Ayurvedic tips for lungs: कोरोना से फेफड़ों को बचाना है तो पींए ये आयुर्वेदिक टोनर, लंग्‍स तक नहीं पहुंचेगा कोरोना इंफेक्‍शन

फेफड़ों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए हम आपको कुछ आयुर्वेदिक तरीके (ayurvedic ways to protect your lungs in hindi) बता रहे हैं। इन्हें फॉलो करे से कफ दोष (kapha dosha) भी कम होता है।

Written by Rashmi Upadhyay | Published : May 3, 2021 12:06 PM IST

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कोरोना से फेफड़ों को बचाने की आयुर्वेदिक टिप्‍स

पिछले साल के कोरोना में और इस साल के कोरोना में काफी अंतर है। पिछले साल अगर किसी को कोरोना हो रहा था तो घरेलू उपचार अपनाकर और होम आइसोलेशन में रहकर काफी लोग संक्रमण मुक्‍त हो रहे थे। लेकिन साल 2021 में कोरोना संक्रमित होने के बाद फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं। कई कोरोना मरीज ऐसे हैं जिनके संक्रमण की चपेट में आने के बाद फेफड़ों फेल हो रहे हैं (Coronavirus affects lungs) और उनकी मौत हो रही है। क्‍योंकि कोरोना श्वसन प्रणाली से संबंधित रोग है इसलिए फेफड़ों को स्‍वस्‍थ रखना बहुत जरूरी है। जब प्रदूषण और वातावरण में मौजूद केमिकल सांस की नली में जमा हो जाते हैं तो सीने में घरघराहट, सांस फूलना, दम घुटने और भारीपन जैसे लक्षण महसूस होते हैं। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसी आयुर्वेदिक टिप्‍स बता रहे हैं जो आपके फेफड़ों को कोरोना संक्रमण (Ayurvedic tips for lungs) से बचाने में मदद करेंगे।

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फेफड़े के लिए आयुर्वेदिक टोनर (Ayurvedic Tea For Lungs In Hindi)

फेफड़ों को कोरोना से बचाना है तो आपको ज्‍यादा से ज्‍यादा आयुर्वेदिक की ओर बढ़ना होगा। आप घर में आयुर्वेदिक टोनर पीकर भी फेफड़ों को स्‍वस्‍थ रख सकते हैं। इसे बनाने के लिए 3-4 तुलसी के पत्‍ते लें इौर इसमें एक छोटा टुकड़ा मुलेठीया पिपली मिलाएं। अब इन्‍हें पानी में उबालें। जब तक पानी आधा न हो जाए तब तक इसे पकाएं। अब इसे छानकर एक ग्‍लास में निकालें और इसमें शुगर मिलाएं। अब गर्म गर्म इसे पीएं। यह फेफड़े को साफ करेगा और संक्रमण से बचाएगा।  Also Read - चिप्स और कोल्ड ड्रिंक बन रहे हैं दुश्मन: बच्चों में फैटी लिवर का खतरा, पेरेंट्स जान लें इसके 6 लक्षण

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नाक में घी डालें (Ghee In Nostrils In Hindi)

इस प्रकिया को करने के लिए अपनी अंगुली में घी लें और इसे अपने नाक में डालकर हल्‍के हाथों से मसाज करें। इसे हल्‍का हल्‍का सूंघे। सूँघने से घी नाक के मार्ग से फेफड़ों तक पहुंचेगा। इसके अलावा आप लेटकर भी घी को अपने नथुने में 2-3 बूंदें डाल सकते हैं। यह नाक की कन्‍जेशन को साफ करने के साथ ही कफ दोष को भी संतुलित करने में मदद करता है।

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फेफड़ो के लिए कवला या ऑयल पुलिंग (Oil Pulling For Lungs In Hindi)

ऑयल पुलिंग को कवला या गंडुशा भी कहते हैं। इस प्रक्रिया में ऑयल से गरारा किया जाता है जिससे शरीर में मौजूद हानिकारण टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं। आमतौर पर इस प्रक्रिया में तिल के तेल का प्रयोग किया जाता है। ऑयल पुलिंग करने से गले में जमा कफ साफ होता है, साइनस साफ होता है और श्वसन प्रणाली में किसी भी प्रकार के एनर्जिक रिएक्‍शन होने का रिस्‍क कम होता है। इसे करने के लिए आप कोई भी तेल जैसे कि खाद्य तेल, तिल या सूरजमुखी के तेल की थोड़ी मात्रा लें और इसे करीब 2 मिनट तक अपने मुंह के चारों ओर घुमाएं और थूक दें। इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक दोहराएं। ऑयल पुलिंग से फेफड़े स्‍वस्‍थ रहते हैं।  Also Read - चीनी खाने से बढ़ जाता है कैंसर का खतरा? World Cancer Day पर जानें कैंसर से जुड़े 5 मिथकों की सच्चाई

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पुदीने की भाप (Pepermint Steam In Hindi)

कोरोना संकट के बीच भाप लेना बहुत जरूरी है। जब आप स्‍टीम लेते हैं तो पानी की गर्म भाप गले और मुंह के रास्‍ते से फेफड़ों तक पहुंचती है। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा तो कम होता ही है साथ ही कफ दोष भी कम होता है। भाप लेने वक्‍त आपको गर्म पानी में पुदीने के पत्‍ते या पुदीने के पत्‍तों के तेल की 2-3 बूंदे डालनी है।