neem-oil Hindi

नीम के पुराने तेल को पहले से ही इसके रोगाणुरोधी और मुंहासे से लड़ने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। अभी इस कड़वे तेल को लगाने का एक और बहाना आपको मिल जाएगा। दरअसल इसे 1 अंक मिले हैं जिसका अर्थ है कि इसे चेहरे पर लगाने से आपको और अधिक पिम्पल्स नहीं होगे।

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Sesame-oil Hindi

तिल के तेल या सेसमी ऑयल (sesame oil) सेहत के लिए कई तरीकों से फायदेमंद है। कलरीपायट्टु जैसे मार्शल आर्ट्स के पारम्परिक तरीकों में दर्द से राहत पाने, खून के थक्कों को तोड़ने और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने के लिए तिल के तेल से मालिश की जाती है। कॉमेडोजेनिक इंडेक्स पर 2 अंकों के साथ तिल का तेल पिम्पल वाले चेहरे पर मसाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।  Also Read - डिप्रेशन दूर करने के लिए सबसे जरूरी क्या है, अपनों से बात करना या दवाएं?

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Palm Oil Hindi

पर्यावरणविदों के अनुसार पाम ऑयल ठीक नहीं है। लेकिन यहां हम आपको इसे इस्तेमाल न करने का एक और कारण बताते हैं। पाम ऑयल को 4 अंक मिले हैं जिसका अर्थ है कि पाम ऑयल एक्ने और पिम्पल वाली त्वचा पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

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Sunflower-oil Hindi

कॉमेडोजेनिक इंडेक्स पर कोल्ड प्रेस्ड सनफ्लॉवर ऑयल को 0 अंक प्राप्त हुए। यानि कि अगर आपको पिम्पल हैं और फेशियल या मसाज में आपको सूर्यमुखी का तेल या सनफ्लॉवर ऑयल लगाना चाहती हैं तो बेहिचक लगा सकती हैं। लेकिन बस इस बात का ध्यान रखें कि आप जो तेल इस्तेमाल कर रही हैं वह रसोई में इस्तेमाल होनेवाला कूकिंग ऑयल न हो। मसाज के लिए केवल कोल्ड प्रेस्ड सनफ्लॉवर ऑयल ही लें। Also Read - मां और बच्चे की अच्छी सेहत के लिए प्रेगनेंसी की प्लानिंग के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?

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Peanut-oil Hindi

मूंगफली का तेल या पीनट ऑयल सेहत के लिए तो अच्छा है। लेकिन कॉमेडोजेनिक इंडेक्स पर 2 अंक मिलने की वजह से आपको अपने चेहरे पर इसे बहुत कम मात्रा में लगाना चाहिए।

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ALMOND-OIL Hindi

बादाम के तेल को कॉमेडोजेनिक स्केल पर 2 अंक मिले हैं और त्वचा और बालों के चिकित्सीय उपचार के लिए यह काफी मददगार है। पिम्पल वाली त्वचा पर इस मीठी-सी गंधवाले तेल को रोज़ लगाया जा सकता है। क्योंकि थोड़ी-सी मात्रा में लगाने से यह आपकी स्किन के रोमछिद्रों को क्लॉग नहीं करेगा। Also Read - 5 साल के बच्चे के कान में दर्द हो तो क्या करें? एक्सपर्ट से जानिए घर पर कैसे करें इलाज

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Wheat-germ Hindi

कई स्किनकेयर प्रॉडक्ट्स बनाने के लि इस्तेमाल होनेवाली सामग्री में वीट जर्म ऑयल (wheat germ oil) भी शामिल होता है। लेकिन कॉमेडोजेनिक स्केल पर इसे 5 अंक मिले हैं, जिसका मतलब है कि यह पिम्पलवाली त्वचा के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है।